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जिसे मरा समझा, वह कोटा जेल में काट रहा सजा

Bhaskar News | Last Modified - Dec 18, 2017, 05:57 AM IST

दो दशक पहले गुना से फरार हुआ था चोरी का आरोपी, परिजनों और पुलिस ने मरा समझा
जिसे मरा समझा, वह कोटा जेल में काट रहा सजा

कोटा/गुना. कोटा सेंट्रल जेल में डकैती के मामले में सजा काट रहे एक बदमाश के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बदमाश मध्य प्रदेश के गुना का है। उसे पिछले दो दशक से गुना पुलिस और परिजन मरा हुआ मान चुके थे।

- गुना जिले के एसपी निमिष अग्रवाल ने 6 माह पहले जिले के थानों में चल रही पुराने मुकदमों की पेंडेंसी खत्म करने का अभियान चलाया।

- स्थायी वारंटियों की सूची में शामिल 700 बदमाशों की फाइल री-अोपन की गई, जिसमें बदमाश ज्ञानी पिता लटूर सिंह शिकारी निवासी साडूमरा थाना शाढौरा, जिला गुना का नाम सामने आया। उसे गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की गई।

- इस बदमाश को चोरी के आरोप में पुलिस ने वर्ष 1997 में पकड़ा था, जो कोर्ट फैसले के दिन पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। कुछ समय पुलिस ने उसे तलाशा, लेकिन बाद में किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया था। समय निकलता गया और गुना जिले के दो भाग हो गए। यह केस गुना जिले के थाने में पेंडिंग चलता रहा और बाकी सबकुछ अशोक नगर जिले शामिल हो गया।

6 माह में 10 जगहों पर गए, तब जाकर मिला सुराग

- गुना कोतवाली प्रभारी विवेक अष्ठाना ने बताया कि इसकी जांच 6 माह पहले कांस्टेबल सूर्येंद्र मिश्रा को दी। मिश्रा उसे पकड़ने उसके गांव गए तो पता चला कि ज्ञानी शिकारी नाम के शख्स की मौत तो 20 साल पहले हो चुकी है। उसके रिश्तेदारों से लेकर स्थानीय पुलिस तक सभी को यही जानकारी थी। लेकिन, उसकी मौत के संबंध में कोई कानूनी प्रमाण नहीं था। अब दो ही रास्ते बचे थे की या तो आरोपी को मृत मानकर केस फाइल बंद कर दे या फिर उसे तलाशा जाए।

एक बदमाश ने दी सूचना

- पुलिस जांच के दौरान शिकारी समुदाय के एक बदमाश ने पुलिस को ज्ञानी शिकारी के बारे में गुप्त सूचना दी। उसने बताया कि वह राजस्थान में है और किसी मामले में सजा काट रहा है। इस सूचना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

- पुलिस की जांच मध्य प्रदेश और राजस्थान के ढोंका, खुटियारी, कोटियन, मसूरिया, गाड़ी घट्टा, किशनगंज, कलमंडा और बारां होते हुए आखिरकार कोटा में जाकर पूरी हुई।

- पता चला कि 2009 में राजस्थान के किशनगंज थाने में उसके खिलाफ डकैती का प्रकरण दर्ज हुआ था। उसे सजा सुनाई गई और करीब 8 साल से वह जेल में बंद है।

- इसी दौरान उसे बारां से सेंट्रल जेल कोटा में भेज दिया गया। अब गुना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने कोटा आएगी।

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Web Title: jise mraa smjhaa, vh kotaa jail mein kat raha sjaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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