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नगर निगम ने 25 और वन विभाग ने एक करोड़ रुपए की जमीन से हटाया अतिक्रमण

2 वर्ष पहले
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कोटा | सीएडी मेन राेड के पास स्थित निगम की बकरामंडी की जमीन पर पिछले लंबे समय से हो रहे अतिक्रमण को अाखिरकार नगर निगम ने बुधवार काे हटा ही दिया। अतिक्रमियाें के कब्जे से मुक्त करवाई गई जमीन की कीमत करीब 25 कराेड़ रुपए बताई जा रही है। निगम ने वहां से मैदान साफ कर जमीन काे कब्जे में ले लिया।

उपायुक्त कीर्ति राठौड़ ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व अधिकारी रिंकल गुप्ता, राजस्व इंपेक्टर विजय अग्निहाेत्री, एईएन एक्यू कुरैशी, अतिक्रमण प्रभारी श्याम शर्मा काे माैके पर भेजा गया। बकरामंडी की जमीन पर अतिक्रमियों द्वारा पशुओं के 8 बाड़े, चाय की दुकान, टीनशेड लगाकर बनाई गई एक दुकान, टापरियां, भूसे के 6 स्टाॅक बना रखे थे। दो जेसीबी मशीन से पूरे अतिक्रमण काे ध्वस्त कर दिया।

पशुओं के बाड़े में मौजूद तकरीबन 150 भैंसों को भी हटाया गया तथा भूसे के स्टाॅक पर रखे भूसे को जब्त कर निगम की किशोरपुरा स्थित काॅयन हाउस पहंुचा दिया गया। बकरामंडी पर हो रहे अतिक्रमण के कारण यहां से होने वाली शुल्क राशि की आय का निगम को नुकसान हो रहा था। निगम द्वारा विगत दिनों बकरामंडी के लिए दो बार टेंडर किए गए, किन्तु यहां अतिक्रमण के चलते किसी ने भी टेंडर में भाग नहीं लिया। उपायुक्त ने बताया कि मण्डी की भूमि अब अवैध कब्जों से मुक्त हो चुकी है। शीघ्र ही यहां के लिए टेंडर किए जाएगा।

लाेगाें ने रास्ते तक बना लिए थे : मंडी के पास साजीदेहडा के कई मकानों के बाहर मंडी की जमीन पर अतिक्रमण कर रेम्प-सीढियां व चबूतरे बना लिए गए थे। उन्हें भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। फिर से अतिक्रमी काबिज ना हो इसकी सुरक्षा के लिए यहां बाउण्ड्री वाॅल, सडक, मुख्य द्वार व पानी के निकास की नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए निगम के निर्माण अनुभाग को निर्देश दे दिए हैं।

अतिक्रमी काे नाेटिस भेजा, जवाब नहीं दिया तो कार्रवाई की

लंबे समय बाद वन्यजीव विभाग ने अभेड़ा बायाेलाॅजिकल पार्क एरिया से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। बुधवार सुबह यहां विभाग ने पुलिस के सहयाेग से पार्क एरिया के पास नाले करीब एक कराेड़ की जमीन काे अतिक्रमण मुक्त किया। डीसीएफ डाॅ. सुनील चिद्री के निर्देशन पर सुबह जेसीबी की मदद से यहां लंबे समय से अतिक्रमण कर नाले पर निर्माण की सूचना पर विभाग ने अतिक्रमी काे नाेटिस दिया। लेकिन, जवाब नहीं मिलने पर जमीन पर नाेटिस लगाने अाैर मियाद के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। रेंजर धर्मराज ने बताया कि यहां नाले पर अतिक्रमण कर अतिक्रमी यहां मकान का निर्माण शुरू करवा रहा था। एसीएफ अनुराग भटनागर ने बताया कि नांता एरिया में कई लाेग वन भूमि पर अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहे हैं। एेसे में विभाग की अाेर से त्वरित कार्रवाई की है। उन्हाेंने बताया कि इस नाले पर अतिक्रमण हाेने से पार्क में बारिश का पानी भर जाता है। इससे की बाढ़ की अाशंका रहती है। इससे यहां लगे 10 हजार पाैधाें काे भी नुकसान का अंदेशा था। कार्रवाई के दाैरान मनाेज शर्मा, बुद्ध रामजाट, विनाेद यादव, बुद्धराजसिंह, ताराचंद, परमजीतसिंह, अनिता, मंजू सहित अन्य माैजूद रहे।

कोटा | सीएडी मेन राेड के पास स्थित निगम की बकरामंडी की जमीन पर पिछले लंबे समय से हो रहे अतिक्रमण को अाखिरकार नगर निगम ने बुधवार काे हटा ही दिया। अतिक्रमियाें के कब्जे से मुक्त करवाई गई जमीन की कीमत करीब 25 कराेड़ रुपए बताई जा रही है। निगम ने वहां से मैदान साफ कर जमीन काे कब्जे में ले लिया।

उपायुक्त कीर्ति राठौड़ ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व अधिकारी रिंकल गुप्ता, राजस्व इंपेक्टर विजय अग्निहाेत्री, एईएन एक्यू कुरैशी, अतिक्रमण प्रभारी श्याम शर्मा काे माैके पर भेजा गया। बकरामंडी की जमीन पर अतिक्रमियों द्वारा पशुओं के 8 बाड़े, चाय की दुकान, टीनशेड लगाकर बनाई गई एक दुकान, टापरियां, भूसे के 6 स्टाॅक बना रखे थे। दो जेसीबी मशीन से पूरे अतिक्रमण काे ध्वस्त कर दिया।

पशुओं के बाड़े में मौजूद तकरीबन 150 भैंसों को भी हटाया गया तथा भूसे के स्टाॅक पर रखे भूसे को जब्त कर निगम की किशोरपुरा स्थित काॅयन हाउस पहंुचा दिया गया। बकरामंडी पर हो रहे अतिक्रमण के कारण यहां से होने वाली शुल्क राशि की आय का निगम को नुकसान हो रहा था। निगम द्वारा विगत दिनों बकरामंडी के लिए दो बार टेंडर किए गए, किन्तु यहां अतिक्रमण के चलते किसी ने भी टेंडर में भाग नहीं लिया। उपायुक्त ने बताया कि मण्डी की भूमि अब अवैध कब्जों से मुक्त हो चुकी है। शीघ्र ही यहां के लिए टेंडर किए जाएगा।

लाेगाें ने रास्ते तक बना लिए थे : मंडी के पास साजीदेहडा के कई मकानों के बाहर मंडी की जमीन पर अतिक्रमण कर रेम्प-सीढियां व चबूतरे बना लिए गए थे। उन्हें भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। फिर से अतिक्रमी काबिज ना हो इसकी सुरक्षा के लिए यहां बाउण्ड्री वाॅल, सडक, मुख्य द्वार व पानी के निकास की नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए निगम के निर्माण अनुभाग को निर्देश दे दिए हैं।

भास्कर नाॅलेज: वन भूमि न खरीदंे, पट्टा नहीं मिलेगा

एक्सपर्ट का कहना कि शहर में कई लाेग लाेगाें काे गुमराह करते हुए वन भूमि पर प्लाट का बेचान कर रहे हैं। जाे उचित नहीं है। एेसी जमीन पर संबंधित व्यक्ति काे पट्टा तक नहीं मिलता साथ ही अन्य लाभ भी नहीं मिलते हैं। विभागीय कार्रवाई पर उस मकान अाैर निर्माण काे ध्वस्त किया जाता है। शहरवासी एेसी वन भूमि काे नहीं खरीदें।

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