बूंदी में बिना रेलिंग की संकरी पुलिया पर फंसा गियर, बस नदी में गिरी, 24 लोगों की मौत

3 वर्ष पहले
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  • कोटा से भात लेकर सवाई माधोपुर जा रहे थे सभी रिश्तेदार, मृतकों में 11 महिलाएं और 3 बच्चे
  • घायल ने बताया- बस मेज नदी की पुलिया पर थी, तभी देखा कि चालक बस के गियर को जोर से हिलाने लगा था
  • बोले- भड़ाक से आवाज हुई, बस एक ओर घूमी और नदी में गिरती दिखी। उसके बाद मैं बेहोश हो गया

लाखेरी (बूंदी). बूंदी जिले में लाखेरी में कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर पापड़ी गांव के पास बुधवार सुबह 9:40 बजे भीषण बस हादसा हाे गया। मेज नदी की बिना रेलिंग की संकरी पुलिया पर पहुंचते ही 29 लाेगाें से भरी मिनी बस का गियर अटक गया और अनियंत्रित होकर करीब 25 फीट नीचे नदी में जा गिरी। 24 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।


पांच घायलों को कोटा रेफर किया गया है। ये सभी रिश्तेदार थे और कोटा से भात (मौसाला) लेकर सवाई माधोपुर जा रहे थे। मृतकों में 19 लोग कोटा के, तीन बूंदी के और दो बारां के हैं। उधर, मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा के साथ आक्राेशित लोगों ने धक्का-मुक्की कर जमीन पर गिरा दिया, कपड़े फाड़ दिए, पत्थर मारकर कार के शीशे फोड़ दिए। बता दें कि कोटा के गणेशतालाब निवासी मुरली धोबी का परिवार व रिश्तेदार सुबह कोटा से सवाई माधोपुर में नीम की चौकी निवासी बादाम के यहां भात लेकर जा रहे थे। बादाम की बेटी प्रीति की शादी बुधवार को ही थी।



...और आंसुओं का समुंदर।
...और आंसुओं का समुंदर।

24 साल पहले हुआ था ऐसा ही हादसा
बूंदी के इतिहास में यह दूसरी सबसे बड़ी बस दुर्घटना है। आज से करीब 24 साल पहले 1996 में इसी तरह के एक हादसे में 35 लोगों की मौत हुई थी, तब भी कोटा से बारात बूंदी आ रही थी।

सीएम ने दुख जताया, मदद की घोषण
सीएम गहलोत ने घटना पर दुख जताते हुए कहा- हादसे की खबर सुनकर दिल की गहराई से दुखी हूं, मेरी हार्दिक संवेदनाएं पीड़ित परिजनों के साथ हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 40-40 हजार आर्थिक मदद की घोषणा की गई है। पीएम मोदी व राहुल गांधी ने भी संवेदना जताई।

ये बन गए मिसाल: मनीष बचा लाए 5 जिंदगियां
''मैं सुबह नदी पर नहाकर घर लौटा ही था कि गांव की एक लड़की ने नदी में बस पलटने की बात बताई। मैं बाइक लेकर मामा के बेटे सुनील के साथ नदी की ओर दौड़ा, पुलिया पर भीड़ लगी थी, कोई वीडियो बना रहा था तो कोई तमाशा देख रहा था। हम दोनों के अलावा चेतराम मीणा, पांचूलाल, पापड़ी के पूर्व सरपंच जगदीश, राजेंद्र वकील सहित एक दो और लोग नदी में उतर गए। बस खिड़कियों तक डूबी थी, पत्थरों से बस का शीशा, जालियां तोड़ीं। कोई सीट के नीचे दबा था तो किसी की सांस चल रही थी, लाशें पड़ी थीं। हमने पांच लोगों को बाहर निकाला। ''

मनीष मीणा।
मनीष मीणा।

हादसे ने छीन ली खुशियां, तीन परिवारों में सिर्फ बच्चे ही बचे

7 साल की जिया ने माता-पिता और बहन को खोया: बूंदी के विकास नगर निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र उनकी पत्नी 27 वर्षीय साेनिया व 4 वर्षीय कनिका की भी मृत्यु हाे गई। उनकी एक बेटी 7 वर्षीय जिया 1 मार्च काे परीक्षा हाेने के कारण साथ में नहीं गई थी, इसलिए बच गई। 

11 साल के साैम्य के पैरेंट्स, छाेटे भाई व दादा की माैत: इस हादसे ने एक परिवार के चार सदस्यों को लील लिया, लेकिन एक मासूम इसलिए बच गया क्योंकि उसके एग्जाम चल रहे हैं। दुर्घटना में उसके माता-पिता, छाेटे भाई और दादा की माैत हाे गई। 

सौम्या।
सौम्या।

13 वर्षीय टीना के मां-पिता और भाई-बहन नहीं रहे: हादसे ने 13 वर्षीय टीना के मां-पिता, भाई-बहन... चारों की माैत हो गई है। टीना इस हादसे में बच गई। उसे एमबीएस इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत में काफी सुधार है।

टीना।
टीना।

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