कोटा / ऐसे भी हो रही ऑनलाइन ठगी, मोबाइल में एप डाउनलोड करवाया और उड़ाए 80 हजार रुपए



cyber crime case in kota 2019 rajasthan
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cyber crime case in kota 2019 rajasthan

  • चीन की ई-कॉमर्स वेबसाइट से मंगाया था सामान 

Jun 18, 2019, 12:57 PM IST

कोटा | ओटीपी पूछकर और लिंक भेजकर ठगी करने के तरीके अब पुराने हो चुके हैं। अब बदमाशों ने ठगी करने के लिए मोबाइल में प्ले स्टोर से एप इंस्टॉल करवाने का नया फंडा अपना लिया है। जैसे ही ठगों के झांसे में आकर आप मोबाइल में प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करेंगे आपका बैंक खाता पूरी तरह से खाली हो जाएगा। ऐसा एक मामला हाल ही में रेलवे कॉलोनी पुलिस के सामने आया है, जिसमें बदमाशों ने रेलवे कर्मचारी के साथ इसी प्रकार से ठगी की है। ठगी होने का पता उसे तब चला जब मोबाइल पर मैसेज आया। कर्मचारी ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। 
रेलवे वर्कशॉप में कर्मचारी ओमप्रकाश महावर ने एक ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट से प्रोडक्ट मंगवाया। इसके एवज में उन्होंने 690 रुपए ऑनलाइन पेमेंट कर दिया, लेकिन उन्हें कई दिनों तक डिलीवरी नहीं मिली। इसपर महावर ने वेबसाइट के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया। कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ने महावर के मोबाइल पर एक लिंक भेजा। उसे बताया गया कि लिंक पर क्लिक करने पर उन्हें प्रोडक्ट की डिलीवरी डिटेल मिल जाएगी। लिंक पर क्लिक करने पर डिटेल नहीं मिली और जब महावर ने वापस फोन किया तो कस्टमर केयर से उनके मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। महावर ने प्ले स्टोर पर जाकर एप डाउनलोड कर लिया। एप डाउनलोड करने के बाद उनके बैंक खाते से 80 हजार रुपए एक बार में उड़ गए। महावर का कहना है कि यह एक चीन की ई-कॉमर्स वेबसाइट है, जिसके भारत के ऑफिस का भी पता नहीं है। अब कस्टमर केयर को फोन नहीं लग रहा और लगता है तो वो उठाते नहीं हैं। 

 

भास्कर एक्सपर्ट : किसी के कहने पर एप डाउनलोड नहीं करें 

एप डाउनलोड करवाकर फोन हैक करना और फोन को रिमोट पर लेना ऑनलाइन फ्रॉड का ही एक तरीका है। ऐसा काम सामान्यतया: सिर्फ हैकर्स करते है। एप के जरिए ये आपके फोन का पूरा एक्सेस खुद के कंट्रोल में कर लेते हैं। जैसे टीवी का रिमोट आपके पास हो तो पूरा टीवी आपके कंट्रोल में होता है और चाहे जो चैनल देख सकते हो ठीक वैसे ही जब एप के माध्यम से फोन का पूरा एक्सेस हैकर्स तक पहुंच जाता है तो वो सबकुछ कर सकते हैं। आपके फोन नंबर, फोटो, वीडियो, बैंक डिटेल, ऑडियो, फोटो की पल-पल के स्क्रीन शॉट, फोन कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डेटा तक हैकर्स की पहुंच हो जाती है। यह उनके लिए एक हैकिंग टूल है। इसलिए किसी के कहने पर एप डाउनलोड नहीं करें। यदि गलती से एप डाउनलोड हो गया तो इसके बाद फोन को पूरी तरह से रिसेट करें। 

 

नॉलेज : प्ले स्टोर सुरक्षित नहीं, एप डाउनलोड करते समय रखे यह सावधानियां 

 

  • प्ले स्टोर पर सबकुछ सुरक्षित हो ऐसा नहीं है क्योंकि सबसे पहली बात तो गूगल इसकी गारंटी नहीं लेता। प्ले स्टोर पर करोड़ों एप हैं और हर एप को गूगल हर समय चेक नहीं कर सकता। इसलिए सुरक्षित रहने का सबसे बढ़िया तरीका सावधान रहना ही है। 
  • कोई भी एप जब बहुत ज्यादा जरूरी हो तभी डाउनलोड करें, सिर्फ डाउनलोड करके देखते हैं, वापस हटा देंगे? इससे खुद को रोकें। क्योंकि बहुत से एप ऐसे हैं, जिन्हें एक बार डाउनलोड करने के बाद उन्हें अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता। यह इस तरह से डिजाइन किए जाते हैं कि अनइंस्टॉल करने पर वो मोबाइल में हाइड हो जाते हैं, जबकि होम स्क्रीन पर वो डिलीट होते नजर आते है। 
  • कोई एप फर्जी है या सही इसका पता नहीं लगाया जा सकता। हालांकि कुछ सावधानी जरूर रख सकते हैं, जैसे एप को करीब 1 मिलियन से ज्यादा लोगों ने यूज किया हो तभी उसे डाउनलोड करें। एप डाउनलोड करने से पहले उसकी रेटिंग चेक कर लें, जिसकी रेटिंग ज्यादा हो उसे यूज करें। एप को रेगुलर अपडेट करें। 
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