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7 पार्षद लाखेरी नगर पालिका चेयरमैन की दौड़ में, इनमें 3 महिलाएं भी

नगर पालिका चेयरमैन योगेश वर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद नगर पालिका चेयरमैन की कुर्सी के लिए...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 02:40 AM IST
नगर पालिका चेयरमैन योगेश वर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद नगर पालिका चेयरमैन की कुर्सी के लिए संभावित उम्मीदवारों की भाग दौड़ शुरू हो गई है।

वहीं, चेयरमैन के नामों को लेकर शहर में चर्चा आम होने लगी है। चेयरमैन का पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में वर्तमान समय में इस वर्ग के पालिका में कुल मिलाकर महिला-पुरुष मिलाकर सात संभावित उम्मीदवार हैं। इनमें तीन महिलाओं सहित चार पुरुष हैं। शहर पालिका में चेयरमैन का चुनाव भी इन लामबंद 21 पार्षदों में से ही होना है। ऐसे में एकता को लेकर भी अब लोगों में संशय होने लगा है कि आखिरकार चेयरमैन के लिए क्या यह एकता बरकरार रह पाएगी। हालांकि, सभी 21 पार्षद आपसी चर्चा करके इस उलझन का हल निकालने की बात करते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण राजनीतिक पद कौन नहीं लेना चाहेगा और कौन इस पद को लेकर त्याग करना चाहेगा। इन बातों का खुलासा तो आने वाले समय में ही होगा। पालिका में चेयरमैन पद के दावेदारों में कांग्रेस के हरिशंकर मेहरा, विनोद बैरवा, सुनीता वर्मा तथा पार्वती बाई के नाम सामने आए हैं। वहीं, भाजपा से महिला पार्षद कुसुमलता महावर दावेदार हैं। हालांकि, निर्दलीय चुनाव जीत कर आए राजेश तंवर का नाम भी पंक्ति में है। पूर्व चेयरमैन योगेश वर्मा को चुनाव के समय समर्थन देने वाले निर्दलीय पार्षद सुनील वर्मा भी कतार में हैं।

बोर्ड में 2 अनुभवी पार्षद, 1 कांग्रेसी-1 निर्दलीय

पालिका में ऐसे दो पार्षद हैं जो पालिका में कामकाज का अनुभव रखते हैं। इनमें कांग्रेस के हरिशंकर तथा निर्दलीय राजेश तंवर शामिल हैं। दोनों चार कार्यकाल से पालिका में लगातार पार्षद चुने जाते रहे हैं। इनमें से कांग्रेस के हरिशंकर तो दो बार चेयरमैन पद के लिए दावेदारी कर चुके हैं। इस कार्यकाल में हरिशंकर ही कांग्रेस की तरफ से चेयरमैन पद के उम्मीदवार थे। ऐसे में दोनों की दावेदारी प्रमुख मानी जा रही है। पेशे से वकील विनोद बैरवा भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

भाजपा-निर्दलीय पार्षदों की अहम भूमिका

अविश्वास के बाद नये चेयरमैन के चुनाव मे भाजपा पार्षदों की भूमिका अहम रहेगी। यह भाजपा के ऊपर है कि वह चेयरमैन के चुनाव में इन पार्षदों पर कितना विश्वास रखती है। वैसे निर्दलीय पार्षदों की भी उपस्थिति समीकरण को बनाने ओर बिगाड़ने में महत्वपूर्ण है। साथ ही अविश्वास प्रस्ताव में मतदान नहीं करने वाले तीन पार्षदों ओर खुद चेयरमैन का मत भी महत्वपूर्ण है। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान नहीं करने वाले पार्षदों में दो भाजपा व एक निर्दलीय है।