राज्य में 1.19 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन
कोटा दक्षिण से भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में सरकारी भर्तियाें में हो रहे विलंब का मुद्दा उठाया। प्रश्नकाल में विधायक शर्मा ने सरकार से इस विषय पर कई सवाल किए, जवाब मांगे।
जवाब में सरकार की ओर से मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि भर्तियों के लिए समय सीमा सुनिश्चित करना संभव नहीं है। विधायक ने कहा कि पिछली सरकार की भर्तियां शेष है, जिन पर अभी तक नियुक्तियां नहीं हो पाई। पिछली सरकार की 33829 पदों को मौजूदा सरकार ने निरस्त कर दिया। सरकार ने वर्ष 2019 के बजट में 75 हजार भर्तियां करने की घोषणा की थी। इनकी वर्तमान प्रगति क्या है? जवाब में मंत्री कल्ला ने कहा कि 33829 विद्यालय सहायकों का विज्ञापन जारी किया था, उसे सरकार ने ही निरस्त कर दिया। इसके बाद कुल मिलाकर 2 लाख 6 हजार 764 पद की विज्ञप्तियां पूर्ववती सरकार ने अपने कार्यकाल में जारी की थी। उसमें से पूर्ववती सरकार के वक्त में नियुक्तिया मात्र 1 लाख 4 हजार 482 पदों पर हुई। हमारी सरकार आने के बाद 33200 नियुक्तियां दी जा चुकी है, विज्ञापन किसी भी वक्त जारी होता है, नियुक्तियां किस वक्त होती है, वह गिनी जाती है। वर्तमान सरकार ने काफी नियुक्तियों पर कार्यवाही की है। वर्तमान में 24797 पदों के साक्षात्कार प्रस्तावित है, 592 पदों के लिए परीक्षा हो चुकी, परिणाम जारी करना शेष है, 7023 पद विज्ञापन प्रकाशित हो चुके हैं, 25936 पदों के विज्ञापन जारी होना शेष है, 7281 पदों के मामले न्यायालय में लंबित है। विधायक ने कहा कि आरएएस 2018 और लैब टैक्निशियन की परीक्षा के रिजल्ट अब तक नहीं आए हैं तथा एलडीसी 2018 का रिजल्ट आ चुका है, लेकिन नियुक्ति नहीं दी गई है। इस मामले के अंत में सरकार की ओर से मंत्री ने बताया कि कुल मिलाकर 1 लाख 19 हजार 778 पदों पर भर्ती प्रकियाधीन है। इसे बहुत शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर विधायक ने राज्य सरकार से भर्ती की प्रकिया की नियमित माॅनिटरिंग कर निश्चित समय सीमा में इन्हें पूरा करवाने के लिए एक कमेटी बनाने की मांग रखी।
परवन सिंचाई परियाेजना के किसानाें काे डीएलसी दर से हाेना चाहिए भुगतान
सांगाेद विधायक भरत िसंह ने विधानसभा में मामला उठाया कि परवन सिंचाई परियाेजना में जाे गांव डूब क्षेत्र में अा रहे हैं, उन्हें वर्ष 2012 की डीएलसी दर से भुगतान दिया जा रहा है, जाे 1 से 4 लाख रुपए है, ये काफी कम है। इसकी बजाय वर्ष 2020 की डीएलसी दर से मुअावजा दिया जाए। बांध वर्ष 2022 में पूरा हाेगा। छीपाबड़ाैद के गांव ब्लंडी काे भी मुअावजा दिया जाए, वाे गांव पूरा टापू बन गया।
विधायक भरत सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र धुलेट में रियासतकालीन पुलिया काे एनीकट बनाने की कार्य याेजना पर सवाल किया। इसमें उन्हाेंने जल संसाधन मंत्री से पूछा कि इससे भूजल वृद्धि में क्या लाभ मिला। इस पर राज्य सरकार के ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने जवाब दिया कि एनीकट नहीं बनाए जाने पर पुलिया क्षतिग्रस्त हाेने तथा भविष्य में लागत अधिक अाने की संभावना है।