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अफसरों ने दफ्तर में ही कर दिया वार्डाें का सीमांकन, एक वार्ड को दाे थानाें में बांटा

Kota News - नगर निगम में वार्डाें सीमांकन करके उनकी संख्या 65 से साै करने के बाद जिस प्रकार से कांग्रेस व भाजपा पार्षदाें की...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:35 AM IST
Kota News - rajasthan news officers demarcated wards in the office divided one ward into the police station
नगर निगम में वार्डाें सीमांकन करके उनकी संख्या 65 से साै करने के बाद जिस प्रकार से कांग्रेस व भाजपा पार्षदाें की अाेर से शिकायतें की जा रही हैं, उसमें काफी गड़बडियां सामने अा रही हैं। जिस प्रकार से वार्ड तैयार किए गए हैं, उसमें जगह काे देखा ही नहीं गया, बल्कि सड़क व रेल लाइन के दाेनाें अाेर के हिस्साें काे वार्ड में शामिल कर दिया, लाडपुरा का वार्ड रामगंजमंडी में मिला दिया। अापत्ति दर्ज करवाने वालाें का कहना है कि अधिकारियाें ने फील्ड में काम करवाने की जगह अाैफिस में बैठकर ही इनका निर्धारण कर दिया गया है। निगम में नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने भाजपा की अाेर से कांग्रेस के दबाव में वार्ड परिसीमन के अाराेप काे गलत बताया है। सुवालका ने कहा कि नगर निगम में काबिज वर्तमान भाजपा बाेर्ड अब तक का सबसे नकारा बोर्ड साबित हुआ है पूरे 5 साल भाजपा के नेताओं की लड़ाई में जनता छोटे कामों के लिए तरसती रही यहां तक कि विवाह पंजीयन,जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र तक सहूलियत से नहीं बना सके। आगामी नगर निगम चुनावों में हार का डर भाजपा के नेताओं को सता रहा है और वे परिसीमान में कांग्रेसी वार्ड बनाने का आरोप लगा रहे हैं। सुवालका ने कहा कि अब तक आयी आपत्तियों में सबसे ज्यादा आपत्तियां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई है।

सीमांकन नहीं, शहर की सीमा बढ़ाई जाए

पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि शहर के पुनगर्ठित वार्डों का निर्धारित सीमांकन करने के बजाय नगर निगम कोटा की सीमा भी बढाएं। पूर्व में 2003 के भाजपा शासनकाल में हमने नगर निगम कोटा की सीमा बढ़ाकर लगभग 25 गावों को नगर निगम में शामिल किया, वैसे ही अब भी निगम की सीमा बढ़ाते हुए कैथून नगर पालिका, जाखमूण्ड से लगे हुए बूंदी जिले के गांव तथा बारां रोड़ पर ताथेड़ तक नगर निगम कोटा की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। कैथून की छोटी सी नगर पालिका कोटा की नाक के नीचे है, कोटा शहर के सौंदर्यीकरण के साथ साथ कैथून तक चाैड़ा सीसी रोड़, लाईटें, शहर की पेयजल योजना से भी कैथून को जोड़ रहा है, सभी मूलभूत सुविधाएं भाजपा शासन में लोगों को मुहैया करवाई गई। अब चूंकि पूरे राज्य में नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगम में वार्डों की बढ़ोतरी का कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है लेकिन जब तक निगम की सीमाएं नहीं बढ़ेगी, वार्डों की बढ़ोतरी का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

बदल दिए इलाके : पार्षद बृजेश शर्मा नीटू ने कहा कि उनके वार्ड 39 के बल्लभबाड़ी क्षेत्र काे दाे भागाें में बांट दिया, कुछ हिस्सा सरस्वती काॅलाेनी गली 1 से 10 तक वार्ड 87 में एवं कुछ हिस्सा गायत्री विहार, गुलाब बाग, न्यू अाकाशवाणी कालाेनी वार्ड 100 में दर्शाया गया है, जबकि बल्लभबाड़ी काे एक साथ लेने से एक पूरा वार्ड बन सकता था। पार्षद इंदरमल जैन ने बताया कि गुलाबबाड़ी के दाे हिस्से कर दिए गए हैं, जिससे यहां रहने वालाें काे सड़क के इधर वालाें काे अलग-अलग वार्ड में रहना हाेगा। भाजपा के महामंत्री अरविंद सीसाेदिया ने बताया कि वार्ड परिसीमन में भारी अनियमितताएं हैं। उन्हाेंने कहा कि स्टेशन पर कैलाशपुरी व नेहरूनगर पटरी के दाेनाें किनाराें पर है, उन्हें एक वार्ड में शामिल कर दिया। इसी प्रकार वार्ड सात काे इतना बड़ा बना दिया कि वह धाकडखेड़ी से भामाशाह मंडी तक पहुंच गया है। इसी प्रकार गाेविंदनगर के भी दाे टुकड़े कर दिए गए हैं। नवनगठित वार्डों को बनाते समय अधिकारियों ने अनुदेशों एवं निदेशें की पालना नहीं की इससे वार्डों के क्षैत्रफल अन्यायपूर्ण एवं अव्यवहारिक हो गये है। गलत वार्ड गठन से शहर में आक्रोश फैला हुआ है।

50 शिकायतें हुई दर्ज : निगम में वार्डाें के सीमांकन काे लेकर ली जा रही शिकायताें की संख्या शनिवार काे 50 हाे गई। हालांकि अधिकारी इसकी संख्या 60 बता रहे हैं, लेकिन अापत्तियाें के रजिस्टर में 50 शिकायतें दर्ज हैं, जिसमें काेटा उत्तर में 15, दक्षिण में 20, लाडपुरा में 14 व रामगंजमंडी में 1 है। शनिवार काे पांच अापत्तियां दर्ज हुई। इसमें कृष्ण गाेपाल माहेश्वरी, दीपक सेन, ललित कुमार व रामचंद्रकुमार के नाम शामिल है। उन्हाेंने पांच अापत्तियां दर्ज करवाई है। साेमवार काे अापत्तियां दर्ज करवाने के लिए अंतिम दिन है। मंगलवार से इनकी छंटनी व जांच शुरू हाे जाएगी। 21 जुलाई की शाम तक सभी अापत्तियाें पर सुनवाई करने के बाद सूची 22 काे राज्य सरकार के पास भेज दी जाएगी। इस काम काे देख रहे निगम के अधिकारियाें के अनुसार जिस प्रकार से शिकायतें अा रही है, उसमें गलियां इधर से उधर करने व सडकाें काे छाेड देने, एक वार्ड दाे थाना क्षेत्र में हाे जाने जैसी है। एक बड़ी शिकायत है जिसमें लाडपुरा विधानसभा का गांव पूनिया देवरी काे रामगंजमंडी के वार्ड में जाेड़ दिया गया। इसमें लिखने की गलती मानी गई है। यह गांव है ताे लाडपुरा विधानसभा के वार्ड में ही पर इसे लिख दिया रामगंजमंडी क्षेत्र के वार्ड में, इसे ठीक किया जा रहा है। पार्षदाें काे नक्शे नहीं मिलने के बारे में अधिकारियाें का कहना है कि महापाैर व उपमहापाैर काे नक्शे उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

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