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93 में बना टीटी अस्पताल, आज करीब 10 करोड़ रु. कीमत

कोटा | आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले आरोपी डॉ. आरपी शर्मा ने टीटी हॉस्पिटल वर्ष 1993 में बनाया था। यह कोटा का सबसे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:15 AM IST

93 में बना टीटी अस्पताल, आज करीब 10 करोड़ रु. कीमत
कोटा | आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले आरोपी डॉ. आरपी शर्मा ने टीटी हॉस्पिटल वर्ष 1993 में बनाया था। यह कोटा का सबसे पुराना प्राइवेट हॉस्पिटल है। यह हॉस्पिटल 60 बेड का है। एसीबी ने जांच में पाया कि अस्पताल के अस्तित्व में आने से पहले के दस्तावेजों में डॉ. आरपी शर्मा का नाम था। 1992 के दस्तावेज भी एसीबी ने कोर्ट में पेश किए। प्रॉपर्टी कारोबारियों की मानें तो आज की स्थिति में अस्पताल की कीमत 8 से 10 करोड़ आंकी जा सकती है। इसमें अस्पताल का भवन, जमीन और उसमें मौजूद संसाधन भी आ जाते हैं।

एसीबी की जांच में पाया कि टीटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लि मिटेड के 4.5 लाख में से 3.59 लाख शेयर डॉ. शर्मा के परिजनों, अस्पताल के कर्मचारियों के नाम थे। जिस सर्टिफिकेट से शेयर किए गए, उसमें एड्रेस 5-ए-4 तलवंडी था, जो शर्मा का मकान है। कुछ शेयर धारकों के भी कोर्ट में बयान हुए, जिन्होंने बताया कि वे खुद हॉस्पिटल के कर्मचारी हैं।

नजीर बनेगा फैसला, मैंने 25 साल में नहीं देखा : एडीपी : मामले में एसीबी की तरफ से पैरवी करने वाले सहायक निदेशक अभियोजन (एडीपी) अहसान अहमद ने कहा कि यह फैसला नजीर बनेगा। मैंने अपने 25 साल के कॅरिअर में ऐसा फैसला नहीं देखा।

हाईकोर्ट में करेंगे अपील : डॉ. तनय : डॉ. आरपी शर्मा के पुत्र डॉ. तनय शर्मा ने कहा कि कोर्ट के फैसले पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की जा सकती। हमारे पास सारे लीगल विकल्प खुले हुए हैं, उसी के तहत हम हाईकोर्ट जाएंगे और अपील करेंगे।

कोर्ट की टिप्पणी

देश और अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहा भ्रष्टाचार

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह है, जो अर्थव्यवस्था व देश को खोखला कर रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए वृहद स्तर पर प्रयास किए जाने अपेक्षित है। ऐसे में प्रकरण के तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए दंड तय किया जा रहा है। मामले में आरोपी चंद्रकांता शर्मा की उम्र 90 वर्ष व उनके पति तेजकरण की उम्र 92 वर्ष है, ऐसे में उनके द्वारा किए गए कृत्य, उम्र व परिस्थितियों पर विचार करने के बाद दंडित किया जाना न्यायोचित है।

सुबह 10 बजे आया फैसला : कोर्ट ने सुबह 10 बजे फैसला सुनाया। डॉक्टर व उनकी प|ी को सात-सात वर्ष और अन्य तीनों को पांच-पांच साल की सजा मिलने पर उन्हें जेल भेज दिया। आरोपी सास व ससुर को तीन-तीन साल की सजा मिलने पर वे जेल से जाने से बच गए।

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