बूंदी / कोटा-जयपुर हाईवे 20 दिन से बंद, निर्माण में खामियां, अफसर कह रहे-पानी है, अपने आप उतरेगा



Kota-Jaipur highway in Bundi closed for 20 days
X
Kota-Jaipur highway in Bundi closed for 20 days

  • 15 अगस्त काे हुई तेज बारिश के बाद से हाईवे बंद है और पूरा ट्रैफिक नजदीक के गांव से होकर गुजारना पड़ रहा
  • हाईवे निर्माण में कंसल्टेंट रहे रिटायर्ड चीफ इंजीनियर खुद बोले- निर्माण में खामियां रही

Dainik Bhaskar

Sep 04, 2019, 01:59 AM IST

कोटा/बूंदी (आशीष जैन). बूंदी जिले के तालाब गांव के पास पिछले करीब 20 दिन से कोटा-जयपुर हाईवे (एनएच-52) का 400 मीटर का हिस्सा खुद तालाब बना हुआ है। क्षेत्र में 15 अगस्त काे हुई तेज बारिश के बाद से हाईवे बंद है और पूरा ट्रैफिक नजदीक के गांव से होकर गुजारना पड़ रहा है।

 

भास्कर ने सिस्टम के इस फेल्योर को समझने और तकनीकी खामियां जानने के लिए ऑन स्पॉट जाकर स्थिति देखी और विशेषज्ञों से बात की। इस दाैरान सामने आया कि सर्वे से लेकर सड़क निर्माण तक में खामियां छाेड़ी गई। चाैंकाने वाली बात यह है कि 20 दिन से बंद हाईवे काे लेकर सारी एजेंसियां मूकदर्शक बनी हुई हैं और सिर्फ यह इंतजार कर रही हैं कि पानी कब उतरेगा?

 

एनएचएआई के प्राेजेक्ट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पानी ऑटोमेटिक ही उतरेगा। अगले साल सड़क को ऊंचा कर पाएंगे। दूसरी ओर, पानी उतरने में दो से तीन माह लगने की आशंका है। हाईवे का यह हिस्सा बूंदी के रियासतकालीन फूल सागर तालाब के कैचमेंट एरिया में है। इस बार हुई रिकॉर्ड बारिश ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। सड़क पर 2 से 3 फीट पानी भरा है। तालाब से पानी निकासी का फिलहाल कोई सिस्टम नहीं है। सरपंच माेहम्मद हनीफ ने बताया कि पानी के बीच से चालक वाहन निकालने की कोशिश करते हैं। करीब 50 ट्रकों के इंजन सीज हो चुके हैं।

 

पूरे तंत्र पर ही उठ रहे सवाल...क्याेंकि

करीब 8 साल पहले हाईवे काे फोरलेन किया गया। इसकी ऊंचाई पहले बने टू लेन हाईवे से 1 मीटर नीचे रख दी गई। सरपंच मोहम्मद हनीफ सहित ग्रामीणाें ने तब भी यह मुद्दा उठाया था। जिला प्रशासन से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक को शिकायतें की। लेकिन हमारी नहीं सुनी गई, क्याें?
सर्वे करने वाली एजेंसियों को तालाब या उसके कैचमेंट एरिये का पता था, फिर भी इसे नजरअंदाज क्याें किया गया।  {2016 में भी हाईवे पर एक तरफ कुछ पानी आया था। ग्रामीणों ने उस वक्त भी सड़क काे ऊंचा करने की मांग उठाई, लेकिन एजेंसियों ने अनसुना क्याें किया?

 

हाईवे निर्माण में कंसल्टेंट रहे रिटायर्ड चीफ इंजीनियर खुद बोले- निर्माण में खामियां रही

पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर और इस हाईवे के थर्ड पार्टी कंसल्टेंट धीरेंद्र माथुर ने खुद स्वीकार किया कि हाईवे के सर्वे से लेकर निर्माण के वक्त यह चूक रही। सड़क की ऊंचाई का ध्यान नहीं रखा गया। सड़क पर दोनों तरफ करीब 80 सेमी तक पानी आ गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में एक ही विकल्प है कि किसी तरह पुराने गेटों को खोलकर कुछ पानी की निकासी की जाए और सड़क का काम शुरू कराया जाए।
 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना