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कोटा की कॉलोनियों में आ रहे मगरमच्छ, थेगड़ा, रेलवे यार्ड व न्यू गोपाल विहार में पहुंचे

2 वर्ष पहले
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थेगड़ा मुक्तिधाम के पास पकड़ा गया मगरमच्छ। - Dainik Bhaskar
थेगड़ा मुक्तिधाम के पास पकड़ा गया मगरमच्छ।
  • अब तक पकड़े जा चुके 14 मगरमच्छ, नालों और सड़कों से होकर आ जाते हैं शहर में

कोटा। बारिश में इन दिनों शहर मगरमच्छों की कॉलोनी बन चुका है। आए दिन पॉश कॉलोनियों से लेकर रिहायशी और नाले वाले एरिया में मगरमच्छ निकल रहे हैं। बरसात के इस सीजन में अभी तक 14 मगरमच्छ का रेस्क्यू किया जा चुका है। इससे शहरवासियों को परेशानी हो रही है। शहर के रेलवे यार्ड की गोल्डन पिट लाइन में अचानक रात को मगरमच्छ आ गया। वहीं, दूसरी थेगड़ा मुक्ति धाम के पास करीब आठ फीट लंबा मगरमच्छ निकल आया। सूचना मिलने पर इसे रेस्क्यू कर मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एरिया में छोड़ा। 
 
वहीं, दूसरी ओर मंगलवार रात न्यू गोपाल विहार एरिया से बजरंग नगर एरिया में करीब चार-पांच फीट लंबा मगरमच्छ सड़कों पर दौड़ता रहा। राहगीरों ने इसे देखा। इसके बाद नाले में चला गया। इस दौरान करीब-एक घंटे तक यह लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। वहीं, दूसरी ओर थेगड़ा मुक्ति धाम के पास करीब आठ फीट लंबा मगरमच्छ निकल आया। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत बनी रही। सूचना पर वन मंडल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बड़ी मशक्कत से उसे रेस्क्यू किया गया। टीम ने इसे रेस्क्यू कर मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के सावन-भादों डैम में रिलीज किया गया।
 

लाडपुरा रेंजर संजय नागर ने बताया कि शहर में बारिश के कारण आए दिन मगरमच्छों के आने की सूचना मिल रही है। इन मगरमच्छों को रेस्क्यू कर सावनभादों में रिलीज किया जा रहा है। उन्होंने शहरवासियों से बारिश के दिनों में पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों चंद्रलोई नदी में एनिकट के पास मगरमच्छ को चंद्रेसल निवासी मनीष भील को शिकार बना लिया था।
 
पिछले साल पकड़े गए थे 23 मगरमच्छ 
 

वन्यजीव संख्या
मगरमच्छ 23
सांप 39
अन्य जानवर 26

 

वेटलैंड एरिया में बस गई कई कॉलोनियां 
 
रेंजर नागर ने बताया कि मगरमच्छ मूलत: पानी और वेटलैंड एरिया में रहते हैं। लेकिन शहर के विस्तार के साथ मगरमच्छ के प्राकृतिक आवास में भी कई कॉलोनियां बस गईं। इसके अलावा ये नहर और नालों से होकर शहर के अलग-अलग एरिया में पहुंच जाते हैं। 
 

स्टेशन एरिया में रही थी पैंथर की दहशत 
 
फरवरी में स्टेशन एरिया की 40 से अधिक कॉलोनियों और आर्मी एरिया में पैंथर की साइटिंग हुई। इसके चलते एक माह तक लगभग 2.50 लाख लोग दहशत में रहे। इसके कई वीडियो भी वायरल हुए। वन विभाग ने पिंजरे भी लगाए, लेकिन एक भी पैंथर नहीं मिला।

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