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जेल में बंद कैदी दूसरे राज्य से ड्रग्स मंगवा रहा, मोबाइल पर ऑर्डर लेकर शहर में करवाता था सप्लाई; सप्लायर पकड़ में आया तो सामने आई पूरी कहानी मामला

तस्करी 11 किलो गांजा भी बरामद, बदमाश बंटी को कोटा जेल से गिरफ्तार करेगी पुलिस

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 05:41 PM IST
Prisoner Dealing Drugs Inside the Jail

कोटा. कोटा सेंट्रल जेल में अफसरों की नाक के नीचे बदमाश ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क चला रहे हैं। जेल में बंद बदमाश मोबाइल पर ऑर्डर ले रहे हैं। उसके बाद ओडिशा से ड्रग्स मंगवाकर खरीदार की मनचाही जगह पर डिलीवरी कर रहे हैं। रुपयों का लेन-देन भी बैंक अकाउंट में किया जा रहा है। यह चौंकाने वाला खुलासा कोटा ग्रामीण पुलिस ने किया है। कोटा ग्रामीण की सीमल्या थाना पुलिस ने शुक्रवार को एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है, उसने यह बातें कबूलीं। पुलिस ने उसके पास से 11.05 किलो गांजा जब्त किया है। पुलिस ने बदमाश को तो गिरफ्तार किया ही साथ ही जेल में बंद आरोपी बंटी व ओडिशा के डीलर रत्नाकर को भी एफआईआर में मुल्जिम बना लिया है।

कोटा ग्रामीण एसपी डॉ. राजीव पचार ने बताया कि स्पेशल सेल के एएसआई अजीत मोगा को मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर सीमल्या बाईपास से बदमाश नरेन्द्र मीणा निवासी गायत्री नगर अटरू, बारां को गिरफ्तार किया गया। उससे 11 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। बदमाश से पूछताछ की तो पहले तो उसने गोलमाल जवाब दिए। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने तस्करी के नेटवर्क के सारे राज उगल दिए। एएसपी गोपाल सिंह कानावत ने बताया कि टीम में डीएसपी ऋषिकेश मीना, सीआई डॉ. रविश सामरिया, हैड कांस्टेबल हरी राज, कांस्टेबल चंद्रशेखर, भूपेन्द्र नागर, नरेन्द्र सिंह, हीरालाल, शाकिब पठान शामिल रहे।

इनसाइड स्टोरी: रत्नाकर के साथ सजा काटी तो आया ड्रग बेचने का आइडिया
वर्ष 2013 में गिरफ्तार बदमाश नरेन्द्र ने गुना, मध्यप्रदेश में ट्रेन में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। लूट में शातिर बदमाश बंटी गिर्राज निवासी अनंतपुरा, इंसाफ निवासी सांगोद, राहुल निवासी अंता भी शामिल थे। वे काफी समय तक जेल में साथ बंद रहे और फिर जमानत पर भी छूट गए। इसी दौरान जेल में बंद बदमाश ओडिशा के कालाहांडी जिला निवासी ड्रग माफिया रत्नाकर से उनकी मुलाकात हुई। जेल में सजा काटने के समय ही उसी दौरान उन्हें ओडिशा से ड्रग्स खरीदकर कोटा में बेचकर मोटा मुनाफा कमाने का आइडिया आया। कुछ समय पहले रत्नाकर जेल से छूट गया और तभी से यह काम जोरों पर चल रहा है।

नेटवर्किंग
कोटा जेल से इस गोरखधंधे को बदमाश बंटी मोबाइल के माध्यम से ऑपरेट कर रहा है और ओडिशा के रत्नाकर से गांजा मंगवा रहा है। पकड़ा गया बदमाश नरेन्द्र डिलीवरी बॉय है, जो ओडिशा से ट्रेन, बस और कार के जरिए माल लाता है। उसे हर ट्रिप के प्रति किलो के हिसाब से 5 हजार रुपए मिलते हैं। पूरा नेटवर्क मोबाइल से ऑपरेट हो रहा है।

