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घूस के आरोपी आबकारी अधिकारी, सीआई को जेल

कोटा | चित्तौड़गढ़ एसीबी ने बूंदी में ढाई लाख की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार आरोपी जिला आबकारी अधिकारी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:15 AM IST

घूस के आरोपी आबकारी अधिकारी, सीआई को जेल
कोटा | चित्तौड़गढ़ एसीबी ने बूंदी में ढाई लाख की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार आरोपी जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार, आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित और उसके ड्राइवर रूपलाल को कोर्ट में पेश किया। हिरासत के दौरान भी आबकारी निरीक्षक मनीषा फोन पर बातें करती रहीं। गिरफ्तारी के बावजूद उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिख रही थी। कोर्ट ने उन्हें 30 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया । बूंदी जिले के लांबाखोह गांव के भगवत सिंह और हिम्मत सिंह ने 11 मई को चित्तौड़गढ़ चौकी पर रिपोर्ट दी थी। एसीबी की एक टीम ने परमार को उनके देवपुरा के शीतला नगर में किराए के मकान से लेते हुए और दूसरी टीम ने आबकारी निरीक्षक और उसके ड्राइवर को एक लाख की रिश्वत के साथ जिला आबकारी कार्यालय से गिरफ्तार किया। आबकारी निरीक्षक के लिए ड्राइवर ने रिश्वत में एक लाख रुपए लिए थे। कोर्ट ने उन्हें 30 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आरोपी सीआई।

मूल्यांकन अधिकारी की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ाई

कोर्ट ने रिश्वत मामले में आरोपी राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की मूल्यांकन अधिकारी जयेता दास गुप्ता और दलाल अरिंदम अधिकारी की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ा दी है। बूंदी के एनजीओ राष्ट्रीय मानव विकास समिति के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश कुमावत ने शिकायत पर एसीबी ने मूल्यांकन अधिकारी जयेता को दलाल के माध्यम से 19 मार्च को एनजीओ की मूल्यांकन रिपोर्ट सही बनाने की एवज में फरियादी से 45 हजार रुपए की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था।

कोटा | चित्तौड़गढ़ एसीबी ने बूंदी में ढाई लाख की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार आरोपी जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार, आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित और उसके ड्राइवर रूपलाल को कोर्ट में पेश किया। हिरासत के दौरान भी आबकारी निरीक्षक मनीषा फोन पर बातें करती रहीं। गिरफ्तारी के बावजूद उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिख रही थी। कोर्ट ने उन्हें 30 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया । बूंदी जिले के लांबाखोह गांव के भगवत सिंह और हिम्मत सिंह ने 11 मई को चित्तौड़गढ़ चौकी पर रिपोर्ट दी थी। एसीबी की एक टीम ने परमार को उनके देवपुरा के शीतला नगर में किराए के मकान से लेते हुए और दूसरी टीम ने आबकारी निरीक्षक और उसके ड्राइवर को एक लाख की रिश्वत के साथ जिला आबकारी कार्यालय से गिरफ्तार किया। आबकारी निरीक्षक के लिए ड्राइवर ने रिश्वत में एक लाख रुपए लिए थे। कोर्ट ने उन्हें 30 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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