हवाई सेवा का हवा हवाई दावा
हमें तो सपना भी हवाई जहाज का आता है
हालत यह है कि अब हममें से कुछ लोगों को तो सोते- जागते-उठते-बैठते हवाईजहाज का ही सपना आता है। मेरे एक परिचित हैं। एक बहुमंजिला इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहते हैं। परसों मिले तो बोले- कल तो मैं हवाई जहाज में बैठकर सीधा अपने फ्लैट में ही उतरा। दिल इतना खुश हो गया कि सपना देखने के बाद सो ही नहीं सका। इसी चक्कर में ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। अब डाॅक्टर के घर के चक्कर लगा रहा हूं। यदि हवाई सेवा शुरू हो जाती तो शायद वो डाॅक्टर के घर के बाहर लगी लाइन के एक सिरे से दूसरे सिरे तक भी हवाईजहाज में बैठकर ही जाते। दूसरे मित्र भी मिलते ही तपाक से कहते हैं कि आप तो कह रहे थे कोटा में हवाईसेवा जल्दी ही शुरू हो जाएगी। जिस आदमी को यह पता नहीं हो कि उसने सुबह जो आलू की सब्जी खाई थी, उसमें नमक भी था या नहीं- मित्रवर उस आदमी से जानना चाहते हैं कि शहर में हवाईसेवा शुरू क्यों नहीं हुई?
होली के बहाने नेताओं के वादों पर कटाक्ष...
होली आ गई तो हवाई सेवा भी आएगी : मैंने मित्र को विश्वास बंधाया कि होली आ गई है। हवाईसेवा भी आएगी। दोनों की नामराशि एक ही तो है। उन्होंने फिर पूछा-हवाईसेवा बार-बार गुल हो जाने वाली बिजली या सड़कों पर अपने होने का मातम मना रही रोडवेज बसों की तरह आएगी तो क्या करेंगे? मित्र ने मुंह बिदकाकर कहा -छोड़ो, सड़कों से आवारा जानवर तो तुम से हट नहीं पा रहे हैं और बातें हवाईसेवा की कर रहे हो। ये सुनने के बाद खींसे निपोरने के अलावा और कर ही क्या सकता था?
शहर को हवाई सेवा चाहिए। आखिर हवा में उड़ने का अधिकार तो हमारा भी है। यह किस कानून में लिखा है कि हम केवल खड्डों और पैचवर्क से भरी सड़कों पर अपनी गाड़ी दौड़ाते हुए केवल टोल टैक्स देने के ही अधिकारी हैं? दूसरे शहरों से तुलना करें तो हमारे यहां भी बड़े पुलिस अधिकारी किसी महिला दलाल से मिल कर मामलों को निपटाते हुए पाए गए हैं। हमारे यहां भी पेट्राेल पंप जलते हैं। यहां भी कई बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। हमारे यहां भी कुछ आंटीनुमा औरतें देह की दलाली करती पाई गई हैं। यहां भी लुटेरे आसानी से औरतों की गले से चेन खींचकर भाग निकलते हैं। फिर आखिर हमें हवाई सेवा का सुख क्यों न मिले?
अतुल कनक
वरिष्ठ कवि और व्यंग्यकार