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बोगस ग्राहक से दाई ने कहा था-25 हजार रुपए में बता दूंगी कि गर्भ में बेटा है या बेटी, चिंता मत करो मेरे घर पर अबॉर्शन भी हो जाएगा!

इंदिरा कॉलोनी कच्ची बस्ती निवासी दाई शांतिरानी (50) को मंगलवार को पीबीआई ने कोटा कोर्ट में पेश किया।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 07:01 AM IST

कोटा. पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा गिरफ्तार की गई विज्ञान नगर की इंदिरा कॉलोनी कच्ची बस्ती निवासी दाई शांतिरानी (50) को मंगलवार को पीबीआई ने कोटा कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 27 फरवरी तक जेल भेज दिया। टीम ने उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी है। 24 घंटे तक की गई पूछताछ में पीबीआई को पता चला कि शांतिरानी ने कई साल पहले जेकेलोन अस्पताल से 2 साल की एएनएम की ट्रेनिंग की थी, लेकिन इसके बाद नौकरी नहीं की। पूछताछ में उसने बताया कि वह घर पर ही डिलेवरी और डीएनसी (गर्भपात) कराती थी।
उधर, पीबीआई टीम मंगलवार को फिर विज्ञान नगर स्थित सोनोग्राफी सेंटर पहुंची, जहां बोगस ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला की सोनोग्राफी कराई गई थी। यहां से टीम ने रिकॉर्ड लिया। अधिकारियों का कहना है कि अब तक सेंटर के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। एक्टिव ट्रैकर व अन्य अनुसंधान से यदि भूमिका सामने आती है तो सेंटर संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भास्कर को शांति रानी व पीसीपीएनडीटी टीम की महिला सदस्य से बतौर ग्राहक हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली है। इसमें शांतिरानी कह रही है कि पहले मैंने 3-3 हजार में खूब लिंग परीक्षण कराए हैं, लेकिन अब सख्ती ज्यादा हो गई। मुखबिरी करने वालों को एक-एक लाख रुपए मिलने लग गए। ऐसे में डॉक्टरों के लिए भी रिस्क ज्यादा हो गया और पैसा 10 गुना पैसा लगने लगा है।

जेकेलोन से ली थी एएनएम ट्रेनिंग

विज्ञान नगर में मंगलवार को जैसे ही बोगस ग्राहक को सोनोग्राफी के बाद बाहर भेजा गया तो शांतिरानी उसके साथ बाहर आई और कहा कि मैं डॉक्टर से पूछकर आती हूं कि लड़का है या लड़की है। वह अंदर गई और बाहर आकर बता दिया गर्भ में बेटी है। इसके बाद उसने डीएनसी की बात शुरू कर दी। इसके लिए 5 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। हालांकि इसी बीच टीम ने उसे धर दबोचा। बाद में जब सोनोग्राफी सेंटर के अंदर पहुंचकर टीम ने जांच की और सीसीटीवी फुटेज देखे तो पता चला कि दोबारा अंदर गई शांति ने डॉक्टर से बात ही नहीं की थी। वह यूं ही अंदर घूमकर आ गई और बाहर आकर झूठ बता दिया कि गर्भ में बेटी है।

रिकॉर्डिंग -1 : मेरे घर आ जाना, वहां कोई टेंशन नहीं है, आराम से सारी बात कर लेंगे
टीम सदस्य : मैं आप पर विश्वास करके आ रही हूं।
शांति रानी : अरे कुछ गलत-सलत होगा तो बाहर ही आएगा ना, काठ की हांडी एक बार ही चढ़ती है, मैं तो ऊपर वाले से डरती हूं।
सदस्य : नहीं पूरा विश्वास है।
शांति : पहले मैंने तुमसे बात कराई थी ना उसकी, बेटा है उसके साथ आज।
सदस्य : हां, हां।
शांति : तब तो 3-3 हजार रुपए में ही हो जाते थे बेटा, लेकिन अब रिस्क ज्यादा है, जगह-जगह लिखा है कि एक लाख रुपए इनाम।


सदस्य : आप तो मेरी गाड़ी में बैठ जाना, किसी को शक नहीं होगा।
शांति : आप तो मेरे घर आ जाना, घर पर टेंशन नहीं है, घर पर सारी बात बनाएंगे और वहीं बात करनी पड़ेगी। एक को मैं ऐसे ही लेकर गई थी और वहां जाकर नाम ही भूल गई खुद का, अब बताओ, ऐसे शक होता है ना... मरवाने का काम कर दिया, आप टेंशन मत लो।
सदस्य : ठीक है... ठीक है।

रिकॉर्डिंग-2 : यकीन न हो तो इनसे बात करो, इनको जो बताया वही हुआ

सदस्य : हैलो दीदी
शांति : देखो डॉक्टर नहीं बताएंगे, आप रहने ही दो।
सदस्य : ठीक है, मैं उसको बोल दूंगी कि डॉक्टर नहीं बताएगा, आप पर ही यकीन करना पड़ेगा
शांति : मेरे सामने ही अभी दो महिलाएं बैठी हैं, इनकाे मैंने बताया था, लो आप बात कर लो।
(शांति रानी ने सामने बैठी महिला को फोन थमा दिया)
महिला : आप निश्चिंत रहो, इनका तो हाथ लग गया ना वही काफी है... मेरे बेटी बताई तो मैंने डीएनसी कराई, फिर बेटा बताया तो बेटा ही हुआ।
सदस्य : सोनोग्राफी तो करवाएंगे ना।
महिला : उसी से तो बताएंगे, पैसे तो बीच वाले लेंगे।
सदस्य : यह सफाई भी करती है।
महिला : डिलेवरी भी करती है, सफाई भी करती है।
सदस्य : लेकिन हम तो नए-नए हैं, ये कह रही हैं कि डॉक्टर हमें ही बताएगा
महिला : हां, ऐसा ही होता है। डॉक्टर आपको नहीं बताएगा। विश्वास करना पड़ेगा।

रिकॉर्डिंग-3 : घर से ही पैसे का लिफाफा बनाकर ले आना, किसी को पता नहीं पड़ेगा
सदस्य : दीदी, मेरे को तो यह बताओ, पैसे बाद में या पहले देने पड़ेंगे।
शांति : पहले ही, जैसे आपने मेरे से बात की, मैं मुखबिरी कर सकती हूं, मुझे एक लाख रुपए मिलेगा, याद है या नहीं आपको।
सदस्य : कैसे।
शांति : अरे... अप्पन जो बातें कर रहे हैं ना यह रिकॉर्ड हो जाती हैं, इसलिए आप सावधान ही रहना बेटा।
सदस्य : तो पैसे आपको दूं क्या
शांति : पैसा तो मुझे ही देना है, घर से ही लिफाफा बनाकर लेकर चलना पड़ेगा, किसी को पता भी नहीं पड़ेगा।
सदस्य : फिर आप यह कहां बताओगे कि लड़का है या लड़की
शांति : बाहर आते ही बता दूंगी ना उसको।

सूचना पर 1 लाख इनाम
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत लागू हुई मुखबिर योजना में सफल डिकॉय कराने पर मुखबिर व बोगस ग्राहक बनने वाली गर्भवती महिला को 1-1 लाख तथा बोगस ग्राहक के साथ बतौर सहयोगी रहने वाली महिला को 50 हजार रुपए देने का प्रावधान है।

इन नंबरों पर दें सूचना

राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम : 104 या 108 टोल फ्री
कोटा पीसीपीएनडीटी समन्वयक प्रमोद कंवर : 9530390452