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मुकदमे में से नाम हटाने की एवज में मांगी 70 हजार रूपए की रिश्वत, 10 हजार लेते कांस्टेबल गिरफ्तार

एक वर्ष पहले
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  • कोटा ग्रामीण जिले के अयाना थाने में एसीबी की कार्रवाई
  • थानाप्रभारी व हैडकांस्टेबल की मिलीभगत भी सामने आई

कोटा. ग्रामीण जिले के अयाना थाने में तैनात कांस्टेबल रमेश कुमार को एसीबी बारां की टीम ने शुक्रवार को 10 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की यह रकम अयाना थाने में दर्ज दहेज प्रताड़ना के मुकदमे में आरोपियों का नाम हटाने की एवज में मांगी जा रही थी। यह कार्रवाई एसीबी बारां के प्रभारी इंस्पेक्टर ज्ञानचंद के नेतृत्व में की गई।
 
सीआई ज्ञानचंद ने बताया कि शाहबाद दरवाजा थाना कोतवाली बारां निवासी मोहन लाल बैरवा ने एसीबी में 23 जुलाई को शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसके लड़के दीपक व अन्य परिवारजनों के खिलाफ अयाना थाने में दहेज प्रताड़ना के केस में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस केस से आरोपियों का नाम हटाने की एवज में अयाना थाने के हैडकांस्टेबल उमर मोहम्मद ने परिवादी मोहन लाल से 70 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
 
तब एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया। जिसमें आरोपी उमर मोहम्मद ने 20 हजार रुपए रिश्वत लेने के लिए तैयार हुआ। जिसमें पांच हजार रुपए उसने एसीबी सत्यापन के वक्त ले लिए। इसके बाद शुक्रवार को ट्रेप की कार्रवाई रची। जिसमें परिवादी मोहनलाल को हैडकांस्टेबल उमर मोहम्मद ने रिश्वत की रकम 10 हजार रूपए कांस्टेबल रमेश को देने को कहा।
 
रिश्वत की रकम लेने के बाद कांस्टेबल रमेश ने हैडकांस्टेबल उमर मोहम्मद को बताया। तभी एसीबी ने कांस्टेबल रमेश को रंगे हाथों धरदबोचा। एसीबी के प्रभारी इंस्पेक्टर ज्ञानचंद के मुताबिक कार्रवाई में रमेश व उमर मोहम्मद के अलावा थानाप्रभारी एसआई विनोद कुमार की भी मिलीभगत सामने आई है। एसीबी की पूछताछ जारी है।
 


 

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