--Advertisement--

राजस्थान: शहीद मुकुट बिहारी का हुआ अंतिम संस्कार, 3 महीने की बेटी को गोद में लेकर पहुंची पत्नी

राजस्थान के गांव लडानिया में शनिवार को जिलेभर से लोग शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

Dainik Bhaskar

Jul 15, 2018, 06:06 AM IST
martyr Mukut bihari meena last right in village Ladaniya

खानपुर. राजस्थान के गांव लडानिया में शनिवार को जिलेभर से लोग शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। हजारों की भीड़ में लोग शहीद की एक झलक देखने को बेताब रहे। यहां गांव में शहीद मुकुट बिहारी मीणा का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मुकुट बिहारी के परिवार के साथ कई नेता और आर्मी के अफसर मौजूद रहे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुकुट बिहारी की पत्नी और तीन महीने की बेटी भी अंतिम संस्कार में मौजूद रही।

- शुक्रवार सुबह से ही गांव में लोगों का आना शुरू हो चुका था। वीर सपूत को खोने का हर एक को दुख है। इसके चलते हर आंख में आंसू दिखाई दिए। महादेव मंदिर के पास ही शहीद का स्मारक बनाया जा रहा है।

- शहीद मुकुट मीणा ने दो दिन पहले ही अपने बड़े भाई शंभुदयाल मीणा को फोन किया था और कहा था कि रक्षाबंधन पर गांव आऊंगा, लेकिन अब इससे पहले ही उनके शहीद होने की सूचना आई। इससे पहले वह दो माह पहले अपनी पुत्री आरू से मिलकर गए थे। वह अपने चाचा की बेटी मीनाक्षी की शादी में गांव आए थे। उस समय सारा वक्त परिजनों के साथ बिताया।

आतंकियों से मुठभेड़ में हुए थे शहीद

श्रीनगर के कुपवाड़ा के जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों की ओर से शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन में आतंकियों से मुठभेड़ में खानपुर क्षेत्र के लडानिया गांव के आर्मी कमांडो मुकुट बिहारी मीना बुधवार को शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर अब उनके पैतृक गांव तक लाया जा रहा था। कोलाना हवाईपट्टी पर खाद्य मंत्री बाबूलाल वर्मा, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार, संसदीय सचिव नरेंद्र नागर, जिला प्रमुख टीना भील, विधायक कंवरलाल मीणा, रामचंद्र सुनारीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय जैन ताऊ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे। इधर, शहीद के गांव लडानिया में दिनभर प्रशासन तैयारियों में जुटा रहा। वहां हेलिपेड निर्माण, मंदिर के पास बनाए गए शहीद स्मारक पर शेड निर्माण करवा दिया गया।

बचपन से ही मुकुट की चाहत थी कि सेना में जाए और देशसेवा करे : दोस्त

- शहीद मुकुट मीना के दोस्त सुरेंद्र ने बताया कि बचपन से ही वह देशभक्ति की बातें करता था। उसकी चाहत थी कि वह सेना में जाए और देश की सेवा करे। इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने मेहनत की और सेना में भर्ती हुआ। वह शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहा है, लेकिन सिर्फ सेना में भर्ती होने का ही उसने मन बना रखा था। सेना में भर्ती होने के बाद वह जब भी गांव आता था तो गांव में सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। वह युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करता था। शहीद मुकुट मीना के एक भाई और तीन बहन है। उनसे परिवार में एक बहन छोटी है। इस कारण परिवार में वह सबके लाड़ले थे। सेना में अवकाश कम मिलने के कारण वह जब भी घर आते, सभी बहनें भी उनसे मिलने के लिए आती थीं।

शहीद के सम्मान में लोगों ने लगाए जयहिंद के नारे, गौरवान्वित हो वीरंगना ने भी उठाया हाथ

