13 साल की बेटी के सिर पर बांधी जिम्मेदारियों की पगड़ी
फोटो में नजर आ रहा यह मासूम चेहरा 13 वर्षीय टीना का है। मेज नदी में बस गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में टीना जीवित बच गई थी, लेकिन पूरा परिवार खो बैठी। इसकी उम्र अभी खेलने-कूदने की है, लेकिन इसके सिर पर अब पगड़ी बंध गई है।
यह सामान्य पगड़ी नहीं है, यह जिम्मेदारियों और परिवार में सबसे बड़े होने की निशानी है। अब टीना पर परिवार की बागडोर है, परिवार की साख को समाज में बनाए रखने की वो बड़ी जिम्मेदारी है, जो उसके पिता सुरेश पर थी। यह भी महज संयोग है कि रविवार के दिन 8 मार्च को महिला दिवस भी था। महिला दिवस नारी शक्ति का अहसास करवाता है और टीना के सिर पर बंधी यह पगड़ी उसे हिम्मत देगी भविष्य में आने वाली हर चुनौती से लड़ने की। दरअसल, मेज नदी में बस गिरने से हुए दर्दनाक हादसे को 12 दिन पूरे हो गए हैं। 23 मौतों के गम से परिजन ताउम्र नहीं उबर सकते, लेकिन उन्हें धर्म, परिवार, समाज और संसार के रीति-रिवाज तो निभाने ही पड़ेंगे। इन्हीं रस्मों-रिवाजों काे निभाते हुए स्व. बाबूलाल के परिवार में रविवार को पगड़ी रस्म निभाई गई। बसंत विहार में सर्व-समाज, रिश्तेदारों, समाजबंधुओं और माेहल्ले वालों की मौजूदगी में हादसे में मृतक सुरेश की 13 वर्षीय बेटी टीना को पगड़ी बांधी गई। पहली पगड़ी सर्व-समाज की तरफ से बांधी गई।
14 जनों के परिवार में 7 महिलाओं और 3 पुरुषों की हुई थी मौत
बसंत विहार के इस घर में रहने वाले 10 जनों की 26 दिसंबर को मेज नदी पर हुए दर्दनाक हादसे में अकाल मौत हो गई थी। परिवार के मुखिया बाबूलाल की कुछ वर्षों पहले हुई मौत के बाद इस घर की बागडोर उनकी प|ी बुजुर्ग बजरंगी बाई के हाथों में थी। इस दर्दनाक हादसे में बजरंगी बाई की मौत हो गई। इसके अलावा बेटे सुरेश, सुरेश की प|ी रूपाली, पोते राहुल, पोती अजंली की मौत हो गई। सुरेश की बेटी 13 वर्षीय टीना हादसे में बच गई थी। वहीं, दूसरे बेटे मुरली अौर मुरली का बेटा अमित इस हादसे में बचा है। मुरली की प|ी कांता, बेटी वर्षा, बेटी सोनिया और सोनिया का पति जीतू निवासी बूंदी और उनकी बेटी कन्नू की इस हादसे में मौत हो गई है। वहीं, सोनिया और जीतू की बेटी जिया इस हादसे में बच गई है। पूरे हादसे में मुरली, अमित, टीना और जिया सिर्फ यह चार लोग जीवित बचे हैं।
_photocaption_अब टीना के सिर पर है परिवार की जिम्मेदारी।*photocaption*