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बूंदी अस्पताल में कराया था आंख का ऑपरेशन, नहीं लौटी रोशनी

नोताड़ा पंचायत के रघुनाथपुरा निवासी कस्तूरचंद बैरवा ने अपनी एक आंख का ऑपरेशन बूंदी के जिला अस्पताल 18 मार्च को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:25 AM IST

बूंदी अस्पताल में कराया था आंख का ऑपरेशन, नहीं लौटी रोशनी
नोताड़ा पंचायत के रघुनाथपुरा निवासी कस्तूरचंद बैरवा ने अपनी एक आंख का ऑपरेशन बूंदी के जिला अस्पताल 18 मार्च को कराया था, लेकिन इसके बाद आंखों की रोशनी बढ़ने की अपेक्षा गायब हो गई।

कस्तूरचंद सदमें में घर पर बिस्तर पर बैठा रोशनी लौटने का इंतजार कर रहा है। 62 वर्षीय कस्तूरचंद ने बताया कि बूंदी जिला अस्पताल में कोटा के नेत्र चिकित्सक की टीम ने दाईं आंख का ऑपरेशन किया था। 19 को सुबह छुट्टी दे दी गई थी। घर आने के बाद जब आंख से कुछ दिखाई नहीं दिया तो डॉक्टर को फोन किया। उसने कोटा बुलाया कुछ दवाइयां दी तथा कहा कि एक आंख में ऐसे ही होता है फिलहाल दवा डालते रहो।

एक सप्ताह बाद भी जब रोशनी नहीं लौटी तो पूरा परिवार सदमें में आ गया है। अब एक आंख की रोशनी चली गई है तथा दूसरी आंख पहले से ही कमजोर होने से कम दिखाई देता है। ऐसे में कुछ समझ नहीं आ रहा है। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि डॉक्टर ने गफलत व लापरवाही की है, जिससे रोशनी चली गईं है, जबकि पहले पास की चीजें देखने व अखबार पढ़ने में कोई तकलीफ नहीं होती थी। सोचा था कि ऑपरेशन के बाद साफ दिखाई देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पास तक देखना भी दुश्वार हो गया है। परिजनों ने बताया कि शीघ्र ही रोशनी नहीं लौटी तो डॉक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाएंगे।

रघुनाथपुरा के ग्रामीण कस्तूरचंद ने 18 मार्च को कराया था ऑपरेशन, इसके बाद दिखना बंद हो गया

देईखेड़ा। आंख की रोशनी लौटने के इंतजार में घर में बैठा ग्रामीण।

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