Hindi News »Rajasthan »Kota» सीबीएसई 10वीं की परीक्षा पास करने के लिए अलग-अलग 33 फीसदी अंक जरूरी नहीं

सीबीएसई 10वीं की परीक्षा पास करने के लिए अलग-अलग 33 फीसदी अंक जरूरी नहीं

सीबीएसई 10वीं का एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए होली पर अच्छी खबर यह है कि उनको अब पास होने के लिए परीक्षा में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:05 AM IST

सीबीएसई 10वीं का एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए होली पर अच्छी खबर यह है कि उनको अब पास होने के लिए परीक्षा में एग्रीगेट 33 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। इसमें इंटरनल के 20 और बोर्ड एग्जाम के 80 अंक शामिल होंगे। अलग-अलग एग्जाम में पासिंग मार्क्स की बाध्यता नहीं रहेगी। गुरुवार को ही सीबीएसई ने नोटिफिकेशन जारी किया है।

सीबीएसई की ओर से जारी सूचना के अनुसार इस साल 10वीं के एग्जाम में 9.67 लाख छात्र व 6 लाख 71 हजार छात्राएं बैठंेगी। 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 5 व 12वीं की 6 मार्च से शुरू होने वाली हैं। साल 2017-18 के स्टूडेंट्स के लिए 33 प्रतिशत का क्राइटेरिया रखा गया है। नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क स्कीम के तहत परीक्षा देने वालों के पर भी यह नियम लागू होगा। इससे पहले बोर्ड व स्कूल बेस्ड एग्जाम ऑप्शन थे। वोकेशनल विषय के इंटरनल अंक 50 रहेंगे। एक्सपर्ट का मानना है कि इससे स्टूडेंट्स की गुणवत्ता में निखार आएगा। एग्जाम की गंभीरता को देखते हुए बच्चे तैयारी करेंगे। कोटा में दसवीं की परीक्षा में 6623 व 12वीं क परीक्षा में 10043 स्टूडेंट्स बैठेंगे।

इस प्रावधान सिर्फ इस साल के बैच के लिए किया गया है। यह वह बैच है, जिन्होंने नौंवीं की परीक्षा सीसीई पैटर्न पर दी थी। अब बोर्ड का एग्जाम देंगे। उनको पास होने के लिए एग्रीगेट 33 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे।-प्रदीप गौड़, अध्यक्ष सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स व सिटी काेऑर्डिनेटर सीबीएसई एग्जाम

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Kota News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: सीबीएसई 10वीं की परीक्षा पास करने के लिए अलग-अलग 33 फीसदी अंक जरूरी नहीं
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Kota

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×