एम्स / टॉप 10 में कोटा के 5 छात्र, दूसरे स्थान पर रहे विश्वहितेंद्र बोले- जनवरी में खत्म कर लिया था सलेबस

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 04:26 PM IST



पिता के साथ विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया। पिता के साथ विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया।
पिता के साथ हर्ष अग्रवाल पिता के साथ हर्ष अग्रवाल
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पिता के साथ विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया।पिता के साथ विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया।
पिता के साथ हर्ष अग्रवालपिता के साथ हर्ष अग्रवाल

  • ऑल इंडिया रैंक दो पर कोटा के विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया, चौथे स्थान चैतन्य, पांचवें पर हर्ष अग्रवाल रहे
  • इसके साथ छठे अरूणांग्शु, आठवें पर राघव दुबे और दसवें स्थान पर स्तुति खांडवाला रही

कोटा. एम्स ने देर रात एमबीबीएस एंट्रेंस का परिणाम जारी कर दिया है। देश में एम्स की संख्या बढ़ने का असर रिजल्ट पर भी आया है। सामान्य कैटेगरी का कट ऑफ पर्सेंटाइल 98.1246748 रही। पहली स्थान पर दिल्ली के भाविक बंसल रहे। भाविक ने नीट में ऑल इंडिया दूसरी रैंक हासिल की थी। ऑल इंडिया रैंक दो पर कोटा के विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया, चौथे स्थान चैतन्य, पांचवें पर हर्ष अग्रवाल, छठे अरूणांग्शु, आठवें पर राघव दुबे और दसवें स्थान पर स्तुति खांडवाला रही। 

 

विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया बोले- जनवरी में खत्म कर लिया था सलेबस
कोटा कोचिंग छात्र विश्वाहितेन्द्र वड़ोदरिया ने दूसरी रैंक हासिल की है। सूरत निवासी विश्वा नीट में ऑल इंडिया 113 व जिपमेर में ऑल इंडिया 71वीं रैंक हासिल कर चुका है। वे एलन के छात्र है। प्रतिदिन साढ़े चार घंटे की क्लासरूम कोचिंग के अलावा वह छह घंटे सेल्फ स्टडी करता था। पढ़ाई के दौरान ही सवालों का चयन कर लेता था। उन्हें कई तरीकों से सॉल्व करता, इस प्रैक्टिस से ही सफलता मिली। सिलेबस जनवरी तक खत्म कर लिया था और उसके बाद रिवीजन किया। इससे पता चल जाता है कि किन-किन बिन्दुओं कमजोर हूं। पिता हितेन्द्र वड़ोदरिया प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं जबकि मां सोनल वड़ोदरिया गृहिणी है। जोकि पिछले दो साल से कोटा में विश्वा के साथ रह रही हैं। 

 

चैतन्य मित्तल बोले- जेईई एडवांस्ड के लेवल पर मेडिकल की तैयारी  
चैतन्य मित्तल ने एम्स प्रवेश परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की है। चैतन्य इससे पहले नीट में ऑल इंडिया 261, जिपमेर में 5वीं रैंक हासिल कर चुका है। इसी वर्ष 12वीं कक्षा 97.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। एलन क्लासरूम स्टूडेंट चैतन्य ने बताया कि मम्मी-पापा दाेनों डॉक्टर है इसलिए घर में शुरू से पढ़ाई का माहौल रहा। उन्होंने मुझे हमेशा मोटिवेट किया। 

 

हर्ष अग्रवाल बोले- डॉक्टर पिता से प्रेरणा मिली
एम्स का रिजल्ट बुधवार देर रात काे जारी कर दिया गया है। महावीर नगर निवासी एनेस्थिसिया डाॅ. राजेश अग्रवाल के बेटे हर्ष ने अाॅल इंडिया पांचवीं रैंक हासिल की है। डाॅ. अग्रवाल वर्तमान में प्रतापनगर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में बताैर एनेस्थिसिया नियुक्त है। मां मीनाक्षी जैन हाउस वाइफ है। इनके पुत्र हर्ष अग्रवाल ने 99.99 परसेंटाइल हासिल किए हैं। हर्ष बताते हैं कि उन्हाेंने सेल्फ काॅन्फिडेंस काे ध्यान में रखकर पढ़ाई कर 5वीं रैंक हासिल की है। 12 वीं में 95.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। हर्ष ने बताया कि रेगुलर चार घंटे पढ़ाई की है। रिलेक्स हाेने के लिए फुटबाॅल का शाैक रहा है। वाे एमबीबीएस की पढ़ाई कर काॅर्डियाे या न्यूराे सर्जन बनने की इच्छा है। 

 

अरूणांग्शु भट्टाचार्य- जिपमेर टॉप, एम्स में छठी रैंक 
जिपमेर में ऑल इंडिया टॉप तथा नीट 2019 में ऑल इंडिया 19वीं रैंक प्राप्त कर चुके एलन के क्लासरूम स्टूडेंट अरूणांग्शु भट्टाचार्य ने रैंक 06 प्राप्त की है। गुजरात के सूरत निवासी अरूणांग्शु ने बताया कि जिपमेर व नीट क्रेक करने के लिए ज्यादा से ज्यादा रिवीजन पर जोर दिया, जो रोजाना क्लास में पढ़ाया जाता, उसे उसी दिन रिवाइज करता। 

 

राघव दुबे- रैंक को लक्ष्य नहीं बनाया 
एम्स में एआईआर-8 प्राप्त करने वाले राघव दुबे ने नीट में 10वीं रैंक प्राप्त की है। राघव ने बताया कि डॉक्टर बनने का लक्ष्य लेकर कोटा आया था। मुझे खुद पर विश्वास था कि मैं कर सकता हूं और मैं उत्साह के साथ तैयारी में जुट गया। वे एलन के छात्र है। 

 

स्तुति बोली- 12 से 13 घंटे पढ़ाई करके हासिल की सफलता 

एलन की स्तुति ने एम्स प्रवेश परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल की है। स्तुति ने बताया कि इन सभी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए उसे ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा। 

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