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ई-वे बिल आज से अनिवार्य, 200 फीसदी लगेगा जुर्माना

कोटा|सड़क, वायु या जलमार्ग से 50 हजार रुपए से अधिक का सामान भिजवाने या मंगाने के लिए बुधवार रात 12 बजे से ई-वे बिल लागू हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:35 PM IST

कोटा|सड़क, वायु या जलमार्ग से 50 हजार रुपए से अधिक का सामान भिजवाने या मंगाने के लिए बुधवार रात 12 बजे से ई-वे बिल लागू हो गया। इसी के साथ निजी और ट्रांसपोर्टर्स के वाहनों को ई-वे बिल के लिए रोककर जांच की जाएगी।

दूध, घी, सब्जी सहित 154 वस्तुओं को इससे छूट दी गई है। जांच के दौरान वाहन चालक या खलासी के पास ई-वे बिल नहीं होने पर माल पर लगने वाले जीएसटी का 200 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। ई-वे बिल एसएमएस के माध्यम से भी जारी या निरस्त किया जा सकेगा। इससे एक नंबर के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। कर चोरी पर अंकुश लगेगा। वाहन चालक व परिचालक को ई वे बिल अपने पास रखना होगा। यह ऑनलाइन जारी किया जाएगा। जांच के दौरान चालक या परिचालक को ई-वे बिल दिखाना होगा। यह बिल सप्लायर, प्राप्तकर्ता या ट्रांसपोर्टर जारी कर सकेंगे। यह ऑनलाइन जारी होगा। इसके लिए फर्म को www.ewaybill.nic.in साइट पर ऑनलाइन पंजीकृत कराना होगा। जिला वाणिज्यिक कर अधिकारी एके गुप्ता ने बताया है कि ई-वे बिल मोबाइल एप, एसएमएस, वेबपोर्टल तीनों माध्यमों से डाउनलोड किया जा सकता है। पोर्टल पर राजस्थान की लिंक खुल जाने के बाद विभाग ने कारोबारियों को जल्द से जल्द ई-वे बिल के लिए पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। ई-वे बिल जारी करने वाले 24 घंटे में, जबकि प्राप्तकर्ता 72 घंटे में ई-वे बिल कैंसिल करा सकेंगे। गाड़ी बदलने या माध्यम बदलने पर बिल में गाड़ी नंबर अपडेट करने की सुविधा भी दी गई है। अलग-अलग ई-वे बिल का एक कंसालिडेटेड ई-वे बिल निकालने की सुविधा भी मौजूद है। दो राज्यों के बीच 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा कीमत के माल का परिवहन करने के लिए आज से देश में इंटर स्टेट ई-वे बिल व्यवस्था लागू हो गई।

50 हजार से अधिक के माल पर ऐसे कर सकते हैं ई-वे बिल जनरेट

यदि आम व्यक्ति दुकान से 50 हजार या अधिक कीमत का सामान खरीदता है तो वह दुकानदार से बिल ले सकता है या खुद एनआईसी सिस्टम पर जाकर सिटीजन के रूप में ई-वे बिल के लिए नामांकित होकर और लॉगइन कर इसे जनरेट कर सकता है। वाहन से ही माल ले जा रहा है तो उसे बिल के पार्ट-बी में वाहन की जानकारी देनी होगी। विभाग के अनुसार ई-वे बिल का सत्यापन कोई भी व्यक्ति पोर्टल के सर्च विकल्प पर बिल का नंबर, तारीख, जनरेट करने वाले उपयोगकर्ता की आईडी पर कर सकता है।

नॉन मोटराइज्ड वाहनों पर नहीं होगा लागू

इस नई व्यवस्था में बिना इंजन वाले (नॉन मोटराइज्ड) यानी हाथ ठेला, बैलगाड़ी, घोड़ा गाड़ी, साइकिल रिक्शा जैसे वाहनों से माल परिवहन करने पर ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी।

शुरुआती दौर में इसे इंटर स्टेट यानी एक राज्य से दूसरे राज्य तक माल परिवहन पर लागू किया गया है। जीएसटी काउंसिल ने राज्यों को निर्णय लेने की छूट दी है। इसमें एक फरवरी से एक जून के पहले कभी भी इंट्रा स्टेट परिवहन पर ई-वे बिल लागू कर सकते हैं।

ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जारी करना होगा:ई-वे बिल को लेकर 3 महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सप्लायर, माल प्राप्तकर्ता व ट्रांसपोर्टर। ई-वे बिल जारी करने के लिए इनमें से एक पक्ष का रजिस्टर्ड होना आवश्यक है। इनके द्वारा ई वे बिल ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जिसकी एक प्रति माल के दस्तावेज के साथ होनी आवश्यक है।

10 किमी के परिवहन पर वाहन की डिटेल देना जरूरी

जीएसटी कांउसिल ने 50 हजार रुपए से कम कीमत के माल पर ई-वे बिल की छूट दी है। उन्होंने बताया कि 10 किमी से कम परिवहन पर वाहन का डिटेल देना अनिवार्य रहेगा।

उन्होंने बताया है कि दूध, घी, सब्जी, खुला अनाज, ब्रेड, पीडीएस का केरोसिन 154 वस्तुएं ऐसी हैं, जिन्हें सरकार ने ई-वे बिल से छूट देते हुए अधिसूचित किया है।

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