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शहर की 6 ट्रैफिक सिग्नल लाइट खराब, जिम्मेदार अफसरों को परवाह तक नहीं, नतीजा-जनता भुगत रही जाम का खामियाजा

2 वर्ष पहले
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शहर की सड़कों पर आधे से ज्यादा ट्रैफिक सिग्नल खराब पड़े हुए हैं। प्रमुख चाैराहाें अंटाघर, कोटड़ी, गुमानपुरा, केशवपुरा, रायपुरा व अनंतपुरा पर बिना सिग्नल के ही ट्रैफिक चल रहा है। कलेक्टर, यूआईटी सचिव, एसपी समेत सभी अफसर रोज शहर में इन रास्तों से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इसपर नहीं गया। अफसर जानबूझकर ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे उन्हें कुछ दिख नहीं रहा हो। खराब ट्रैफिक लाइट शहर में जाम का कारण बन रही हैं। इसका खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है।

हाल यह है कि यातायात पुलिसकर्मी दिनभर यातायात संभालने के लिए हाथ-पैर मारते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद चौराहे पर वाहनों की कतारें खत्म नहीं होती। सुबह और शाम के समय जाम जैसे हालात से शहर की जनता को रोजाना सामान करना पड़ता हैं। ट्रैफिक पुलिस के पास इतना जाब्ता नहीं है कि वे हर सिग्नल पर 5-7 पुलिसकर्मियों को तैनात करके लाइटों की कमी को पूरा कर सकें।

क्राइम रिपोर्टर | कोटा

शहर की सड़कों पर आधे से ज्यादा ट्रैफिक सिग्नल खराब पड़े हुए हैं। प्रमुख चाैराहाें अंटाघर, कोटड़ी, गुमानपुरा, केशवपुरा, रायपुरा व अनंतपुरा पर बिना सिग्नल के ही ट्रैफिक चल रहा है। कलेक्टर, यूआईटी सचिव, एसपी समेत सभी अफसर रोज शहर में इन रास्तों से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इसपर नहीं गया। अफसर जानबूझकर ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे उन्हें कुछ दिख नहीं रहा हो। खराब ट्रैफिक लाइट शहर में जाम का कारण बन रही हैं। इसका खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है।

हाल यह है कि यातायात पुलिसकर्मी दिनभर यातायात संभालने के लिए हाथ-पैर मारते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद चौराहे पर वाहनों की कतारें खत्म नहीं होती। सुबह और शाम के समय जाम जैसे हालात से शहर की जनता को रोजाना सामान करना पड़ता हैं। ट्रैफिक पुलिस के पास इतना जाब्ता नहीं है कि वे हर सिग्नल पर 5-7 पुलिसकर्मियों को तैनात करके लाइटों की कमी को पूरा कर सकें।

फोटो कोटड़ी चौराहे के ट्रैफिक सिग्नल का।

एयरोड्रम और सीएडी सर्किल के प्रयोग भी फेल

शहर के सबसे व्यस्त एरोड्रम चौराहे और सीएडी सर्किल पर यातायात सुगम बनाने व जाम से मुक्ति के लिए पिछले दिनों सिग्नल लाइटें लगाई गई थीं। यह सिग्नल लाइटें अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हुई और न ही यहां जाम से मुक्ति मिली। सिग्नल लाइटें फेल साबित हो रही हैं। नगर विकास न्यास ने यहां सिग्नल लाइटें लगा तो दी, लेकिन उन्हें अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं किया गया। यातायात पुलिसकर्मियों के प्रयासों के बाद भी यहां दिनभर में लगने वाले जाम से मुक्ति नहीं मिल रही। जाम भी ऐसा कि वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

हां, यह सही है कि इस समय शहर की आधे से ज्यादा लाइटें खराब हो चुकी हैं। अंटाघर की भी खराब हो गई हैं, उसे ठीक करवाने के लिए शायद यूआईटी टेंडर कर रहा है। ट्रैफिक सिग्नल को ठीक करना और लाइटें चालू रखने का काम यूआईटी के पास है। मैं तो हर महीने मीटिंग में बोल-बोलकर थक गया हूं। कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। हर महीने एक बार पत्र लिखता हूं कि शहर की यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। लाइटों को ठीक करवा दो, लेकिन कोई सुन नहीं रहा। - नारायण लाल, डीएसपी ट्रैफिक

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