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कुछ फूल मुरझाए, पर गमला खाली नहीं हुआ...

Kota News - कस्बे में शनिवार रात को कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें रातभर लोग जमे रहे। मां सरस्वती और हनुमान जी को दीप...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:00 AM IST
कुछ फूल मुरझाए, पर गमला खाली नहीं हुआ...
कस्बे में शनिवार रात को कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें रातभर लोग जमे रहे। मां सरस्वती और हनुमान जी को दीप प्रज्जवलित कर राजेंद्र गर्ग ने कवि सम्मेलन की शुरुआत की। इसके बाद मधु श्रृंगी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंच का संचालन कर रहे कवि कमल मनोहर ने अपनी कविता कुछ फूल मुरझाए,गमला खाली नहीं हुआ कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरी। सुनील सोमया ने आप छोटे नहीं होते तो कोई कैसे बड़ा होता पर खूब दाद पाई। सोनल ने गीत सबको सुनाकर चली जाऊंगी, सबको सबसे मिलाकर चली जाऊंगी पेश किया। दिनेश देशी घी ने तो रातभर श्रोताओं को हंसाया। उन्होंने कब के बिछुड़े हम कहां आ के मिले जैसी कविताएं सुनाई। कवि मनुवृत वाजपेयी ने कोई मंदिर में जाता भजन के लिए कोई कर देता है आयु खत्म धन के लिए सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कवि सम्मेलन में विधायक कंवरलाल मीणा, इंद्रमल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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