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साहित्यकारों ने कविता के सृजन से परिवर्तन की वकालत की

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष और युवा कवि राजेन्द्र गौड़ की कविता संग्रह चुप नहीं बैठूंगा का...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:25 AM IST

साहित्यकारों ने कविता के सृजन से परिवर्तन की वकालत की
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष और युवा कवि राजेन्द्र गौड़ की कविता संग्रह चुप नहीं बैठूंगा का विमोचन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से बुधवार देर रात सूचना केन्द्र नयापुरा में हुआ।

इसमें अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीनिवास मुख्य अतिथि थे। वरिष्ठ साहित्यकार अरविंद सोरल ने अध्यक्षता की। राजस्थानी गीतकार मुकुट मणिराज व युवा कवि व लेखक डाॅ. ओम नागर के विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम संयोजक प्रकाश जायसवाल ने ने बताया कि शुभारंभ मां सरस्वती व विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अंता के कवि विष्णु विश्वास ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।

विमोचन समारोह में श्रीनिवास ने कहा कि हम भले ही किसी भी विचार के साथ जुड़े हों किंतु राष्ट्र और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो। साहित्यकारों का दायित्व साहित्य सृजन के माध्यम से समाज को परिवर्तन की ओर अग्रसर करना व युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करना है। देश मे रहने वाली तमाम जाति, वर्गों व समुदायों के लोग इस राष्ट्र की आत्मा हैं। और गौड़ की कविताएं उन तमाम वर्गों में समरसता की वकालत करती है।

लेखक डाॅ. ओम नागर ने कहा कि मनुष्यता को बचाने की जद्दोजहद में कविताएं रचने वाले कवि राजेन्द्र गौड़ ने अपनी कविता में सृष्टि के मूल तत्वों को सहेजने का कार्य किया है। गीतकार मुकुट मणिराज ने कहा कि युवा पीढ़ी मे रचनाधर्मिता के प्रति ईमानदारी से सुखद भविष्य की आशा जागना लाजमी है। साहित्यकार अरविंद सोरल ने कहा गौड़ की कविता शोषितों, वंचितों,गरीबों के संघर्ष की हितैषी है। वैचारिक निष्ठा के बावजूद कलम कुंद नहीं हुई। कवि ने अंगदान, पर्यावरण संरक्षण, दायित्व बोध, युद्ध की विभीषिका, शांति, वंचित वर्ग के उत्थान पर बेबाकी से कलम चलाई है। समीक्षक डाॅ. कौशल तिवारी ने कहा कि गौड़ के काव्य संग्रह चुप नहीं बैठूंगा की कविताएं समाज की विद्रूपताएं और विसंगतियों के साथ संघर्ष करते हुए समाज जागरण करती हुए नजर आती है। समीक्षक भगवती प्रसाद गौत्तम ने कहा कि कवि राजेन्द्र गौड़ अपने काव्य संग्रह में आदमियत को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम मे कवि राजेन्द्र गौड़ ने काव्य पाठ किया। स्वागत भाषण कवि अनिल उपहार, कवि परिचय अश्विनी त्रिपाठी ने दिया और संचालन कवि लोकेश मृदुल ने किया।

कवि राजेन्द्र गौड़ के कविता संग्रह ‘चुप नहीं बैठूंगा’ का विमोचन, साहित्यकारों के दायित्व पर हुई चर्चा

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