दर्शन एक्सप्रेस के जिस कोच में अाग लगी, उसको ठीक कर दाैड़ा दी ट्रेन

Kota News - ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | कोटा निजामुद्दीन से पुणे जाने वाली दर्शन एक्सप्रेस के जिस कोच में अाग लगी थी, उसी को...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:25 AM IST
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ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | कोटा

निजामुद्दीन से पुणे जाने वाली दर्शन एक्सप्रेस के जिस कोच में अाग लगी थी, उसी को दुरुस्त कर तुरत-फुरत में अागे के लिए दाैड़ा दिया गया। ट्रेन कोटा में लगभग सवा दो घंटे लेट पहुंची।

निजामुद्दीन-पुणे दर्शन एक्सप्रेस शुक्रवार को रात को लगभग 9.35 बजे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। 30 मिनट बाद जब ट्रेन फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के अाउटर पर पहुंची तो कोच बी-10 के बैटरी के पास अाग लग गई। यात्रियों को जब कोच में अाग लगने का पता लगा तो अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने बचने के लिए चेन पुलिंग की। ट्रेन रुकने पर यात्री जंगल में ही कोच से कूदने लगे। इस दाैरान यात्रियों ने एक-दूसरे का सहयोग किया। कोच की इमरजेंसी खिड़की तोड़ी गई। यात्रियों का सामान उस खिड़की से बाहर निकाला गया। कोच में तैनात डिप्टी सीटीअाई विवेक कश्यप व अन्य ने कोच में लगे फायर इंस्ट्रूग्यूशर से अाग को बुझाने का काम शुरू किया। कोच में कोटा सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर जाने वाले लगभग 64 यात्री सवार थे। ट्रेन फरीदाबाद के पास ही लगभग तीन घंटे रुकी रही। पहले यह चर्चा चली कि दिल्ली से दूसरा एसी कोच अा रहा है। ट्रेन से उस कोच को अलग कर दिया जाएगा, जिसमें अाग लगी। लेकिन काफी समय तक जब कोच नहीं अाया तो ट्रेन को अागे बढ़ा दिया गया। साथ ही मथुरा के कैरिंज एंड वैगन विभाग को सूचना दी गई कि कोच बी-10 को अटेंड करना है। मथुरा में कैरिंज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों ने कोच की इमरजेंसी खिड़की पर प्लाईवुड लगाकर उसे बंद कर दिया। बैटरी की तरफ भी काम किया गया। इस कार्य में लगभग 50 मिनट लगे। ट्रेन कोटा लगभग सवा दो घंटे लेट अाई। कोटा में ये ट्रेन सामान्य दिनों तड़के तीन बजे पहुंचती है, लेकिन ट्रेन सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर पहुंची।

कोटा रेलवे वर्कशाॅप में तैयार वाटर टैंकर ट्रेन का एक अाैर रैक चैन्नई जाएगा, पहले भी भेजा रैक

कोटा रेलवे वर्कशाप में तैयार 50 वाटर टैंकर वैगन से बनी ट्रेन चैन्नई भेजी जाएगी। अभी वैगनों को तैयार किया जा रहा है। 7 दिन पूर्व इसी कारखाने में तैयार 50 वैगनों का रैक चैन्नई भेजा जा चुका है। उस रैक से चैन्नई में पानी भेजने का काम शुरू हो चुका है। पानी सप्लाई के लिए तैयार हाे रहे वैगन को शनिवार को रेलवे बोर्ड के वित्त अायुक्त विजय कुमार ने देख रेलकर्मियों की मेहनत की सराहना की।

तमिलनाडु सरकार ने चैन्नई व अन्य स्थानों पर पानी की किल्लत देखते हुए वाटर टैंक उपलब्ध करवाने की मांग की थी। रेलवे बोर्ड ने कोटा वर्कशाप को खाद्य तेल परिवहन के उपयोग किए जा रहे बीटीपीएन वैगन को पानी परिवहन के लिए उपयुक्त बनाने का काम साैंपा था। दो रैक कोटा रेलवे वर्कशाप में तैयार हाेने थे। एक रैक 6 जुलाई को कारखाना प्रशासन ने परिचालन विभाग को साैंपी थी। अब दूसरे रैक का काम चल रहा है। दूसरा रैक 20 जुलाई को परिचालन विभाग को साैंप दिया जाएगा। कारखाना प्रबंधक मनीष गुप्ता ने बताया कि एक टैंकर वैगन की क्षमता लगभग 54000 लीटर पानी ले जाने की है। वित्त अायुक्त विजय कुमार ने वैगन के अंदर से सफाई करने के तरीके में कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की।


ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | कोटा

निजामुद्दीन से पुणे जाने वाली दर्शन एक्सप्रेस के जिस कोच में अाग लगी थी, उसी को दुरुस्त कर तुरत-फुरत में अागे के लिए दाैड़ा दिया गया। ट्रेन कोटा में लगभग सवा दो घंटे लेट पहुंची।

निजामुद्दीन-पुणे दर्शन एक्सप्रेस शुक्रवार को रात को लगभग 9.35 बजे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। 30 मिनट बाद जब ट्रेन फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के अाउटर पर पहुंची तो कोच बी-10 के बैटरी के पास अाग लग गई। यात्रियों को जब कोच में अाग लगने का पता लगा तो अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने बचने के लिए चेन पुलिंग की। ट्रेन रुकने पर यात्री जंगल में ही कोच से कूदने लगे। इस दाैरान यात्रियों ने एक-दूसरे का सहयोग किया। कोच की इमरजेंसी खिड़की तोड़ी गई। यात्रियों का सामान उस खिड़की से बाहर निकाला गया। कोच में तैनात डिप्टी सीटीअाई विवेक कश्यप व अन्य ने कोच में लगे फायर इंस्ट्रूग्यूशर से अाग को बुझाने का काम शुरू किया। कोच में कोटा सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर जाने वाले लगभग 64 यात्री सवार थे। ट्रेन फरीदाबाद के पास ही लगभग तीन घंटे रुकी रही। पहले यह चर्चा चली कि दिल्ली से दूसरा एसी कोच अा रहा है। ट्रेन से उस कोच को अलग कर दिया जाएगा, जिसमें अाग लगी। लेकिन काफी समय तक जब कोच नहीं अाया तो ट्रेन को अागे बढ़ा दिया गया। साथ ही मथुरा के कैरिंज एंड वैगन विभाग को सूचना दी गई कि कोच बी-10 को अटेंड करना है। मथुरा में कैरिंज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों ने कोच की इमरजेंसी खिड़की पर प्लाईवुड लगाकर उसे बंद कर दिया। बैटरी की तरफ भी काम किया गया। इस कार्य में लगभग 50 मिनट लगे। ट्रेन कोटा लगभग सवा दो घंटे लेट अाई। कोटा में ये ट्रेन सामान्य दिनों तड़के तीन बजे पहुंचती है, लेकिन ट्रेन सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर पहुंची।

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