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प्रदेश में बिजली की डिमांड घटी, कोटा थर्मल की छह इकाइयां बंद

एक वर्ष पहले
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प्रदेश में पिछले दिनाें हुई बरसात के कारण बिजली की डिमांड घट गई है। इसके चलते काेटा सुपर पावर थर्मल की छह इकाइयाें काे बंद करवा दिया गया है। पिछले छह दिनाें से 1240 मेगावाट की जगह मात्र 210 मेगावाट ही बिजली का उत्पादन हाे रहा है। शुक्रवार काे एक अाैर इकाई काे चालू करने के अादेश जारी हुए हैं।

चीफ इंजीनियर अजय सक्सेना ने बताया कि प्रदेश में जैसे ही बिजली की डिमांड कम हाेती है, उत्पादन निगम की इकाइयाें काे बंद करवा दिया जाता है। इसका पूरा संचालन जयपुर स्तर पर हाेता है। वहां से अादेश मिलते ही इकाइयाें काे बंद करना हाेता है। हाेली से पहले इसी प्रकार के अादेश मिलने पर छह इकाइयाें काे बंद कर दिया गया, केवल पांच लंबर की 210 मेगावाट की एक इकाई ही चालू रखी गई। शुक्रवार काे एक अाैर इकाई काे चालू करने के अादेश मिले हैं, जिस पर उसे चालू करवाया जा रहा है। उन्हाेंने माना कि एक बार इकाई काे बंद करने के बाद चालू करने में करीब 25 लाख रुपए का फ्यूल खर्च हाेता है। इसके अलावा इकाइयां बंद हाेने के बावजूद इंजीनियर व कर्मचारी अाैर ठेके के श्रमिकाें का काम चालू रहता है। इकाइयाें काे पूरी तरह से तैयार रखना पड़ता है, जैसे ही अादेश मिलता है वैसे ही उन्हें चालू करना हाेता है।

काेराेना का असर यहां भी : पूरे विश्व में फैल रहे काेराेना का असर काेटा थर्मल में भी देखने काे मिला है। यहां पर एहतियात के ताैर पर सभी कर्मचारियाें व इंजीनियर की हाजिरी बायाेमैट्रिक से लगाना बंद करवा दिया गया है। उनकी हाजिरी अब रजिस्टर के माध्यम से लगवाई जा रही है।

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