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कोटा में गली-गली में चल रहे हुक्का बार, 2 साल में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, कानून भी कमजोर

विधानसभा में गृह मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इसे लेकर प्रचलित कानून कमजोर है। उन्होंने बताया कि पहले हम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:05 AM IST

कोटा में गली-गली में चल रहे हुक्का बार, 2 साल में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, कानून भी कमजोर
विधानसभा में गृह मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इसे लेकर प्रचलित कानून कमजोर है। उन्होंने बताया कि पहले हम सीआरपीसी की धारा 144 तथा 188 के तहत हम कार्रवाई करते थे, लेकिन 7 अक्टूबर, 2015 की हाईकोर्ट की एक रूलिंग के बाद 144 के तहत कार्रवाई पर भी एक तरह से रोक लग गई। वर्तमान में सिर्फ सीआरपीसी की धारा 188 के तहत प्रावधान है, जिसमें पुलिस केस तो बना रही है, लेकिन बेलेबल ऑफेंस है।

विधानसभा में मुद्दा उठा तो कटारिया बोले-कानूनी प्रावधान की जरूरत

क्राइम रिपोर्टर|कोटा

कोटा में हुक्का बार युवाओं को नशे का शिकार बना रहे हैं। नए कोटा के कोचिंग क्षेत्र में गली-गली में हुक्का बार चल रहे हैं। लेकिन पिछले दो साल में कोटा शहर में पुलिस ने कभी इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इन हुक्का बार पर शुरुआत सिगरेट और शराब पीने से होती है, फिर धीरे-धीरे युवा हुक्का पीना शुरू करते हैं और उसमें कई तरह के दूसरे नशे मिलाने लगते हैं। कोटा में गुमानपुरा, जवाहर नगर और तलवंडी समेत नए कोटा के अलग-अलग इलाकों में हुक्का बार चल रहे हैं। भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि फ्लेवर्ड हुक्का इन दिनों खासे चलन में हैं। इन्हीं की आड़ में युवा गांजा और चरस पीने लगे हैं। राज्य की विधानसभा में भी सोमवार को हुक्का बार का मुद्दा उठा तो खुद गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने स्वीकार किया कि कोटा और बाकी जगह पर तो यह हुक्का बार बहुत जबर्दस्त एक तरह से छोटी-छोटी इंडस्ट्री के रूप में खड़े हो गए हैं। यूथ में इसका चलन रोकने के लिए जिस तरह के भी कानूनी प्रावधान की जरूरत है, हम इसके लिए प्रयास करेंगे।

हुक्का बार की आड़ में युवा गांजा और चरस पी रहे हैं

कानून कमजोर, गिरफ्तार होते ही जमानत

एक हुक्का बार में हुक्का पीते युवा।

विधानसभा में गृह मंत्री ने हुक्का बार के खिलाफ पिछले दो साल में की गई कार्रवाई का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि जयपुर में 76, जोधपुर में 5, अजमेर में 34 तथा भीलवाड़ा में 7 प्रकरण दर्ज हुए हैं। गौरतलब है कि कोटा में पिछले दो साल में हुक्का बार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि शहर में हुक्का बार की संख्या व इससे नशे के शिकार हो रहे युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

भास्कर के खुलासे पर गृहमंत्री की मुहर

दैनिक भास्कर ने 28 मार्च 2017 को “”कोटा में रोज बिक रही है 50 लाख की ड्रग्स; वाट्स एप पर ले रहे ऑर्डर, स्टूडेंट्स को हॉस्टल्स में कर रहे होम डिलेवरी’’ हैडिंग से खबर प्रकाशित करके पूरे मामले पर विशेष कवरेज किया था। जिसमें कोटा में चल रहे ड्रग्स के कारोबार पर रिपोर्टिंग की गई थी, जिस पर विधानसभा में अब गृ़हमंत्री ने मुहर लगाई हैं। भास्कर ने तीन दिन तक विशेष सीरीज चलाकर हुक्का बार के ठिकानों का खुलासा किया था।

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Web Title: कोटा में गली-गली में चल रहे हुक्का बार, 2 साल में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, कानून भी कमजोर
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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