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‘स्कूलों में कॅरिअर बनाने के लिए स्पोर्ट्स एजुकेशन देनी चाहिए’

स्कूलों में स्पोर्ट्स पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं शैक्षणिक संस्थानों में स्पोर्ट्स को बतौर कॅरियर...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:35 PM IST
स्कूलों में स्पोर्ट्स पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं शैक्षणिक संस्थानों में स्पोर्ट्स को बतौर कॅरियर ऑप्शन शामिल किया जाना चाहिए। यह बात हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे और अर्जुन अवार्डी अशोक ध्यानचंद ने कही। वे कोटा में एक हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल मैच में बतौर मुख्य अतिथि आए थे।

उन्होंने कहा कि भारत में एक्सट्रा टर्फ मैदानों की कमी है। ऐसे में खिलाड़ियों को मुश्किल मैदान पर ही तैयार करना होगा। इतना ध्यान रखना होगा कि मुश्किल मैदान से एक्सट्रा टर्फ पर स्विच होने पर उनको एडजस्ट होने में दिक्कत नहीं आए। भारत र| के संबंध में उन्होंने कहा कि अगर मेजर ध्यानचंद को भारत र| नहीं मिला आने वाले पीढिय़ां भी यही सवाल उठाएगी कि उनको यह र| क्यों नहीं दिया गया। भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की तारीफ करते हुए उन्होंने माना है कि इससे भारतीय क्रिकेट टीम की बैंच स्ट्रेंथ और भी मजबूत हुई है। यह उनके मैनेजमेंट के प्रयासों से संभव हो पाया है। हॉकी में टॉप लेवल पर ही फोकस किया जाता है। नेशनल और स्टेट लेवल पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कोचों की कमी के संबंध में उन्होंने कहा कि पुराने खिलाड़ियों को ही नए खिलाड़ियों की कोचिंग की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

फाइनेंशियल सिक्योरिटी जरूरी

उन्होंने माना कि खिलाड़ियों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी की जरूरत है। यह छोटे लेवल से ही शुरू कर देनी चाहिए। पैसा नहीं होने पर परिवारजन भी खिलाड़ियों को खेलने की जगह पढ़ाई पर जोर देते हैं। लीग के बारे में कहा कि हॉकी लीग और भी छोटे स्तर पर होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले।

अशोक ध्यानचंद

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