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कोटा / जेकेलोन अस्पताल में 150 बेड के नए वार्ड बनेंगे, नवजातों के लिए नया एनआईसीयू भी

जेके लोन का निरीक्षण करते कलेक्टर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व अन्य। जेके लोन का निरीक्षण करते कलेक्टर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व अन्य।
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जेके लोन का निरीक्षण करते कलेक्टर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व अन्य।जेके लोन का निरीक्षण करते कलेक्टर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व अन्य।

  • जेकेलोन में अब जच्चा-बच्चा की मौत की होगी डेथ ऑडिट

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2020, 11:31 AM IST

कोटा. राजस्थान के कोटा स्थित जेकेलोन अस्पताल में अब जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में विभागाध्यक्ष को डेथ ऑडिट करवानी होगी। इस रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट करना होगा। इस बारे में शिशु रोग विभाग व गायनी विभाग को आदेश दिए गए हैं। रविवार को जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. सुरेश दुलारा ने यह जानकारी दी।

डाॅ. दुलारा ने पिछले 36 दिनों में 110 बच्चों की मौत के कारण के बारे में कहा कि आसपास के जिलों व मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों से नवजात गंभीर स्थिति में आते हैं। दिसंबर में सर्दी का जोर कुछ अन्य दिनों से अधिक रहा है। सफर के दौरान बच्चों को ठंड लग जाती है। कई बच्चों की मौत हाइपोथेर्मिया से भी होने की बात सामने आई है। 

वहीं, अस्पताल में उपकरणों की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि एनआईसीयू और पीआईसीयू में 42 बेड के लिए अब 51 वॉर्मर हैं। 60 वेंटीलेटर की सीएमसी की गई है। अस्पताल में 28 नेबूलाइजर और 5 पल्स ऑक्सीमीटर हैं।

कलेक्टर ने बच्चों की लगातार मौत होने के बाद जेकेलोन अस्पताल के निरीक्षण के दौरान बच्चों की गहन चिकित्सा इकाई, गायनी वार्ड सहित पूरे अस्पताल में सुविधाएं देखी। साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में उन वार्डों को भी देखा जहां पहले खिड़कियां टूटी थी। हालांकि अब नई खिड़कियां लगा दी गई हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने की जांच
जेकेलोन अस्पताल में बच्चों की मौत के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम कोटा पहुंची थी। टीम के सदस्यों ने जेकेलोन, नए अस्पताल के अलावा रविवार को ग्रामीण क्षेत्र के खेड़ारसूलपुर पीएचसी और गंदीफली में सब सेंटर का निरीक्षण किया। साथ ही वहां यह देखा था कि किस तरह से बच्चों व मां का इलाज होता है। कितनी प्रसूताओं व बच्चों को जेकेलोन अस्पताल रैफर किया जाता है। रविवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने बूंदी के जिला अस्पताल में लेबर रूम, बच्चों के वार्ड, वॉर्मर की स्थिति, उपकरणों की हालत और टीकाकारण का रिकॉर्ड देखा।

स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम अब रिपोर्ट विभाग को देगी। रैफर होकर जेकेलोन अस्पताल पहुंचे बच्चों की मौत के प्रश्न पर डा. दुलारा ने कहा कि गंभीर स्थिति में बच्चे अस्पताल में पहुंचते हैं। उनके इलाज का पूरा प्रयास किया जाता है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम अस्पतालों की व्यवस्थाओं को देख रही है। कहां गैप है। इसको कैसे दूर किया जा सकता है।

इस बारे में टीम अपनी रिपोर्ट देगी। गौरतलब है कि जेकेलोन में 36 दिनों में 110 बच्चों की मौत हो चुकी है। भास्कर ने इस मामले को लगातार उठाया और अस्पताल की कमियां उजागर कीं। इसके बाद प्रदेश सरकार सक्रिय हुई और मंत्रियों के अलावा उच्च स्तरीय जांच टीम ने अस्पताल का दौरा किया। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा केंद्र सरकार की टीम ने भी अस्पताल का दौरा करके जांच की।


जेकेलोन अस्पताल में 150 बेड के नए वार्ड बनेंगे, नवजातों के लिए नया एनआईसीयू भी
जेकेलोन में एक बेड पर दो व तीन बच्चे व एक वॉर्मर में तीन-तीन बच्चों को रखे जाने की समस्या को देखते हुए अब अस्पताल का विस्तार किया जाएगा। अस्पताल में बच्चों के लिए 150 बेड की क्षमता के नए वार्ड बनाए जाएंगे। इसमें कुछ वार्ड गंभीर बच्चों के इलाज के लिए एनआईसीयू व पीआईसीयू के होंगे। यह बात रविवार को कलेक्टर ओम कसेरा ने अस्पताल के निरीक्षण के बाद कही। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, जेकेलोन अधीक्षक, गायनी व शिशु रोग विभागाध्यक्ष के साथ मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि अस्पताल के सामने की तरफ विस्तार होगा। सामने बने गेट को बंद कर दूसरी तरफ रास्ता दिया जाएग। उन्होंने कहा कि अस्पताल के विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। उसमें कुछ बदलाव कर एक सप्ताह में उसे सरकार को भेज दिया जाएगा। अभी 12 बेड का नया एनआईसीयू बनाया जा रहा है। 10-15 दिन में उस वार्ड को भी शुरू कर दिया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में सुधार को लेकर बैठक में चर्चा की गई है कि कितने और उपकरण खरीदने हैं। वैसे अभी की बेड संख्या के अनुसार उपकरण की संख्या पर्याप्त हो गई है। कुछ उपकरण सीएसअार से भी अाने हैं। शिशु रोग विभाग में 5 नए डाक्टर आने वाले हैं। इसके बारे में अादेश जारी हो चुके हैं। शिशु रोग विभाग में डाॅक्टरों की कमी नहीं रहेगी। 42 बेड के एनअाईसीयू व पीअाईसीयू के लिए 40 नर्सिंग स्टाफ तैनात होगा। निरीक्षण के दौरान प्रिसिंपल डा. विजय सरदाना, जेकेलोन अधीक्षक डा. सुरेश दुलारा भी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर ने लगातार कमियां उजागर की तो जागी सरकार, अब जेकेलोन में बढ़ेंगी सुविधाएं
बच्चों के आईसीयू व वार्ड देखे

  • अभी जेके लोन की स्थिति
  • 157 बेड हैं अभी बच्चों के लिए
  • 350 बेड हैं गायनी विभाग में
  • 12 बेड का नया एनआईसीयू बन रहा है
  • 150 बेड बढ़ाए जाएंगे अस्पताल में
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