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वस्तु में नहीं गिन सकते पाप-पुण्य: जैन मुनि

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 04:50 AM IST

Kota News - कोटा| पुण्य और पाप की परिकल्पना वस्तु में करना सबसे बड़ी अज्ञानता है। तत्वार्थ सूत्र में कहा गया है शुभ भावना...

Kota News - rajasthan news can not count sin in the object jain muni
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कोटा| पुण्य और पाप की परिकल्पना वस्तु में करना सबसे बड़ी अज्ञानता है। तत्वार्थ सूत्र में कहा गया है शुभ भावना पुण्य है और अशुभ भावना पाप है। यह विचार राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करके कहा। उन्होंने कहा कि हित भावना से उठाया गया कठोर से कठोर कदम भी पुण्य की श्रेणी में आता है।

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