एंबुलेंस ड्राइवर मुंहमांगी कीमत में सवारी दूसरे शहर ले जा रहे, चेकिंग से बचने के लिए लगा देते हैं ड्रिप

Kota News - अंकितराज सिंह चंद्रावत 18 हजार के बदले उदयपुर जाने काे तैयार हाे गया एंबुलेंस संचालक पड़ताल के दाैरान...

Apr 08, 2020, 08:50 AM IST
अंकितराज सिंह चंद्रावत

18 हजार के बदले उदयपुर जाने काे तैयार हाे गया एंबुलेंस संचालक

}पड़ताल के दाैरान भास्कर रिपाेर्टर काे नयापुरा में एक दलाल दीपू का नंबर मिला। उसके माेबाइल नंबर 9694446617 पर बात की ताे उसने नयापुरा अाने काे कहा।

}भास्कर: एक कोचिंग स्टूडेंट है, जिसकाे उदयपुर भेजना है।

दलाल: भाई साहब अभी ताे लॉकडाउन है कैसे संभव हाेगा।

}भास्कर : एम्बुलेंस काे काैन रोकता है।

दलाल: पांच एंबुलेंस जब्त हाे गई हैं।

}भास्कर: बच्चे काे भेजना जरूरी है।

दलाल: रुकाे मैं किसी से बात करता हुं।

(इसके बाद दलाल कहीं चला गया,कुछ देर बाद अाया अाैर जाने के लिए तैयार हाे गया।)

}भास्कर: काैन सी एम्बुलेंस जाएगी।

दलाल: मेरे जीजा जी हैं रवि जाे पोस्टमार्टम करते हैं। वह आपके बच्चे काे उदयपुर छाेड़ अाएंगे।

}भास्कर: उदयपुर तक ले जाने में कितना पैसा खर्च हाेगा।

दलाल: अाप रुकाे मैं अापकी बात करवा देता हुं।

(दलाल दीपू ने माेबाइल से रवि काे फाेन लगाया।)

}भास्कर: हां रवि जी, बच्चे काे उदयपुर छाेड़ दाेगे।

रवि: बिल्कुल छाेड़ देंगे।

}भास्कर: कितने पैसे लगेंगे अाैर अाराम से छाेड़ दाेगे न।

रवि: इस समय बहुत सख्ती है। मैं अपनी रिस्क पर गाड़ी काे लेकर जाऊंगा। उदयपुर के 18 हजार रुपए लगेंगे।

}भास्कर: अरे यार ये ताे ज्यादा हाे जाएंगे।

रवि: अभी ताे यही लगेंगे। वाे ताे मैं हूं जाे लेकर जा रहा हूं। शहर में काेई दूसरा तैयार नहीं हाेगा।

(इसके बाद रवि ने दलाल दीपू काे फाेन देने के लिए कहा अाैर दाेनाें ने अापस में कुछ बात की।)

}भास्कर: कहीं रास्ते में काेई पकड़ ताे नहीं लेगा, बच्चा परेशान हाे जाए।

दलाल: अरे चिंता मत कराे। ये अस्पताल से डिस्चार्ज बनवाकर ले जाएगा। इसकी बहुत पहचान है अस्पताल अाैर पुलिस में।

}भास्कर: ठीक है। अाप एक बार उनसे मिला दाे।

दलाल: अाप पोस्टमार्टम रूम की तरफ चलाे। मैं वहीं अा रहा हूं।

(भास्कर रिपाेर्टर पोस्टमार्टम रूम की तरफ पहुंचा। कुछ देर बाद दलाल के साथ एंबुलेंस चालक रवि भी वहीं पहुंच गया।)

रवि: किसकाे लेकर जाना है।

}भास्कर: हमारे यहां पर किराए से रह रहे कोचिंग स्टूडेंट काे।

रवि: ले जाएंगे, कहां से लेना है बच्चे काे।

}भास्कर: कुन्हाड़ी रिद्धि-सिद्धि काॅलाेनी से लेना है।

रवि: अरे डाॅक्टर वासवानी की तरफ चलना है क्या।

}भास्कर: नहीं उनसे थाेड़ा सा अागे।

रवि: भाई साहब मैं अपनी रिस्क पर लेकर जा रहा हूं। पैसे ताे 18 हजार ही लगेंगे।

}भास्कर: ठीक है यार अब ले लेना। शाम 7 बजे निकल जाना।

रवि: भाई साहब निकलने का समय ताे मैं तय करूंगा। क्याेंकि अागे का महाैल भी ताे देखना है।

