कोटा / सचिन पायलट बोले, 13 माह सरकार में रहने के बाद अब कमियों के लिए पिछली सरकार पर निशाना साधना ठीक नहीं

अस्पताल का जायजा लेते सचिन पायलट। अस्पताल का जायजा लेते सचिन पायलट।
जेके लोन अस्पताल पहुंचे उपमुख्य मंत्री सचिन पायलट। जेके लोन अस्पताल पहुंचे उपमुख्य मंत्री सचिन पायलट।
सचिन के साथ कई नेता पहुंचे। सचिन के साथ कई नेता पहुंचे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जेके लोन अस्पताल में मरे शिशु के परिजनों से मिलने पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जेके लोन अस्पताल में मरे शिशु के परिजनों से मिलने पहुंचे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अनंतपुरा थांने के पास स्थित सुभाष विहार पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष जेके लोन अस्पताल में मरे शिशु के परिजनों से मिले तथा शोक संवेदना व्यक्त की।
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अस्पताल का जायजा लेते सचिन पायलट।अस्पताल का जायजा लेते सचिन पायलट।
जेके लोन अस्पताल पहुंचे उपमुख्य मंत्री सचिन पायलट।जेके लोन अस्पताल पहुंचे उपमुख्य मंत्री सचिन पायलट।
सचिन के साथ कई नेता पहुंचे।सचिन के साथ कई नेता पहुंचे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जेके लोन अस्पताल में मरे शिशु के परिजनों से मिलने पहुंचे।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जेके लोन अस्पताल में मरे शिशु के परिजनों से मिलने पहुंचे।

  • इलाज के दौरान मरने वाले बच्चों के परिजनों से मिले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व डिप्टी सीएम सचिन पायलट
  • अस्पताल में जान गंवाने वाली 15 दिन की बच्ची के घर पहुंचे ओम बिरला, माता-पिता बोले डाक्टरों की लापरवाही से हुई बच्ची की मौत
  • पायलट व बिरला ने इलाज के दौरान मरे बच्चों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदन व्यक्त की, ढांढस बधाया

विष्णु शर्मा

विष्णु शर्मा

Jan 04, 2020, 08:33 PM IST

कोटा। उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने शनिवार को अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। शनिवार को कोटा आए सचिन ने कहा कि मैं यहां आया हूं, मेरे साथ कोई नारे लगाने वाला नहीं आया है। न मैंने नारे लगाने दिए हैं। मैंने इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया है मैंने जवाबदेही और जिम्मेदारी की बात की है। किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

कोटा के जेके लोन अस्पताल में पिछले 35 दिन में 107 शिशुओं की मौत पर उठे बवाल के बाद सचिन ने कोटा के जेके लोन अस्पताल का दौरा किया तथा मरने वाले बच्चों के घर जाकर उनके परिजनों से भी मिले। इसके एक दिन पहले ही चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने अस्पताल का दौरा किया था।

सचिन ने हादसे के बारे में कहा कि अगर आप चाहते हैं कि दूसरे जिम्मेदार ठहराए जाएं तो आपको भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मैं समझता हूं कि यह कोई छोटा-मोटा हादसा नहीं है, यह दिल दहला देने वाली घटना है। हम सबकी ओर से सकारात्मक और संवेदनशील रेस्पॉन्स मिलना चाहिए। इस पूरे मामले में हमारा रेस्पॉन्स और ज्यादा संवेदनशील, और ज्यादा सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए था। पायलट ने कहा कि हमें अपने प्रयासों में और तेजी लानी पड़ेगी। प्रशासनिक, मेडिकल, सरकार में से कोई न कोई तो जिम्मेदार हो।

मैं जिन परिवार वालों से मिला हूं उन्होंने कहा हमारा तो बच्चा चला गया लेकिन भविष्य में ऐसा न हो इसकी मांग उन्होंने मरे सामने रखी। 13 माह सरकार में रहने के बाद अब कमियों के लिए पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधने से कोई हल नहीं निकलने वाला है क्योंकि अगर उन्होंने अपना काम ठीक तरह से किया होता तो जनता उन्हें सत्ता से बाहर नहीं करती। हमें जनता ने चुना है, हमें जिम्मेदारी से सामना करना पड़ेगा, जनता की हमसे अपेक्षाएं हैँ।

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार सुबह कोटा व आस-पास के क्षेत्रों में हाल ही अस्पताल में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मिले। इसके बाद दोपहर में उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट भी इलाज के दौरान अस्पताल में मरे बच्चों के घर पहुंचे तथा परिजनों से मिले।

इसके बाद पालट जेके लोन अस्पताल पहुंचे। पायलट के अस्पताल पहुंचते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की अंदर घुसने को लेकर हॉस्पिटल गेट पर पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई। लोकसभा अध्यक्ष सबसे पहले अनंतपुरा थांने के पास स्थित सुभाष विहार में मृत बच्ची के घर पहुंचे। जेके लोन हॉस्पिटल में उपचार के दौरान खत्म हुई 15 दिन की बच्ची के परिजनों से मिले।

बिरला ने बच्ची के पिता आसिम और मां रुखसार बानो से बातचीत कर शोक व्यक्त किया। इस बच्ची की मौत 29 जनवरी को जेके लोन हॉस्पिटल में हुई थी। परिजनों के मुताबिक बच्ची की मौत डॉक्टर की

लापरवाही से हुई। बिरला ने कहा कि मैं आरोप-प्रत्यारोंपों में नहीं जाना चाहता। मैं इतना चाहता हूं कि बच्चों को कैसे बचाया जा सकता है, कैसे बेहतर इलाज किया जा सकता है। इसके बाद वे ऐसे अन्य बच्चों के घर भी गए।

पहली बेटी थी : अस्पताल में इलाज के दौरान जान गंवाने वाली 15 दिन की बच्ची आशिक और मां रुखसार की पहली संतान थी। आसिम पेशे से गोताखोर है। इनकी शादी एक साल पहले ही हुई थी।

वहीं सचिन पायलट भी कोटा पहुंचे तथा छतरपुर निवासी संजय रावल के घर पहुंचे तथा वहां शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद वे जेके लोन अस्पताल पहुंचे। उनके वहां पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। सचिन के पहुंचने पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अस्पताल के भीतर जाने लगे जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। इस पर कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।

उल्लेखनीय है कि कोटा में पिछले 34 दिनों में 106 बच्चों की मौत पर काफी बवाल मचा हुआ है। काफी हो हल्ला मचने के बाद शुक्रवार को चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने जेके लोन अस्पताल का दौरा किया था। बसपा सुप्रीमो मायावती, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने इस मामले पर ट्वीट किया था।
 

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