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जेईई : कोटा भी सेंटर के दावेदारों में शामिल

इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए हमें मिल सकता है सेंटर।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 15, 2017, 08:35 AM IST

  • जेईई : कोटा भी सेंटर के दावेदारों में शामिल
    कोटा।जेईई एडवांस का एग्जाम ऑनलाइन होने के कारण कोटा को सेंटर मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे पहले कोटा में जेईई मेन्स की ऑनलाइन परीक्षा हुई। ऑनलाइन मेन्स आयोजित करवाने वाला कोटा शहर इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए एडवांस करवाने में भी सक्षम है। दूसरी ओर, साल 2017 में बाड़मेर, भीलवाड़ा, पाली, अलवर और टोंक जैसे शहरों में एग्जाम हुए थे, जो इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से कोटा के बराबर नहीं हैं।
    - वर्ष 2018 के एग्जाम में चार हजार अधिक स्टूडेंट्स को एडवांस के लिए क्वालीफाई किया जाएगा। इसको देखते हुए सेंटर बढ़ाए जा सकते हैं। आईआईटी कानपुर ने मंगलवार रात तक इंफार्मेशन बुलेटिन और एग्जामिनेशन सिटीज की सूची जारी नहीं की।
    - कोटा में सेंटर होगा या नहीं, यह आईआईटी की ओर से साफ किया जाना है। इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या और हाईटेक स्कूलों की उपलब्धता को देखते हुए कोटा के पास सेंटर मिलने का अवसर है।
    पिछले साल मिला था मेन्स का सेंटर
    पिछले साल तो जेईई मेन्स की सेंटर्स की सूची से ही कोटा का नाम गायब था। विरोध के बाद मेन्स का ऑफलाइन ऑनलाइन सेंटर कोटा को मिला था। इसके साथ ही अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में पेपर पेंसिल कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम हुआ था। दूसरी ओर जेईई एडवांस का ऑफलाइन एग्जाम सीकर, उदयपुर, अलवर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, पाली और टोंक में आयोजित किया था।
    इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए हमें मिल सकता है सेंटर
    पिछले छह-सात साल से कोटा में एडवांस का सेंटर नहीं है। इस कारण अब कोटा की उपेक्षा को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। यहां तक कि इस संबंध में आईआईटी कानपुर में अब एक आरटीआई फाइल करके सेंटर अलॉट करने के क्राइटेरिया के बारे में जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि किन कारणों से कोटा में एडवांस का सेंटर नहीं दिया जाता।
    सांसद बिरला ने एमएचआरडी मंत्री को लिखा पत्र
    सांसदओम बिरला ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर को पत्र लिखकर कोटा में जेईई एडवांस का सेंटर खोलने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि यहां जेईई मेन्स नीट के एग्जाम होते हैं, लेकिन एडवांस का नहीं। ऐसे में एडवांस का एग्जाम देने के लिए हजारों स्टूडेंट्स को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। कोटा में सेंटर खुलने से हजारों स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी।
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