}भास्कर: ठीक है हम अापकाे रात 8 बजे काॅल कर लेंगे।

रवि: अाेके में अापकाे उस समय टाइम बता दूंगा अाैर पैसे पहले ही लूंगा।

लॉकडाउन में एंबुलेंस ले जाने के ये हैं नियम

इस समय अगर किसी पेशेंट काे एंबुलेंस से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के लिए चालक के पास उस मरीज की डिस्चार्ज स्लिप हाेनी जरूरी है। यदि किसी मरीज काे इलाज के लिए दूसरे शहर जाना है ताे भी एंबुलेंस से जा सकता है। मरीज काे छाेड़ने के बाद एंबुलेंस खाली ही लानी चाहिए। एेसा नहीं करने पर परिवहन विभाग एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर सकता है।


रिपाेर्टर की काेटा हार्ट हाॅस्पिटल के सामने दलाल व एम्बुलेंस चालक कमल से ये बात हुई :

}भास्कर : अरे भाई उदयपुर चलना है।

दलाल: चल चलेंगे पेशेंट कहां से लेना है।

}भास्कर: पेशेंट नहीं एक बच्चा है। उसकाे उदयपुर छाेड़ना है।

दलाल: भाई साहब इस समय ताे एेसे काैन जाएगा।

}भास्कर: अरे यार अगर अाप चाहाे ताे सब हाे सकता है।

दलाल: एेसे कराे अाप 10 मिनट यहीं रुकाे। 10 मिनट बाद दलाल ने एक एम्बुलेंस काे वहां बुलाया और बोला-अरे भाई इनकाे उदयपुर छाेड़ दाे।

चालक: अभी इस समय बच्चे काे कैसे छाेड़ सकता हूं।

दलाल: अरे चिंता क्याें करता है। सामने से एक डिस्चार्ज कबाड़ लेंगे अाैर बच्चे काे कैनुला लगा देंगे।

}भास्कर: अरे भाई बच्चे के काेई कैनुला नहीं लगवाना है।

दलाल: अरे मैं ताे सिर्फ दिखाने के लिए ही लगाऊंगा। अाप निश्चिंत रहाे।

}भास्कर: ठीक है अाप बताअाे कितने पैसे लाेगे।

चालक: भाई साहब घर की रेट लगा देंगे अाैर काेई परेशानी भी नहीं अाने देंगे।

}भास्कर: फिर भी अाप बताअाे कितने पैसे लगेंगे।

चालक: भाई साहब आपके लिए 10 हजार रुपए लगेंगे।

}भास्कर: भाई ज्यादा ताे नहीं है। हमकाे जयपुर भी एक बच्चा भेजना है।

चालक: अरे घर की रेट बता दी अापकाे इससे कम नहीं हाेगा। जयपुर के 8 हजार दे देना।

दलाल: इससे कम काेई नहीं लेगा। अाप अाधे घंटे मेंे ही जवाब दे दाे।

_photocaption_एंबुलेंस चालक रवि*photocaption*

_photocaption_दलाल दीपू*photocaption*

_photocaption_एंबुलेंस ड्राइवर कमल।*photocaption*

_photocaption_विज्ञान नगर में एंबुलेंस का एजेंट*photocaption*

ड्राइवर बाेला-चिंता मत करो, अस्पताल के डिस्चार्ज टिकट बनवा दूंगा

(दाेनाें एम्बुलेंस चालक व दलाल से बातचीत का वीडियो भास्कर के पास उपलब्ध है। विज्ञान नगर में मिले चालक ने अपना माेबाइल नंबर 7568242559 दिया। दलाल ने भी अपना नंबर 96107653591 देकर कहा कि काेई दिक्कत हाे ताे काॅल कर लेना।

कोटा | लाॅकडाउन के दाैरान अाम लाेगाें के बिना वजह सड़क पर निकलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। बहुत से लाेग अपने घराें से दूर फंसे हुए हैं। एेसे में अापात सेवा से जुड़े वाहन चालक इस मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे हैं। खासताैर पर एंबुलेंस चालक मुंहमांगी कीमत वसूलकर लाेगाें काे दूसरे शहर ले जा रहे हैं। प्रशासन अाैर पुलिस की चेकिंग में एेसी कई गाड़ियां पकड़ी भी जा चुकी हैं।

लगातार एेसी शिकायतें मिलने पर दैनिक भास्कर ने मंगलवार काे एमबीएस अाैर काेटा हार्ट हाॅस्पिटल के सामने दाे एंबुलेंस चालकाें से बात की। भास्कर रिपाेर्टर ने उनसे एक काेचिंग स्टूडेंट काे उदयपुर पहुंचाने काे कहा। दाेनाें एंबुलेंस चालक बिना किसी हिचक के राजी हाे गए। बदले में उन्हाेंने मुंहमांगी कीमत मांगी। शहर में और शहर से बाहर के हाईवे पर लॉकडाउन के दौरान पुलिस की सख्त नाकेबंदी है। कोई भी आम वाहन सड़क पर दिखाई देता है तो पुलिस उसे रोकती है और उसके खिलाफ कार्रवाई भी करती है, लेकिन एंबुलेंस की चेकिंग नहीं होती है, एंबुलेंस चालक इसका फायदा उठा रहे हैं।

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