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‘निगम 500 पार्कों को संभाल नहीं सकता इसलिए गोद देने की प्रक्रिया सरल करो’

शहर में नगर निगम के पास लगभग 500 पार्क है और इन सभी का रखरखाव करने के लिए काफी पैसे की जरूरत है और निगम के पास इतना बजट...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:00 AM IST
शहर में नगर निगम के पास लगभग 500 पार्क है और इन सभी का रखरखाव करने के लिए काफी पैसे की जरूरत है और निगम के पास इतना बजट नहीं होता है। दूसरी तरफ शहर की सामाजिक संस्थाएं व समितियां इन पार्कों को गोद लेने के लिए नगर निगम के चक्कर काट रही हैं और निगम उन्हें गोद नहीं दे रहा। ये हास्यास्पद है। गोद देने की प्रक्रिया सरल की जाए ताकि सहयोग करने वालों को परेशानी न हो। प्रस्ताव ले और उद्यान समिति की बैठक में हाथों हाथ निर्णय करें।

यह बात सोमवार को उद्यान समिति की बैठक में महापौर महेश विजय ने कही। इसके बाद समिति अध्यक्ष विनोद नायक ने प्रस्ताव पारित किया कि शहर के पार्कों को रजिस्टर्ड समितियों को गोद देने का भी निर्णय किया गया। स्थानीय समितियों की देखरेख में पार्कों का बेहतर रखरखाव हो सकेगा। इसके लिए स्थानीय वार्ड के पार्षद की अध्यक्षता में संचालन समिति का गठन किया जाएगा। बैठक में ही कुछ पार्कों को आए प्रस्तावों के अनुसार गोद देने की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई। बैठक में उपमहापौर सुनीता व्यास, समिति सदस्य एवं पार्षद प्रकाश सैनी, ध्रुव राठौर, बृजमोहन गौड़, ममता कंवर, बशीरुद्दीन कुरैशी, दौलतराम मेघवाल, रमेश आहूजा व रेखा जैन, उपायुक्त प्रेमशंकर शर्मा, उद्यान अधीक्षक एक्यू कुरैशी, सहायक अभियंता अजय बब्बर भी उपस्थित रहे।

उद्यान समिति की बैठक लेते महापौर।

अर्जुन देव पार्क को लेकर सिख समाज में रोष

दादाबाड़ी स्थित अर्जुन देव पार्क को समाज के कार्यक्रम के लिए प्रतिबंधित करने पर सिख समाज का प्रतिनिधिमंडल भी बैठक में पहुंचा। समाज ने इसका विरोध किया और इसे समाज को गोद देने की मांग की। ताकि वर्ष में एक बार होने वाले कार्यक्रम करवाकर इसका रखरखाव किया जा सके।

ये निर्णय लिए गए बैठक में