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अपनी गर्लफ्रेंड के खातों में डालते थे रुपए, कॉल सेंटर में करते थे काम

लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाला यूपी का गिरोह पकड़ा

Bhaskar News | Last Modified - Dec 29, 2017, 08:05 AM IST

अपनी गर्लफ्रेंड के खातों में डालते थे रुपए, कॉल सेंटर में करते थे काम

कोटा. लोगों को मीठी बातों के जाल में फंसाकर लोन दिलाने के बहाने लाखों रुपए ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोटा शहर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के तीनों सदस्यों उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, इनमें से एक एमबीए डिग्रीधारक है। ये तीनों पहले नोएडा में कॉल सेंटरों पर काम करते थे। जांच के बाद तीनों को विज्ञान नगर पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार कर कोटा में कोर्ट में पेश किया, जहां से 5 दिन के रिमांड पर सौंपा गया है। शुरुआती पूछताछ में अलग-अलग राज्यों के लोगों से 82 लाख रुपए ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि इनसे ठगी की अन्य वारदातें भी खुलेंगी।

- विज्ञान नगर सीआई मुनींद्र सिंह ने बताया कि थाने पर डेढ़-दो माह पहले विज्ञान नगर निवासी अब्दुल रहीम खान ने एक परिवाद दिया था, जिसमें कहा था कि उसे 2.5 करोड़ रुपए लोन दिलाने की लालच देकर कुछ लोगों ने 40 लाख रुपए ठग लिए।

- आरोपियों ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर पैसा हड़प लिया। परिवाद की शुरुआती जांच के बाद जब मामला तथ्यात्मक रूप से ठगी का पाया गया तो 16 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई। - लंबी-जांच पड़ताल के बाद यूपी के औरेया निवासी दीपक बाबू (27) व चंद्रभान उर्फ ऋषि सिंह (27) तथा गाजियाबाद के अजय बघेल (26) को गिरफ्तार कर लिया। दीपक एमबीए किया हुआ है, जबकि उसके दोनों साथी भी उच्च शिक्षा प्राप्त हैं।

ऐसे खुला मामला

जांच के सिलसिले में पुलिस ने जब उन 4-5 बैंक खातों की डिटेल ली, जिनमें अब्दुल रहीम खान ने पैसा डलवाया था। पता चला कि ये सभी खाते लड़कियों के हैं, जिन्हें खुद आरोपियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। इन लड़कियों तक पुलिस पहुंची तो बताया कि हमारी कुछ युवकों से दोस्ती है। इन युवकों ने कहा कि हमारे पास पैसा बहुत ज्यादा आता है, इसलिए ये हमारे बैंक खातों में डलवा देते हैं और समय-समय पर निकालते रहते हैं। हमारे एटीएम भी इन्हीं लड़कों के पास है। जांच-पड़ताल में पता चला कि आरोपियों ने इन लड़कियों को अपने नाम-पते गलत दे रखे थे और फर्जी नाम से इनसे दोस्ती की हुई थी। मोबाइल नंबर भी अक्सर बदलते रहते थे और सिम भी फर्जी यूज करते थे। इसी बीच पुलिस को एक लड़की के मोबाइल नंबर मिले, जिसके ब्वॉयफ्रेंड की इन आरोपियों से दोस्ती थी। उस लड़की तक पहुंचने के बाद उसे विश्वास में लिया और पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई। बैंक खातों व मोबाइल की कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस टीम ने नोएडा, मथुरा, औरेया, गुरुग्राम में कई दिन बिताए।

90 लाख का लोन लिया, 40 लाख ठगों को दिए

अब्दुल रहीम ने पुलिस को बताया कि उसे पैसों की जरूरत थी और उसी समय इनका कॉल आया तो वह लोन लेने को तैयार हो गया। इनकी मांगी गई रकम जमा कराने के लिए उसने अपने घर को गिरवी रख एक बैंक से 90 लाख का लोन भी लिया। इसी में से अलग-अलग किश्तों के रूप में आरोपियों के खातों में 40 लाख रुपए जमा कराए। आरोपियों ने कभी फाइल चार्ज तो कभी लोन पर बनने वाले इनकम टैक्स और कभी कंपनी के उच्चाधिकारियों को राशि देने के लिए यह पैसा लिया।

सीआई ने बताया कि आरोपियों को कॉल सेंटर में काम करने का अनुभव है, लिहाजा बातचीत कर लोगों को फांसने में ये माहिर हैं। कॉल करने वाले से सबसे पहले लोन की जरूरत पूछते हैं, फिर उससे डिटेल लेने लगते हैं। जैसे अब्दुल रहीम ने खुद का इंश्योरेंस होना बताया तो कहा कि हम आपके इंश्योरेंस पर ही लोन दे देंगे। कोई दूसरा हो तो उससे उस तरह बात करने लगते हैं। पूरा पैसा मौज-मस्ती और अय्याशी में खर्च करते थे। महंगी गाड़ियां रखना, महंगे होटलों में ठहरना इनके शौक हैं।

पुलिस पहुंची तो फरियादी से किया संपर्क
जैसे ही पुलिस को इनकी पुख्ता लोकेशन मिली और विज्ञान नगर पुलिस की टीम औरेया पहुंची। इस पर आरोपियों को आभास हो गया कि पुलिस उन तक पहुंच गई। वे डर गए और कोटा में फरियादी अब्दुल रहीम से संपर्क कर पैसा लौटाने की बात कही। हालांकि पुलिस ने इन्हें ज्यादा समय नहीं दिया और एक को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद दोनों भी हत्थे चढ़ गए।

रेंडमली करते थे कॉल

आरोपी रेंडमली कॉल करते थे। कॉल सेंटर पर काम करने के अनुभव से इन्हें नंबर प्राप्त करने में कोई दिक्कत नहीं आती थी। एक-एक को रेंडमली कॉल करके जैसे ही लगता था कि सामने वाले को पैसों की जरूरत है तो तत्काल भांप लेते और उसे फंसाना शुरू कर देते। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में सीआई मुनींद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर रमेशचंद भार्गव, हैड कांस्टेबल सुंदर सिंह व आरिफ, कांस्टेबल सुरेश, गजेंद्र, सुनीता थे।

मुंबई और उत्तर प्रदेश में भी कई लोगों के साथ की लाखों की धोखाधड़ी

आरोपियों ने पूछताछ में देशभर में ठगी की बात स्वीकार की है। अब तक की पूछताछ में अश्विनी गुंजन प्रॉपर्टी डीलर, मुंबई से 15 लाख रुपए, रमेश चंद, बिजनौर से 10 लाख, मेरठ के व्यापारी राकेश शर्मा से 13 लाख, आगरा में लीना चौधरी से 3 लाख, मेरठ के जितेंद्र से 1 लाख रुपए ठगना स्वीकार किया है। रिमांड अवधि में पुलिस इन लोगों से भी संपर्क करेगी और अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ करेगी।

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Web Title: apni garlfrend ke khaaton mein daalte the rupaye, kol sentr mein karte the kam
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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