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4 और लोगों को कोरोना सस्पेक्टेड मान भर्ती किया, 2 नेपाल व 2 थाईलैंड से लौटे हैं

एक वर्ष पहले
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कोरोना सस्पेक्टेड मानते हुए बुधवार काे चार और लोगों को एमबीएस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एडमिट किया गया है, इन चारों के सैंपल जयपुर भेजे गए हैं, इनकी रिपोर्ट गुरुवार को आएगी। सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि वृद्ध दंपती नेपाल से लाैटे हैं। ये दोनों भी उसी समूह के साथ धार्मिक यात्रा पर गए थे, जो पूर्व में आइसोलेशन में भर्ती रह चुके और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं, दो युवा थाईलैंड से लौटै हैं, इन्हें भी आइसोलेशन में रखा गया है। चारों को सामान्य खांसी-जुकाम है, लेकिन सभी की स्थिति नॉर्मल है।

सीएमएचओ ने बताया कि अब तक कोटा में 16 लोगों के कोरोना टेस्ट के लिहाज से सैंपल लिए जा चुके हैं, इनमें से 12 की रिपोर्ट मिल चुकी और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी को होम आइसोलेशन के लिए डिस्चार्ज किया जा चुका। एक युवक का रिपीट सैंपल भी हुआ, दोनों बार रिपोर्ट निगेटिव रही। कोटा में वर्तमान में 30 लोग होम आइसोलेशन में हैं, जिनकी हमारी टीमें नियमित निगरानी कर रही हैं। नेपाल से लौटे लोगों में कोटा के 10 यात्री थे, ये सभी होम आइसोलेशन में हैं और सभी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 6-7 लोगों के टेस्ट भी हो चुके, जो निगेटिव आए हैं।

मास्क व सेनेटाइजर की ब्लैक मार्केटिंग, चुप्पी साधे बैठा ड्रग डिपार्टमेंट


कोरोना वायरस के खौफ के बीच कोटा में मास्क व सेनेटाइजर की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। हालात यह है कि चुनिंदा स्टॉकिस्ट मनमाफिक दाम वसूलकर इनकी बिक्री कर रहे हैं। कहने को तो इस पूरे सिस्टम पर निगरानी के लिए औषधि नियंत्रण संगठन बना हुआ है, लेकिन यह विभाग भी इतने भीषण क्राइसिस में चुप्पी साधे बैठा है। विभाग ने गत दिनों सिर्फ स्टॉकिस्ट के पास जाकर मास्क के स्टॉक की सूची बनाकर इतिश्री कर ली, ओवर रेट पर बिक्री को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। भास्कर ने कई दवा विक्रेताओं व नियमित मास्क व सेनेटाइजर खरीदने वाले निजी हॉस्पिटल संचालकों से बात की तो सामने आया कि 5-5 गुना दामों पर भी आसानी से मास्क उपलब्ध नहीं हो रहे। अच्छी क्वालिटी के मास्क (एन-95) तो जैसे स्टॉकिस्ट दबाकर बैठे हैं। शहर में लंबे समय से ब्रांडेड कंपनियों के मास्क व सेनेटाइजर बेचने वाले एक स्टॉकिस्ट ने भास्कर को बताया कि मेरे पास अभी स्टॉक निल है और खरीद भी नहीं रहा, क्योंकि बड़े स्टॉकिस्ट भी मनमर्जी की वसूली कर रहे हैं। कोटा में वर्तमान में एन-95 मास्क का कोई फिक्स रेट नहीं है, 50 से 100 रुपए के बीच बिकने वाला यह मास्क 150 से 500 रुपए तक बिक रहा है। सबसे बड़ी बात यह कि सारा काम कैश में बिना बिल हो रहा है। इसी तरह हॉस्पिटल्स में रूटीन यूज होने वाला नॉर्मल मास्क 1 से 1.5 रुपए में होलसेल में बिकता था, वह अब 20 रुपए तक बिक रहा है। सेनेटाइजर ठीक दोगुनी रेट पर बिक रहा है। अब दिनोंदिन मार्केट में इनकी कमी भी बढ़ती जा रही है। उधर, इस बारे में सहायक औषधि नियंत्रक नरेंद्र कुमार ने बताया कि हमने होली से पहले स्टॉक चेक कराया था, कोटा में सभी तरह के मास्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यदि कहीं उपलब्ध नहीं हो रहे तो हमें उस क्षेत्र के बारे में बताएं, हम उपलब्ध करवाएंगे। यदि कोई ओवररेट वसूल रहा है तो उसकी भी हमें शिकायत दें, कार्रवाई करेंगे।


सबसे बड़ा पेंच एमआरपी का

मेडिकल व्यवसायियों ने बताया कि मास्क व सेनेटाइजर के मामले में ड्रग विभाग चाहकर भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। इसकी वजह है इन पर लिखी एमआरपी (अधिकतम बिक्री मूल्य)। असल में कानूनी तौर पर संबंधित प्राेडक्ट पर लिखी एमआरपी तक बिक्री की जा सकती है, यानी एमआरपी का बाकायदा बिल भी दिया जा सकता है। अमूमन इन आइटम्स पर ट्रेड रेट से कई गुना ज्यादा एमआरपी लिखी होती है। इसी का स्टॉकिस्ट फायदा उठा रहे हैं। मान लीजिए कोई एन-95 मास्क मार्केट में 90 रुपए का बिकता है और उस पर एमआरपी 300 रुपए लिखी है तो दवा विक्रेता उसे 300 रुपए तक बेच सकता है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।

चिकित्सा मंत्री ने ली जानकारी, बोले-केंद्रीय मंत्री ने की हमारी तारीफ

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने मंगलवार शाम कोटा पहुंचने के बाद सर्किट हाउस में स्थानीय अधिकारियों से कोरोना वायरस के संबंध में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज ही मेरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात हुई थी, उन्होंने राजस्थान में इस वायरस की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की है। हमारा विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और हर विदेशी नागरिक की स्क्रीनिंग की जा रही है।

प्रिंसिपल और सीएमएचओ ने देखा ईएसआई अस्पताल

कोरोना संदिग्ध मरीजों को क्वारेंटाइन में रखने के लिए ईएसआई अस्पताल का बुधवार को मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय सरदाना व सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर ने जायजा लिया। सीएमएचओ ने बताया कि शुरुआत में 25 बेड का एक वार्ड तैयार कराएंगे, इसके बाद जरूरत के हिसाब से बेड बढ़ाएंगे। एक-दो दिन में इसे शुरू कर दिया जाएगा।

नर्सिंग स्टूडेंट्स को दिया प्रशिक्षण

कोरोना वायरस को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में नर्सिंग कॉलजों के ट्यूटर और विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। डिप्टी सीएमएचओ (हैल्थ) डॉ. घनश्याम मीणा, एंटोमॉलोजिस्ट डीपी चौधरी व एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. विनोद प्रभाकर ने पीपीटी के माध्यम से कोरोना वायरस के लक्षण, बचाव और रोकथाम संबंधी आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया। सभी को अधिक से अधिक सजग और जागरूक रहने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्हें प्रचार सामग्री पोस्टर्स व पम्फलेट भी दिए गए।
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