कोटा

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फरवरी के दूसरे हफ्ते में बाघों से आबाद होगा मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व

घाटी माता मंदिर वनक्षेत्र में एनक्लोजर को 15 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य

Danik Bhaskar

Jan 17, 2018, 06:07 AM IST

कोटा. मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में फरवरी में बाघों को शिफ्ट किया जाएगा। उम्मीद है कि 14 या 15 फरवरी तक बाघों की सॉफ्ट रिलीज की जा सकती है। टाइगर रिजर्व में वन विभाग जोर-शोर से तैयारियों में जुटा हुआ है। भास्कर से बातचीत में डीसीएफ एसआर यादव ने भी माना कि कि फरवरी में बाघों को छोड़ा जाएगा।

- उन्होंने कहा कि बजरी के संकट के चलते बाघों को बसाने में देरी हुई। विभाग की ओर से बाकी तैयारियों पूरी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाघों को छोड़ने की तारीख तय नहीं है। पहले चरण में 3 टाइगर छोड़े जाएंगे। इनमें टाइगर टी-91 व टाइग्रेस लाइटिंग टी-83, टी-78 शामिल हैं। पिछले 2 महीने से टी-91 रामगढ़ सेंचुरी में ही घूम रहा है।

- इधर, डीसीएफ टी मोहनराज ने बताया कि 15 फरवरी तक दरा के घाटी माता मंदिर वैली में बन रहे एनक्लोजर को कंपलीट करना है।

- यादव ने कहा कि दरा व गागरोन रेंज में बन रही 32 किलोमीटर दीवार का 6 किमी का हिस्सा बन चुका है। बाकी 14 किलोमीटर की सुरक्षा दीवार बनाने का काम चल रहा है। ये दीवार फरवरी के अंत तक बना दी जाएगी। बोराबांस में भी साढ़े 3 किमी की दीवार का काम अंतिम चरण में है।

(भास्कर को टी-91 का यह फोटो रणथंभौर के रेगुलर विजिटर व्लादीमीर चेच जेआर ने उपलब्ध कराई है।)

रेड्डी ने की रणथंभौर की विजिट

चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जीवी रेड्डी रविवार को रणथंभौर की विजिट पर थे। इसको भी मुकंदरा में टाइगर शिफ्टिंग से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि मुकंदरा में आनी वाली 2 टाइग्रेस रणथंभौर से ही आएंगी। दिसंबर में भास्कर से बातचीत में रेड्डी ने कहा था 15 फरवरी तक मुकंदरा में बाघों को बसाया जाएगा। बाघों को मुकंदरा में बसाने में हुई देरी को तब रेड्डी ने सुरक्षा दीवारों के निर्माण के लिए बजरी का संकट बताया था। हालांकि केंद्र की स्वीकृति के बाद से दीवारों का निर्माण मैन्यूफैक्चरिंग सैंड से हो रहा है। इधर, सेल्जर में एक हेक्टेयर का एनक्लोजर बन चुका है।

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