राजस्थान / एंबुलेंस किराए पर लेकर हथियार रखे, इंदौर से लाते हुए 4 तस्कर झालावाड़ में पकड़े

पुलिस की गिरफ्त मे तस्कर और बरामद हथियार। पुलिस की गिरफ्त मे तस्कर और बरामद हथियार।
एंबुलेंस जिसे हथियार तस्करी के लिए काम में लिया जा रहा था। एंबुलेंस जिसे हथियार तस्करी के लिए काम में लिया जा रहा था।
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पुलिस की गिरफ्त मे तस्कर और बरामद हथियार।पुलिस की गिरफ्त मे तस्कर और बरामद हथियार।
एंबुलेंस जिसे हथियार तस्करी के लिए काम में लिया जा रहा था।एंबुलेंस जिसे हथियार तस्करी के लिए काम में लिया जा रहा था।

  • एसपी ने बताया कि फौजमल उर्फ फौज्या मीणा सक्रिय जिला स्तरीय हार्डकोर अपराधी है
  • तस्करों ने खुलासा किया कि वे पंचायत चुुनाव में गड़बड़ी की मंशा से बारां में हथियार बेचने जा रहे थे

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2020, 10:35 AM IST

झालावाड़. बुधवार को पुलिस ने एंबुलेंस में हथियारों की तस्करी करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया। तस्करों ने इंदौर से दवाई खरीदकर लाने के बहाने बारां में एंबुलेंस किराए पर ली। उसमें हथियार भरकर लौट रहे थे, लेकिन पुलिस की नाकाबंदी में पकड़े गए। गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि वे पंचायत चुुनाव में गड़बड़ी की मंशा से बारां में हथियार बेचने जा रहे थे।

झालावाड़ एसपी राममूर्ति जाेशी के मुताबिक, स्पेशल टीम को खबर मिली थी कि शातिर बदमाश हथियार तस्करी में एंबुलेंस इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि आमतौर पर एंबुलेंस की चेकिंग नहीं होती है। करीब 15 दिन तक स्पेशल टीम ने मुखबिरी की। बुधवार को एंबुलेंस में हथियार लाने की सूचना पर तीनधार-मंडावर मार्ग पर नाकाबंदी कराई। तस्कर नाकाबंदी तोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। तलाशी में 11 पिस्टल, 3 देसी कट्टे और 4 जिंदा कारतूस बरामद िकए। इनमें 4 पिस्टल पर मेड इन यूएसए लिखा है। गिरफ्तार किए गए छबड़ा के पचपाड़ा निवासी फौजमल उर्फ फौज्या मीणा, छबड़ा बाहरी दरवाजे के पास रहने वाले हंसराज कुशवाह, छबड़ा चाचाैड़ा दरवाजा निवासी कस्तूर काेली उर्फ केडी और छबड़ा क्षेत्र के रामपुरिया गांव निवासी चालक माेरपाल मीणा हैं। 

चेकिंग नहीं होती इसलिए तस्करों ने सुरक्षित वाहन एंबुलेंस चुना...पर पकड़े गए 

एसपी ने बताया कि फौजमल उर्फ फौज्या मीणा सक्रिय जिला स्तरीय हार्डकोर अपराधी है। छबड़ा जेल में सजा काटने के दौरान ग्वालियर के हथियार तस्कर महेश भदौरिया से उसका संपर्क हो गया। उसने हथियार मिलने के ठिकाने व हाड़ौती में तस्करी के नेटवर्क के बारे में बताया। फौजमल ने इस धंधे में हंसराज कुशवाह, कस्तूर काेली उर्फ केडी तथा मोरपाल को भी मिला लिया। मध्यप्रदेश से हथियार लाने के लिए एंबुलेंस को सुरक्षित माना। छबड़ा अस्पताल के पीछे रहने वाले परिचित की एंबुलेंस इंदौर से दवाई लाने के बहाने किराए पर ले ली। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे एमपी के जिला बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र के उमर्टी गांव में रहने वाले सिकलीगरों से हथियार खरीदकर ला रहे थे।

4 पिस्टल पर लिखा मेड इन यूएसए, फाॅरेंसिक जांच कराएगी पुलिस
एसपी ने बताया कि बरामद हथियार आधुनिक हैं। इनमें 4 पिस्टलों पर मेड इन यूएसए लिखा है। ये पिस्टल लोकल हैं या वाकई बाहर से एक्सपोर्ट कर लाए गए, फॉरेंसिक जांच के बाद ही पता चलेगा। इन हथियारों की फिनिशिंग काफी अच्छी है। सभी हथियार व कारतूस काफी घातक व बेहतर मारक क्षमता के हैं।

चुनाव में बढ़ जाती है हथियारों की मांग 

अनुसंधान में ये हथियार पंचायत राज चुनावों में गड़बड़ी फैलाने की आशंका से ले जाया जाना पाया गया है। चुनाव में खड़े होने वाले व्यक्तियों में जिनके आपस में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है, वे हथियारों की डिमांड कर सकते हैं, इस संभावना से हथियार तस्करी करके ले जा रहे थे।

हथियार तस्करों ने लौटते समय इंदौर, उज्जैन, साेयत व रायपुर तक आने के बाद रूट बदल लिया। बकानी के रास्ते तीनधार से मंडावर मार्ग चुना। क्योंकि इस रास्ते पर कोई थाना, चौकी व चेक पोस्ट नहीं है।

जिले में एंबुलेंस से हथियार तस्करी पर पहली और सबसे बड़ी कार्रवाई 

एसपी के मुताबिक, एंबुलेंस से हथियारों की तस्करी करने का जिले का पहला और एक साथ इतनी मात्रा में हथियार पकड़ने की ये सबसे बड़ी कार्रवाई है। स्पेशल टीम में प्रभारी दिग्विजय सिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश राठाैर, मदन गुर्जर, राजेश, साइबर सेल के संदीप सोमरा, कांस्टेबल राजाराम नागर, जगराम, संदीप कुमार, रविसिंह, महेंद्रसिंह, सुरेंद्र कुमार, छीतरलाल व चालक भरतकुमार शामिल थे।

कुख्यात अपराधी फौज्या के खिलाफ 16 मुकदमे
गिरफ्तार फौजमल उर्फ फौज्या मीणा के विरुद्ध हत्या, लूट, ज्यादती, हथियार तस्करी के राजस्थान व मध्यप्रदेश के अलग-अलग थानों में 16 केस दर्ज हैं। मध्यप्रदेश के धरनावदा में हुए डबल मर्डर केस में भी हथियार फौज्या ने मुहैया कराए थे। हंसराज कुशवाह भी सक्रिय आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी, मारपीट के कई प्रकरण हैं। वह छबड़ा जेल से भाग भी चुका है।

8 हजार में पिस्टल व ढाई हजार में कट्‌टा लाए एमपी से
पुलिस अनुसंधान में हथियार तस्करों ने बताया कि वे 7-8 हजार रुपए में पिस्टल लेकर आते हैं और 25 से 30 हजार रुपए में बेचते हैं। दाे से ढाई हजार रुपए में देशी कट्टा मिलता है, जिसे पांच हजार रुपए में बेचते हैं। 

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