कोटा

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बिजली का तार गिरने से महिला की मौत, कंपनी का बहाना-चाइनीज मांझा उलझने से टूटा तार

बार-बार शिकायत के बावजूद टूटे तार को बदलने की बजाय जोड़ जाते थे कंपनी कर्मचारी

Danik Bhaskar

Jan 15, 2018, 07:53 AM IST
महिला की मौत के बाद रोते परिजन। महिला की मौत के बाद रोते परिजन।

कोटा. बिजली कंपनी केईडीएल की लापरवाही से विज्ञान नगर में रविवार दोपहर अचानक टूटे बिजली के तार से एक महिला की मौत हो गई। बार-बार शिकायत करने के बावजूद कंपनी ने तार नहीं बदला। रविवार को तार टूटकर घर के बाहर कपड़े धो रही महिला पर गिर गया। महिला को बचाने के प्रयास में उसके पति भी झुलस गए। लोगों ने बमुश्किल छुड़ाकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया और पति का उपचार चल रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों सौंप दिया है। वहीं, कंपनी हादसे के बाद भी अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती रही। भास्कर को दिए बयान में कंपनी ने कहा कि चाइनीज मांझे से उलझकर तार टूट गया।


विज्ञान नगर उड़िया बस्ती गली नंबर 2 में हीरामणि (45) पत्नी भूदेव मगराज दोपहर में कपड़े धोने के लिए घर के बाहर लगे नल के पास बैठी थी। इसी दौरान अचानक गली से गुजर रहा बिजली का तार टूटकर हीरामणि के ऊपर गिर गया। उनकी चीख सुनकर भूदेव बचाने के लिए गए तो वो भी चपेट में आ गए।

कंपनी ने स्वीकारी गलती, मुआवजा देने को तैयार
हादसे के बाद परिजन और मोहल्ले के लोग पीड़ित मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और बिजली कंपनी के अधिकारियों के सामने हंगामा कर दिया। इसके बाद कंपनी के एक्सईएन बी सहाय ने मुआवजा देने की बात स्वीकारी और लिखित में परिजनों को दिया। एक्सईएन ने लिखा कि हीरामणि की हमारी कंपनी केईडीएल की लापरवाही से मृत्यु हुई हो गई है। कंपनी इस हादसे के लिए 3 दिन में 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का इकरार करती है।

हर महीने 200 घंटे कटौती, फिर भी मेंटीनेंस नहीं
इस हादसे ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी रोज शहर के अलग-अलग इलाकों में मेंटीनेंस के नाम पर 4 से 7 घंटे की कटौती करती है। ये प्रक्रिया लगभग सालभर से चल रही है। एक महीने में मेंटीनेंस के नाम पर लगभग 200 घंटे कटौती की जाती है। कंपनी का दावा है कि इस दौरान जरूरी उपकरण और तार बदले जाते हैं। विज्ञान नगर उड़िया बस्ती के लोगों का साफ कहना है कि कई बार तार कमजोर था जिसकी कई बार शिकायत की जा चुकी थी। इसके बावजूद कंपनी ने तार नहीं बदला।


नियमानुसार मुआवजा देंगे
कंपनी तार कसने और मेंटीनेंस का काम बराबर कर रही है। रविवार को पतंग उड़ रही थी, चाइनीज मांझा तार में फंसा। मांझा जोर से खींचने पर वो तार टूटकर महिला पर गिर गया। जिससे महिला की मौत हो गई। महिला को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
-अंजन मित्रा, केईडीएल अधिकारी

मेरी मां की मौत के जिम्मेदार पूरी तरह से बिजली कंपनी वाले हैं। उनसे बार-बार शिकायत की जाती थी कि खंभे का तार टूटा हुआ है, जिसे बदला जाए। लेकिन, कंपनी के कर्मचारी गली में आते थे और बार-बार टूटे तार को बदलने की बजाय जोड़कर चले जाते थे। कंपनी वालों ने तार को बदलना उचित नहीं समझा।

- अभिमन्यु, मृतका का बेटा


दिसंबर में हुई थी मृतका के बेटे की शादी
हीरामणि के चार बेटे अभिमन्यु, कैलाश, रामू व उत्तम हैं। पड़ोसी पुरुषोत्तम ने बताया कि करीब 10-15 दिन पहले दिसंबर में हीरामणि के रामू की शादी हुई थी।

मृतका हीरामणि मृतका हीरामणि
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