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शोरूम में आग; 3 करोड़ की मशीन खड़ी रही, आधा घंटा लगा चौथी मंजिल तक पहुंचने में, 60 लाख का माल खाक

शहर के बीचों-बीच छावनी चौराहे पर स्थित एलआईसी भवन के पास हैंडलूम शोरूम की चौथी मंजिल पर शनिवार दोपहर करीब 1 बजे भीषण...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:25 AM IST
शहर के बीचों-बीच छावनी चौराहे पर स्थित एलआईसी भवन के पास हैंडलूम शोरूम की चौथी मंजिल पर शनिवार दोपहर करीब 1 बजे भीषण आग लग गई। धमाकों के बीच आग की लपटें देख वहां अफरा-तफरी मच गई। शोरूम मालिक का आरोप है कि दमकलें करीब 30 मिनट देरी से मौके पर पहुंची और चौथी मंजिल पर स्थित गोदाम तक पहुंचने में दमकल कर्मियों को आधे घंटे लग गए। करीब 1 घंटे बाद आग बुझाने का काम शुरू हो सका और आग ने विकराल रूप ले लिया। हालांकि नगर निगम के एएफओ का दावा है कि 7 मिनट में दमकल मौके पर पहुंच गई थी। ऊंचाई अधिक होने के कारण फायरमैन को वहां तक पहुंचाने में 30 मिनट का समय लगा। आग बुझाने में करीब 2.30 से 3 घंटे का समय लगा, इस दौरान चौराहे पर भारी जाम लग गया।

छावनी चौराहे पर सजावट फर्नीशिंग नाम से चार मंजिला शोरूम है। इसमें बसंत बहार हैंडलूम नाम से दूसरी फर्म भी संचालित होती हैं। दोनों फर्म एक ही परिवार के सदस्य चलाते हैं। संचालक ललित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने रोजाना ही तरह दुकान खोली थी, लेकिन उस वक्त नहीं लगा कि आग लगी है। दोपहर करीब 1 बजे उन्हें हल्का-हल्का धुआं नजर आया। आग कब लगी? इसका किसी को पता नहीं है। आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट से हुई स्पार्किंग को माना जा रहा है। आग लगने से दुकान में रखी बेडशीट, कंबल, पर्दे, रजाइयां सहित कई समान जलकर राख हो गए। स्पार्किंग से निकली चिंगारी से देखते ही देखते पर्दे व कम्बल जलने लगे और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

तेज धमाके से मची अफरा-तफरी, मौके पर लगा जाम

दुकान से बीच-बीच में तेज धमाके हुए, इससे यहां से गुजर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर जो भी यहां से गुजरा वहीं ठहरा गया। कुछ देर में पूरे शहर में आग की खबर तेजी से फैल गई। होली की वजह से वहां कोई पुलिसकर्मी उस वक्त मौजूद नहीं था इसलिए देखते ही देखते वहां जाम लग गया।

3 घंटे लगे आग पर काबू पाने में

10 दमकलें बुलानी पड़ी

02 लाख लीटर पानी लगा

अधूरे इंतजाम... चौथी मंजिल तक पहुंचने के लिए दमकल कर्मी आधे घंटे तक मशक्कत करते रहे। पास की बिल्डिंग पर चढ़कर जाना पड़ा।

व्यापारी का आरोप : सूचना देने के बावजूद देर से आई दमकल

संचालक ललित गुप्ता ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे दुकान पर आग लगी थी और उसके करीब 30 मिनट बाद पहली दमकल मौके पर आई थी। मुश्किल से आग तक एप्रोच बनी तो धुएं और तेज हवाओं ने सारा काम बिगाड़ दिया। गुप्ता ने बताया कि नुकसान का आकलन फिलहाल नहीं किया जा सका है। मोटे तौर पर यह कहा जा सकता है कि करीब 60 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है क्योंकि माल भीगने के बाद अब बिकने लायक नहीं बचा।

दावा : 7 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई थी दमकल

एएफओ अमजद खान का कहना है कि उन्हें 1.10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए पहली सूचना मिली, लेकिन जाम बहुत लगा होने से दमकल को रूट चेंज करके आना पड़ा इसलिए करीब 7 मिनट मौके पर पहुंचने में लगे। आग चार मंजिल के ऊपर छत पर लगी थी, ऐसे में हमने अभय कमांड सेंटर से छोटी गाड़ी बुलाई और उस पर चढ़कर पीछे की तरफ से फायरमैन को छत पर पहुंचाया। इसमें करीब 30 मिनट लग गए। जो लोग अंदर थे, उन्हें बाहर निकाला, जिससे जनहानि नहीं हुई।

कैसे लगी : तारों में शॉर्ट सर्किट से लगी आग

लापरवाही : 30 मिनट लगे दमकल पहुंचने में

हाइड्रोलिक मशीन को ऑपरेट करने की जगह नहीं मिली

एक तरफ जहां दमकलकर्मी चौथी मंजिल तक पहुंचने के लिए मशक्कत कर रहे थे। वहीं, नगर निगम द्वारा खरीदी गई 3 करोड़ की दमकल शोपीस बनी खड़ी रही। इस दमकल को विशेष तौर पर इसीलिए खरीदा गया था कि ऊंची इमारतों में कोई आपदा होने पर रेस्क्यू किया जा सके। शनिवार को ये दमकल 1 घंटे बाद मौके पर पहुंची, लेकिन किसी काम नहीं आई। निगम का तर्क है कि वहां पर इस मशीन काे ऑपरेट करने लायक जगह ही नहीं थी।

संविदाकर्मी ने बनाया ऊपर पहुंचने का रास्ता

मौके पर निगम के कई फायरमैन पहुंचे, लेकिन जहां आग लग रही थी वहां तक जाने का रास्ता नहीं था। कुछ फायरमैन उससे ऊपर तक पहुंच गए थे, लेकिन मौके तक नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे में निगम के संविदा कर्मी गोविंद शर्मा पास के टीनशेड से होकर आग तक पहुंचे। वहां पहुंचकर ऊपर की मंजिल तक पहुंचे फायरमैन से पाइप मांगा और आग बुझाना शुरू किया। कुछ ही देर में एएफओ अमजद खान भी वहां पहुंच गए।

तो फिर 14 मंजिल तक कैसे पहुंचेंगे

स्थानीय पार्षद रमेश आहूजा का आरोप है कि निगम की लचर व्यवस्था के कारण आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। पहले दमकल टाइम पर नहीं पहुंची और फिर चौथी मंजिल तक भी फायरमैन नहीं पहुंच पाए। एक तरफ कोटा में 14-14 मंजिल की इमारतों की डिमांड आ रही है। ऐसे में 14 मंजिल तक कैसे पहुंचेंगे। इसके लिए नई हाइड्रोलिक दमकलें खरीदी जाएं। इसके लिए सोमवार को आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल से मुलाकात कर डिमांड रखेंगे।


- महेश विजय, महापौर

सिटी हीरो