झालावाड़. खानपुर क्षेत्र का छोटा सा गांव लड़ानिया अब देशभर में पहचान बना चुका है। जम्मू आतंकी हमले में शहीद हुए कमांडो मुकुटबिहारी मीना का घर यही हैं। शनिवार को उनकी अंतिम यात्रा में दूर-दूर से लाे पहुंचे। दुश्मनों से लोहा लेते हुए कमांडो मुकुट ने जिस शौर्य का परिचय दिया था उनकी पत्नी में भी वही जज्बा देखने को मिला। मुकुट का शव जब उनके गांव पहुंचा तो उनकी पत्नी बेसुध हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान लोग जय हिंद के नारे लगा रहे थे तो उनकी बेसुध पत्नी ने भी हाथ उठा लिया। जिस तिरंगे में शहीद को लपेटकर लाए थे, मुखाग्नि के समय उसे खाेला गया तो शहीद की 3 माह की पुत्री आरू एकटक देखते रही। शहीद के पिता जगन्नाथ मीना ने कहा कि उन्हें बेटे की इस शहादत पर फख्र है। अब देश और सेना से आशा है कि परिवार का साथ दें।

टोंक के सपूत शहीद मिश्रीलाल का शव देख विलख पड़ी बेटी

राजमहल (टोंक). कश्मीर आतंकी हमले में शहीद राजमहल निवासी मिश्रीलाल को शनिवार को नम आंखों से विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग मौजूद रहे। मिश्रीलाल का शव देखते ही उनकी बेटी रो पड़ी। बेटे ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। शहीद का शव पहुचते ही चारों ओर गमगीन माहौल बन गया तथा ग्रामीण शहीद के सम्मान में जयकारे लगाने के साथ भारत माता के भी जयकारे लगाते रहे। सीआरपीएफ जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

अलवर : 6 व 3 साल के बेटों ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि

बानसूर (अलवर). जब तक सूरज चांद रहेगा संदीप यादव तेरा नाम रहेगा... के जयकारों के साथ माटी के लाल शहीद संदीप यादव का उनके पैतृक गांव गुजरावाली तन हाजीपुर में सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद को उनके दो बेटों आशीष (6) व अक्षत(3) ने मुखाग्नि दी। जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कांस्टेबल संदीप यादव को की पार्थिव देह 30 घंटे बाद सीआरपीएफ के वाहन से ढाणी गुजरावाली पहुंचा।

शहीद हुए कमांडो मुकुट बिहारी मीणा के अंतिम संस्कार के दौरान लोग जय हिंद के नारे लगा रहे थे तो उनकी बेसुध पत्नी ने भी हाथ उठा लिया। शहीद हुए कमांडो मुकुट बिहारी मीणा के अंतिम संस्कार के दौरान लोग जय हिंद के नारे लगा रहे थे तो उनकी बेसुध पत्नी ने भी हाथ उठा लिया।
मिश्रीलाल का शव देखते ही उनकी बेटी रो पड़ी। मिश्रीलाल का शव देखते ही उनकी बेटी रो पड़ी।
शहीद संदीप यादव का उनके पैतृक गांव गुजरावाली तन हाजीपुर में सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद संदीप यादव का उनके पैतृक गांव गुजरावाली तन हाजीपुर में सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
X
martyr Mukut bihari meena last right in village Ladaniya
शहीद हुए कमांडो मुकुट बिहारी मीणा के अंतिम संस्कार के दौरान लोग जय हिंद के नारे लगा रहे थे तो उनकी बेसुध पत्नी ने भी हाथ उठा लिया।शहीद हुए कमांडो मुकुट बिहारी मीणा के अंतिम संस्कार के दौरान लोग जय हिंद के नारे लगा रहे थे तो उनकी बेसुध पत्नी ने भी हाथ उठा लिया।
मिश्रीलाल का शव देखते ही उनकी बेटी रो पड़ी।मिश्रीलाल का शव देखते ही उनकी बेटी रो पड़ी।
शहीद संदीप यादव का उनके पैतृक गांव गुजरावाली तन हाजीपुर में सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया।शहीद संदीप यादव का उनके पैतृक गांव गुजरावाली तन हाजीपुर में सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..