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छह साल की मासूम से ज्यादती के बाद हत्या करने के आरोपी को सजा-ए-मौत

5 माह 24 दिन में फैसला, झालावाड़ में पहली बार मौत की सजा

Danik Bhaskar | Aug 25, 2018, 06:51 AM IST

झालावाड़. छोटी रायपुर गांव में चॉकलेट खिलाने के बहाने 6 साल की मासूम बच्ची को अपने घर ले जाकर उससे ज्यादती करने और फिर हत्या कर शव को फेंकने के आरोपी को शुक्रवार को पॉक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई।

विशिष्ट न्यायाधीश (एससी-एसटी व पॉक्सो कोर्ट) ने करीब 5 माह 23 दिन में यह फैसला सुना दिया और अभियुक्त मोड़सिंह भील उर्फ मोरसिंह उर्फ लंगड़ा (24) को सजा-ए-मौत से दंडित किया। दुष्कर्म मामले में किसी को फांसी की सजा दिए जाने का झालावाड़ में यह पहला मामला है। इसी साल 14 फरवरी को छोटी रायपुर-कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कोतवाली में अपनी 6 साल की बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बालिका की तलाश की तो 15 फरवरी को गेहूं के खेत में उसका शव मिला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में आरोपी मोड़सिंह उर्फ मोरसिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 28 फरवरी को कोर्ट में चालान पेश कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक ने कुल 25 गवाहों के बयान कोर्ट में करवाए। साक्ष्य के रूप में 44 दस्तावेज पेश किए गए।

पकड़े जाने के डर से पत्थर से कर दी हत्या : मोरसिंह मासूम से अच्छा परिचित था। पड़ोसी होने के कारण बच्ची उसे अंकलजी कहकर पुकारती थी और अक्सर चॉकलेट मांगती थी। आरोपी मोरसिंह शराब पीकर उस दिन गांव में आयोजित शिवरात्रि मेले में गया। वहां ठाकुरजी के मंदिर के पास बालिका खेलती हुई मिली। वह चॉकलेट देने का लालच देकर बालिका को अपने घर ले गया। वहां उसने बालिका से ज्यादती की। लेकिन अत्यधिक दर्द व रक्त स्त्राव के कारण वह बेहोश हो गई। पकड़े जाने के डर से आरोपी ने बालिका के सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। लाश को एक कट्टे में डालकर पास के ही खेत में डाल दिया।