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रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के कोच में लगेंगे कैमरे, जीआरपी अजमेर को मिलेंगे 257 पुलिसकर्मी

यात्रियों को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रत्येक रेलवे स्टेशन व ट्रेनों के कोच में सीसीटीवी...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:40 AM IST
यात्रियों को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रत्येक रेलवे स्टेशन व ट्रेनों के कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जीआरपी अजमेर जिले को आगामी दो साल में 257 नए पुलिसकर्मी मिलेंगे। जिले के कोटा सहित सभी थानों पर नए पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि पुलिसकर्मियों की वर्षों पुरानी कमी पूरी होगी। ये बात बुधवार को जीआरपी अजमेर जिले के एसपी सुनील विश्नोई ने कोटा में मीडिया से बातचीत में कही। विश्नोई यहां कोटा जीआरपी थाने का वार्षिक निरीक्षण करने आए थे।

उन्होंने कहा कि जीआरपी अजमेर जिले में कोटा जीआरपी थाना सबसे बड़ा थाना है। कोटा रेंज पूरा एक ही थाना क्षेत्र में आता है। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर स्थित कोटा रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण स्टेशनों में गिना जाता है। वर्ष 2017 में जीआरपी थाना क्षेत्र में एनडीपीएस के 26 मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2016 में 18 मुकदमे मादक पदार्थों की तस्करी के दर्ज कर आरोपी पकड़े गए थे। वर्ष 2017 में डेढ़ गुना मुकदमे अधिक दर्ज हुए। पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि 1954 में कोटा थाने पर पुलिस कर्मियों की संख्या 26 थी। अब भी उतनी ही है जबकि ट्रेनों व यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। यानी पुलिस कर्मियों की 30 प्रतिशत की कमी है। पुलिसकर्मियों की कमी के कारण जीआरपी गिनती की एक दो ट्रेनों में ही एस्कोर्टिंग कर पाती है। स्टाफ इतना कम है कि प्लेटफार्म ड्यूटी पर ही उन्हें तैनात कर दिया जाए वो भी बहुत है। उन्होंने बताया की नफरी बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड से अनुमति लेनी होती है। क्योंकि 25 प्रतिशत खर्चा रेलवे को देना होता है।

स्थाई वारंटी व भगोड़ों को अभियान चलाकर पकड़ो

जीआरपी एसपी विश्नोई ने जीआरपी के पुलिस कर्मियों का सुरक्षा सम्मेलन आयोजित कर उन्हें स्थाई वारंटियों, भगोड़ों व वांछित आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेंडिंग केस नहीं रहे। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

सुनील विश्नोई