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पाक में गुरुद्वारे के दर्शन की इजाजत मिलना देश के लिए ऐतिहासिक : बेदी

3 वर्ष पहले
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भारत और पाकिस्तान सरकार ने गुरु साहिब के 550 प्रकाश उत्सव पर करतारपुर साहिब जहां गुरुनानक देव ने अपने जीवन के 16 साल व्यतीत किए उस रास्ते को खोलने का फैसला किया है। इसका काम शुरू हो गया है। जीवित जोत गुरु ग्रंथ साहिब के सामने 71 साल से अरदास में इसकी दुआ मांगी जा रही ‌थी। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब डेरा बाबा नानक गुरुदासपुर की सीमा से बहुत पास है।

कोटा सिख प्रतिनिधि सोसाइटी के अध्यक्ष तरुमीत सिंह बेदी ने बताया कि इतने सालों बाद गुरु साहिब ने प्रत्यक्ष रूप से संभव करवाया, इससे बड़ा कोई हर्ष की तारीख नहीं हो सकती। तीनों सरकारों ने इस ऐतिहासिक पल को संभव बनाया है। गुरु साहिब के पिता का जन्म दरबार साहिब अमृतसर के पास स्थित हैं जहां संत बाबा लखा सिंह जत्थेदार गुरुद्वारा अगमगढ़ साहिब के नेतृत्व में विश्व स्तर पर मनाया जाएगा।

सिख समाज सबका आभारी है, जिससे ये कारज शुरू होने जा रहा है। गोष्ठी में शामिल हुए सिख समाज के हरमीत सिंह, मनदीप साहनी, गुरुदीप सिंह, बलजीत सिंह, कंवलजीत सिंह, उदा सिंह, अमन सिंह, अवतार सिंह ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

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