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महिला रेलकर्मियों की चाइल्ड केयर लीव में कटाैती

एक वर्ष पहले
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रेलवे ने चाइल्ड केयर लीव के प्रावधानों में फेरबदल कर दिया है। इससे महिला रेलकर्मियों को बच्चों की देखभाल के लिए पूरे वेतन के साथ सिर्फ 365 दिन की ही छुट्टी मिलेगी। पहले चाइल्ड केयर लीव के लिए 730 दिनों का प्रावधान था।

रेलवे बोर्ड के अादेश के बाद महिला रेलकर्मियों की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि 365 दिनों के बाद भी छुट्टी पर रहने पर महिला कर्मचारी के वेतन से 20 प्रतिशत राशि काटने का अादेश 5 फरवरी को हुअा है। यह 14 सितंबर 2018 के बाद छुट्टी लेने वाली महिला कर्मचारियों पर लागू होगा। चाइल्ड केयर लीव के प्रावधान बदलने से पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा सहित तीनों मंडलों की महिला रेलकर्मियों में अाक्रोश है। इस मुद्दे पर वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन की महिला विंग ने रेलवे बोर्ड के फैसले का विरोध करने का फैसला किया है। यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि रेलवे बोर्ड के इस फैसले से ग्रुप फोर से ग्रुप बी तक कार्यरत महिला कर्मियों को 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इसके विरोध में महिला रेलकर्मी ट्रेनों पर प्रदर्शन करेंगी।

महिला संघर्ष**
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