इतिहासकार डाॅ. जगतनारायण ने लिखी कण्वाश्रम का कंसुअा पुस्तक, पूर्व सांसद िसंह ने किया विमोचन
कथाकार विजय जोशी के कहानी संग्रह का विमोचन
कथाकार-समीक्षक विजय जोशी के कथा-संग्रह सुलगता मौन का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार एवं कथाकार डॉ. क्षमा और डॉ. नरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने किया। इस माैके पर डॉ. नरेन्द्रनाथ चतुर्वेदी, डॉ. क्षमा चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। कहानीकार समीक्षक डॉ.गीता सक्सेना ने कहा कि व्यक्ति अाैर समाज के वास्तविक चित्रण के साथ युगबोध के स्वर और जीवन मूल्यों के संरक्षण को उजागर करती विजय जोशी की ये कहानियां संवेदनाओं के धरातल पर परिवेश को शब्दांकित करती हैं।
अखिलेश सेठी, कर्णेश्वर मानव सेवा संस्थान के सदस्यगण अंकित शर्मा, कृष्णगोपाल, रविंद्र हाड़ा, चंद्रदीप आमेरा, वीरेंद्र भानावत, हरीश सोनी, भगवती वर्मा, सुरेंद्र शर्मा अादि शामिल रहे। अंत में कर्णेश्वर मानव सेवा संस्थान अध्यक्ष मुकेश सोनी ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. बाबूलाल भाट ने किया।
कोटा| कर्णेश्वर मानव सेवा संस्थान कंसुआ धाम की अाेर से आयोजित इतिहासकार डॉ. जगतनारायण द्वारा लिखित पुस्तक कण्वाश्रम का विमाेचन रविवार काे कंसुआ धाम में किया। समाराेह में मुख्यअतिथि पूर्व सांसद इज्यराज सिंह ने कहा कि इतिहासकार डॉ. जगतनारायण द्वारा लिखित पुस्तक कण्वाश्रम कोटा में लिखा कि महर्षि कण्व ने प्राचीन काल में 4 दिशाओं में अपने जो आश्रम स्थापित किए थे उनमें पश्चिम दिशा में आश्रम का पुण्य स्थल होने का गौरव कोटा के कंसुआ को प्राप्त है। इस स्थली पर 8वीं सदी में प्रसिद्ध मौर्य नरेश ध्वल के सामंत शिवगण ने 795 विक्रमी (738 ई) में एक मंदिर का निर्माण किया था जो आज भी है। अध्यक्षता रहे श्रीराम रेयन्स के सीईअाे वीके जेटली ने स्थल की महत्ता बताई। अाॅर्कियाेलाॅजी सर्वे अाॅफ इंडिया के वरिष्ठ संरक्षण सहायक सुरेश कुमावत ने भी संबाेधित किया। कार्यक्रम में समाजसेवी जीडी पटेल, डॉ. सुषमा आहूजा, इंटेक कन्वीर