रूट: ट्रेन से कोटा लाते हैं ड्रग्स
सीआई डॉ. रविश सामरिया ने बताया कि गांजे का सबसे बड़ा मार्केट ओडिशा है और पूरे हाड़ौती में फिलहाल गांजा वहीं से सप्लाई हो रहा है। ओडिशा में इसकी कीमत प्रतिकिलो सिर्फ 2.50 हजार से 3 हजार रुपए है। हाड़ौती के ड्रग डीलरों को ये 17 से 20 हजार रुपए प्रतिकिलो बेचा जाता है। ये डीलर यहां पर 25-30 हजार रुपए प्रति किलो के हिसाब से गांजा बेचते हैं।

पेमेंट: बैंक अकाउंट से लेन-देन
जेल में बंद बदमाश बंटी सबसे पहले गांजा खरीदने के लिए ओडिशा के बदमाश रत्नाकर के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करता है। इसके बाद नरेन्द्र ओडिशा से गांजा लेकर आता है। नरेन्द्र को भी हर ट्रिप के पैसे बंटी उसके खाते में ट्रांसफर करता है। सबसे बड़ा आश्चर्य यही है कि जेल में होने के बावजूद बदमाश पूरा सिस्टम ऑनलाइन चला रहा है।


रिकॉल: कोटा जेल का विवादों से रहा है पुराना नाता
कोटा जेल प्रशासन का विवादों से पुराना नाता रहा है। अप्रैल 2017 में एसीबी ने डिप्टी जेलर बत्तीलाल मीणा को दलाल राजू नागर के जरिए साढ़े 12 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। खुलासा हुआ कि मीणा बंदियों को सुविधाएं मुहैया कराने और परेशान नहीं करने की एवज में कैदियों के परिजनों से रिश्वत लेता था। जून 2017 में उदयपुर के गैंगस्टर प्रवीण पालीवाल के जेल से मोबाइल पर धमकियां देने का ऑडियो वायरल हुआ। वो गैंगस्टर नरेश हरिजन हत्याकांड के गवाहों को फोन पर धमकी दे रहा था। इसके पहले भी जेल प्रहरी व अन्य लोग मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित चीज के साथ पकड़े गए हैं।

जेल से मोबाइल से ऑपरेट करते हैं धंधा, सात साल में मिले 50 मोबाइल
वर्ष 2010 से 2017 के बीच जेल में 50 मोबाइल, बरामद हो चुके हैं। रुद्राक्ष हत्याकांड के आरोपी अनूप पाड़िया के बैरक से भी चार्जर और बैटरी मिली। ईश्वर सिंह, कालू, युनुस भाई, जयराम, भैरूलाल दांगी, कालू उर्फ युनुस, रशीद, सलमान आदि से मोबाइल जब्त किए।

जेल कर्मचारियों की भी मिलीभगत
विशेष मुलाकातों की आड़ में जेल में ऐसी कई प्रतिबंधित वस्तुएं गईं, जिनका जेल मैन्युअल में जिक्र नहीं मिलता। जेल प्रहरी राजेन्द्र सिंह से मोबाइल मिलने पर निलंबित कर नोटिस दिया गया था। प्रहरी जगदीश प्रसाद से भी मोबाइल मिला था।

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
जेल में सख्ती के लाख दावे किए जाते हैं, लेकिन पुलिस के इस खुलासे ने सारी पोल खोल दी। ऐसे में जेल प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े होते हैं। इस खुलासे से जेल में चल रहे जैमर, सीसीटीवी कैमरे और आते-जाते समय बंदियों, कैदियों व कर्मचारियों की चेकिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि अधिकारी हमेशा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दावे करते हैं।

कोटा सेंट्रल जेल से बदमाश ऑपरेट कर रहे हैं। बदमाश को पकड़ने पर यह प्रारंभिक रूप से खुलासा हुआ है, अभी इसमें डिटेल इन्वेस्टिगेशन की जरूरत है। जेल में बंद बदमाशों की कॉल डिटेल भी ली जाएगी। हर चीज को क्रॉस चेक करके जांच में शामिल करेंगे। यह केस भी लंबा चलेगा और इसमें आरोपी भी कई सारे बनेंगे। अभी जेल में बंद बदमाश और ओडिशा के बदमाश को आरोपी बनाया हैं। पुलिस टीमें पूरे मामले के इन्वेस्टिगेशन में लगी हैं। जल्द ही नई लीड मिलेगी। - डॉ. राजीव पचार, एसपी, कोटा ग्रामीण

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