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सालेरी में वृद्धा की नृशंस हत्या, कारणों का खुलासा नहीं

थानाक्षेत्र के सालेरी गांव में गुरुवार रात को घर पर सोई वृद्धा की मसाला बांटने के पत्थर के वार से नृशंस हत्या कर दी।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 08:11 AM IST

केलवाड़ा. थानाक्षेत्र के सालेरी गांव में गुरुवार रात को घर पर सोई वृद्धा की मसाला बांटने के पत्थर के वार से नृशंस हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह केलवाड़ा सीएचसी पर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है।


एफएसएल टीम कोटा ने वारदात स्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। एएसपी मनोज चौधरी ने भी गांव में पहुंचकर जायजा लिया है। वारदात के आरोपी, कारण का देर शाम तक भी खुलासा नहीं हो सका है। एएसआई रामप्रसाद सेन ने बताया कि सालेरी निवासी काशीबाई (60) पत्नी काशीलाल सहरिया गांव में अकेली रहती थी। काशीबाई रात करीब 11 बजे सहरिया समाज की बैठक से घर लौटी। रात को अज्ञात लोगों ने पत्थर व लाठी से सिर में वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के समय मृतका घर में अकेली थी, उसके तीनों पुत्र अपनी पत्नियों के साथ अन्यत्र गांव में खेत मालिकों के यहां रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बारां से एडिशनल एसपी मनोज चौधरी के साथ कोटा से एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका के पुत्र रामप्रसाद की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।


विधवा वृद्धा से आखिर किसकी दुश्मनी
पुलिस के अनुसार वृद्धा के कच्चे मकान में डीलर प्रकाश मेहता ने भी अपने राशन के गेहूं का भंडार बनाया हुआ था। पुलिस काे आशंका है कि शायद गेहूं चोरी करने के इरादे से बदमाश यहां पहुंचे हो और वृद्धा के जाग जाने और पहचाने जाने के कारण उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया हो। हालांकि अभी तक हत्या के पीछे छुपे कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि जिस कमरे में राशन का गेहूं भरा हुआ था। वह ताला लगा हुआ सुरक्षित मिला और गेहूं चोरी होने के कोई प्रमाण भी मौके से नहीं मिले।


सुबह ननद पहुंची, तो पता चला
काशीबाई की ननद अजुदीबाई भी सालेरी में रहकर भैंसें चराने जाती है। अजुदीबाई प्रतिदिन भैंसों को लेकर काशीबाई के घर के सामने से गुजरती थी। इस दौरान काशीबाई भी भैंसों के साथ जंगल ले जाने के लिए उसकी गाय को खोल देती थी। इस दौरान काशीबाई उसे चाय पीने के लिए रोकती थी। शुक्रवार सुबह अजुदीबाई भैंसों को लेकर काशीबाई के घर के सामने पहुंची, तो गाय बंधी हुई थी। उसने आवाज लगाई, तो कोई प्रत्युत्तर नहीं मिला। इस पर उसने घर के अंदर जाकर देखा, तो काशीबाई मृत पड़ी थी।