जगन्नाथपुरी की फ्री यात्रा के लिए 143 वरिष्ठजन रवाना

Kota News - रेलवे स्टेशन पर दाेपहर से सीनियर सिटीजन ट्रेन का इंतजार कर रहे, लेकिन जैसे ही ट्रेन मंगलवार रात काे पहुंची ताे...

Dec 04, 2019, 10:40 AM IST
रेलवे स्टेशन पर दाेपहर से सीनियर सिटीजन ट्रेन का इंतजार कर रहे, लेकिन जैसे ही ट्रेन मंगलवार रात काे पहुंची ताे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जैसे ही ट्रेन में बैठे अाैर सीट संभाली ताे खुशी दाेगुनी हाे गई। एेसा नजारा मंगलवार काे काेटा रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया। काेटा संभाग से वरिष्ठजन तीर्थयात्रा योजना में जगन्नाथपुरी की यात्रा के लिए 143 वृद्ध रवाना हुए। उन्हें उनके परिजन, रिशतेदार अाैर मित्र छाेड़ने अाए थे। यह 8 दिसंबर काे दर्शन करके वापस लाैटेंगे। यात्रा के लिए वृद्धाें काे दाेपहर 2 बजे स्टेशन पर बुला लिया था। वहां उनके दस्तावेज चेक कर सीटें एलाॅट की गई। ट्रेन का समय शाम सात बजे का था, लेकिन ट्रेन रात दस बजे रवाना हुई। तीन घंटे तक यात्रियाें काे परेशानी उठानी पड़ी।

देवस्थान विभाग की अस्टिटेंट कमिश्नर ऋचा गर्ग ने बताया कि संभाग से इस बार केवल 143 यात्री गए हैं। इसमें बूंदी काेटा से 26, बूंदी से 22, बारां से 55 अाैर झालावाड़ से 40 यात्री जगन्नाथपुरी की यात्रा पर गए हैं। यात्रा में 6 साल में हाड़ाैती संभाग के 11 हजार लाेग यात्रा कर चुके हैं।

इस साल हवाई यात्रा में जोड़े 3 सर्किट, हवाई जहाज से काठमांडू जाएंगे यात्री

पति-प|ी की खुशी का ठिकाना नहीं था : महावीर नगर निवासी प्रेमनारायण व उनकी प|ी सुमन ने बताया कि उन्हाेंने पहली बार अावेदन किया था अाैर उनकी मनपसंद जगह मिल गई है। वे बता नहीं सकते कि उन्हें कितनी खुशी हाे रही है। एक साथ दाेनाें काे निशुल्क यात्रा का माैका मिला है।

अच्छी कंपनी के साथ यात्रा करने काे मिलती है : रामगंजमंडी की विद्या माथुर का कहना है कि जाे अार्थिक कमजाेरी के कारण एेसी यात्रा नहीं कर पाते हैं। उनके लिए एक तरह से वरदान है अाैर इससे वृद्धांे का पैसा ताे बचता ही है अाैर समय भी बचता है। एक अच्छी कंपनी मिल जाती है अाैर सुरक्षा भी पूरी रहती है।

परिवार अाैर हम दोनों यात्रा से खुश हैं: देई के जमनालाल लखारा अाैर उनकी प|ी माेहनी देवी ने बताया कि जब उनकाे पता चला कि उनका चयन हाे गया है ताे परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हमारी खुशी का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। पूरा परिवार उन्हें छाेड़ने अाया है।

इस वर्ष हवाई यात्रा में 3 नए सर्किट जोड़े गए है। नेपाल में पशुपतिनाथ-काठमांडू सर्किट में तीर्थ यात्रियों को काठमांडू तक हवाई जहाज से एवं वहां से आगे पशुपतिनाथ तक बसों के माध्यम से ले जाया जाएगा। गंगासागर-दक्षिणेश्वर काली-वेलूर मठ-कोलकता सर्किट में यात्रियों को कोलकाता तक हवाई मार्ग से और वहां से आगे बस के माध्यम से ले जाया जाएगा। देहरादून- हरिद्वार-ऋषिकेश सर्किट में तीर्थ यात्रियों को देहरादून तक हवाई जहाज में एवं वहां से आगे बस के माध्यम से ले जाया जाएगा। लेकिन अभी केवल भरतपुर संभाग के लाेग यात्रा पर अा रहे हैं। काेटा संभाग के लिए अभी तक काेई सूचना नहीं हैं।

रेलयात्रा में 2 नए सर्किट जोड़े

तीर्थयात्रा योजना वर्ष 2013 में शुरू हुई थी। तब से वैष्णो देवी, अमृतसर, गया, काशी, सम्मेद् शिखर, बिहार शरीफ, जगन्नाथपुरी, द्वारकापुरी, शिरडी, गोवा, तिरुपति, रामेश्वरम की यात्रा कराई जा रही है। इसमें अब तक 11 हजार से अधिक लाेग यात्रा कर चुके हैं। वर्ष 2019 के लिए प्रस्तावित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा में रेल यात्रा में 2 नए सर्किट जोड़े गए है। श्रीगोवर्धन-नंदगांव-बरसाना-मथुरा-वृंदावन सर्किट एवं अजमेर (अजमेंर शरीफ) दिल्ली (शेख निजामु्द्दीन औलिया की दरगाह) एवं फतेहपुर सीकरी आगरा (शेख सलीम चिश्ती की दरगाह) सर्किट को इस वर्ष योजना में शामिल किया गया है।

दाे दाेस्ताें काे एक साथ जाने का माैका मिला : पिड़ावा के रामसिंह अाैर श्यामलाल ने कहा कि वे बहुत पुराने दाेस्त हैं अाैर अक्सर साथ ही अाते-जाते हैं। दाेनाें ने एक साथ ही अावेदन किया था। एक साथ नंबर अा गया। पहले लगा था कि दाेनाें में से काेई छूट जाएगा ताे कैसे यात्रा कर पाएंगे। लेकिन सब ठीक हाे गया।

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