अपराध / फर्जी अधिकारी बनकर बेरोजगारों को नौकरी लगवाने के बहाने लाखों की ठगी, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार



पुलिस की गिरफ्त में आरोपी भंवरलाल पुलिस की गिरफ्त में आरोपी भंवरलाल
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी भंवरलालपुलिस की गिरफ्त में आरोपी भंवरलाल

  • भीमगंज थाना पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़ा गया
  • अलग अलग विभागों में अधिकारी बनकर बेरोजगारों को फंसाता है आरोपी

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 07:08 PM IST

कोटा. शहर में भीमगंजमंडी थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर हिस्ट्रीशीटर को गुरुवार को गिरफ्तार किया है, जो कि बेरोजगार लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसे देकर मोटी रकम हड़पता था। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने छह मोबाइल सिमकार्ड, 5 आईडी कार्ड व एक फाइल बरामद की है। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज करीब 30 मुकदमों में चालान पेश हो चुका है। वह बारां जिले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी करता था। लेकिन उसके काले कारनामे सामने आने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। तब से वह ठगी की वारदातें करने लगा। 

खाना पकाने आने वाली महिला के बेटे को नौकरी लगाने के बहाने ठगे चार लाख रुपए, फिर भाग निकला

  1. एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भंवरलाल धोबी (60) निवासी छबड़ा, जिला बारां है। फिलहाल कोटा शहर के संतोषी नगर में रहता है। उसके खिलाफ सुभाष कॉलोनी कोटा निवासी सुनीता महावर ने भीमगंजमंडी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि चार महिने पहले आरोपी भंवरलाल उसके घर आया था। खुद को मोहनलाल बताकर अधीक्षक कार्यालय में बड़ा अधिकारी होना बताया।

  2. तब पीड़िता झांसे में आकर भंवरलाल के यहां खाना बनाने का काम करने लगी। इसी बीच भंवरलाल ने पीड़िता सुनीता महावर से उसके बेटे को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और करीब चार लाख रुपए हड़पकर फरार हो गया। मोबाइल भी बंद कर लिया। तब ठगी की शिकार सुनीता ने केस दर्ज करवाया। तब एडिशनल एसपी राजेश मील के निर्देशन में डीएसपी भगवत हिंगड़ व थानाप्रभारी हर्षराज सिंह खरेड़ा के नेतृत्व में गठित टीम ने भंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया। 

  3. सूटबूट व टाई पहनकर ऑटोरिक्शा में बेरोजगारों के घर पहुंचता है, फिर बातों में फंसाकर करता है ठगी

    एडिशनल एसपी राजेश मील ने बताया कि आरोपी भंवरलाल हिस्ट्रीशीटर है। व हाईफाई जिंदगी जीता है। अपना झूठा प्रभाव दिखाकर बेरोजगार लोगों पर विश्वास जताता है। ऑटोरिक्शा लेकर उनके घर पहुंचता है। फिर अलग अलग विभागों में खुद को अधिकारी बताकर बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल करता है। पड़ताल के दौरान पुलिस टीम ने भंवरलाल के सीसीटीवी फुटेज जुटाए।

  4. इससे सुनीता महावर ने उसका हुलिया पहचान लिया। तब वह पकड़ा गया। वह फर्जी आइडी से मोबाइल सिम जारी करवाता है। एक मुकदमे में भंवरलाल ने खुद को बूंदी जिले के न्यायाधीश का पीए बीएल शर्मा बताकर एक बेरोजगार से ढाई लाख रुपए हड़प लिए थे। पूछताछ में सामने आया कि कोटा के नयापुरा क्षेत्र में स्थित एक होटल में भंवरलाल ने फर्जी नाम हेमराज बैरवा के नाम से कमरा बुक करवा रखा था।

  5. ठगी के लिए वह बेरोजगार युवकों को रकम और दस्तावेज लेकर कलेक्ट्रेट व सर्किट हाउस बुलाता है। जहां पीड़ित को बाहर बैठा देता है। खुद अफसर के कमरे में किसी बहाने से अंदर चला जाता है। फिर चंद सैकंड में बाहर आकर मीटिंग चलने की बात कहता है। इसके बाद पीड़ित को वहीं बैठाकर कोई भी बहाना बनाकर चला जाता है। इसके बाद फोन बंद कर लेता है। 

    फोटो व खबर: समकित जैन

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