Hindi News »Rajasthan »Kota» दावा-हैंडपंप ठीक, हकीकत-भीषण गर्मी में कई किमी चलकर जाते हैं कुओं पर पानी लेने

दावा-हैंडपंप ठीक, हकीकत-भीषण गर्मी में कई किमी चलकर जाते हैं कुओं पर पानी लेने

पीएचईडी अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में अधिकतर हैंडपंप ठीक हैं और जाे खराब हैं उनको तुरंत ठीक करवाया जा रहा है,...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 02:55 AM IST

दावा-हैंडपंप ठीक, हकीकत-भीषण गर्मी में कई किमी चलकर जाते हैं कुओं पर पानी लेने
पीएचईडी अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में अधिकतर हैंडपंप ठीक हैं और जाे खराब हैं उनको तुरंत ठीक करवाया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप की स्थिति काफी खराब है। इसी का नतीजा है कि लोग कुअों से गंदा पानी पीने का मजबूर है। यह पानी लोगों की सेहत भी खराब कर सकता है, लेकिन उसके बावजूद भी लोगों के पास कुओं के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। हैंडपंप की हकीकत को पता करने के लिए ही भास्कर टीम सोमवार को शहर से सटे गांव वृंदावन, झिरनिया, बिलोनिया, कोटड़ा तक पहुंची।

यहां स्थिति काफी विकट दिखाई दी। भीषण गर्मी में महिलाएं कुआें से पानी खींचने और सिर पर रखकर करीब एक से डेढ़ किमी क्षेत्र तक जाने को मजबूर हैं। अभी तापमान जहां 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक चल रहा है ऐसे में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच महिलाओं और बच्चों को यहां पानी के लिए गर्मी में भटकना पड़ रहा है। प्रतिदिन सुबह से ही इन गांवों में कुओं पर भीड़ लगना शुरू हो जाती है। कुओं में कचरा और गंदगी होने के बावजूद ग्रामीण इन्हीं कुओं से पानी ले रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुअों से पानी लेने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।

तस्वीर इसलिए जरूरी...क्योंकि हम पानी की कीमत अब भी नहीं समझ रहे

वृंदावन में पाइप लाइन फूटी तो टैंकर चलाने लगे: शहर से पांच किमी दूरी पर स्थित वृंदावन गांव तक पाइप लाइन बिछी हुई है। दस दिन पहले यहां सड़क निर्माण के दौरान पाइप लाइन टूट गई। पीएचईडी के अधिकारियों ने यहां पाइप लाइन सुधरवाने की बजाय टैंकर संचालित कर दिए। यहां पर लाइन से लोगों को पर्याप्त पानी मिलता था, लेकिन अब टैंकर से केवल पीने का ही पानी मिल पाता है इसके लिए भी लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

झिरनिया में एक हैंडपंप चालू, वह भी खारा पानी दे रहा: झिरनिया गांव में चार हैंडपंप हैं। सालों पुराने होने के चलते यह खराब पड़े हैं। एक हैंडपंप चालू है वह भी खारा पानी दे रहा है। ऐसे में इस पानी को लोग पी ही नहीं पा रहे हैं। इसके चलते लोगों की भीड़ कुओं पर लगी रहती है। यहां 2 हजार की जनसंख्या है। यहां दो कुएं हैं दोनों पर लोगों की भारी भीड़ लगी रहती है। ग्रामीण लीलाबाई, प्रेमबाई, सुमित्रा बाई ने बताया कि गांव के सभी हैंडपंप खराब हैं।

बिलोनिया में समस्या विकट, कुओं से लाते हैं पानी: बिलोनिया गांव में पानी की काफी विकट समस्या है। यहां भी लोगों को कुओं से पानी लाना पड़ता है। इस गांव में मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं। मजदूरी करने के बाद जैसे ही घर पर पहुंचते हैं उसके बाद पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि अभी बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश हैं, इसके चलते दिनभर बच्चों को भी पानी भरना पड़ता है।

झिरनिया में कुएं पर लगी भीड़।

मुंडेर पर चढ़कर पानी भरने से हादसे की आशंका

झिरनिया गांव में कुएं पर मुंडेर बना रखी है, इसी मुंडेर पर चढ़कर महिलाएं और बच्चे पानी भरते हैं। ऐसे में जरा सा पैर फिसलते ही बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। यहां मुख्य कुएं का जलस्तर भी काफी नीचे जा पहुंचा है। ऐसे में कभी भी हवा का झोंका या जरा सा धक्का लगते ही कुएं में गिरने का डर बना रहता है।

वृंदावन गांव में टैंकर चलाए जा रहे हैं। झिरनिया, बिलोनिया सहित अन्य गांवों में समस्या है तो वहां भी दिखवा लिया जाएगा। इस समस्या को हल करने के प्रयास किए जाएंगे। नरेंद्र मुक्तावत,एईएन पीएचईडी

कोटड़ा में तापमान के साथ ही बढ़ रही है समस्या: कोटड़ा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। यहां पर खनन एरिया होने के चलते तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार अधिकारियों से पानी की मांग कर चुके हैं, अभी तक इस बड़ी समस्या का हल नहीं हुआ है। वृंदावन तक पानी की लाइन आ चुकी है, इसको कुछ दूरी आगे बढ़ा दिया जाए तो यह समस्या हल हो सकती है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kota

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×