सवा साल पहले 27 किलो सोना लूटने वाले गिरोह के मास्टर माइंड मनीष का एनकाउंटर

Kota News - क्राइम रिपोर्टर | कोटा/हाजीपुर नयापुरा स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा में पिछले साल 22 जनवरी को 8 करोड़...

Mar 17, 2019, 04:41 AM IST
क्राइम रिपोर्टर | कोटा/हाजीपुर

नयापुरा स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा में पिछले साल 22 जनवरी को 8 करोड़ कीमत का 27 किलो सोना लूट की वारदात को अंजाम देने वाला मास्टर माइंड मोस्ट वांटेड मनीष सिंह एनकाउंटर में मारा गया। एनकाउंटर बिहार स्थित महनार थाना क्षेत्र के बहलोलपुर के पलवैया दियारा क्षेत्र में हुआ। मनीष के दो साथी भी मारे गए हैं और तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मारे गए बदमाशों के शरीर से पुलिस को लूटा हुआ करीब एक किलो सोना मिला है। सभी के पास लगभग 30 लाख रुपए से अधिक के आभूषण थे। पुलिस को अभी सिर्फ इतना ही सोना बरामद हो सका है।

बिहार पुलिस की खुफिया इकाई को जानकारी मिली थी कि एक दर्जन कुख्यात अपराधी इस स्थान पर जमा हुए हैं। रात भर घेराबंदी के बाद शनिवार सुबह से पुलिस किसी हलचल की फिराक में थी। सुबह सवा सात बजे के करीब 2 अपराधी बाहर निकले तो पुलिस ने माइक के जरिए कुछ दूरी से रुकने को बोला तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से आधे घंटे तक 500 राउंड गोलियां चलती रही। तीन अपराधियों के ढेर हो जाने के बाद फायरिंग रुक गई। पुलिस ने एहतियातन पूरे इलाके को सील कर छापेमारी शुरू की। इस दौरान झोपड़ी नुमा घर से 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। मरने वाले अपराधियों में नगर थाना क्षेत्र के हथसार गंज निवासी मनीष सिंह, मुजफ्फरपुर के राजकुमार उर्फ अब्दुल इमाम व समस्तीपुर के मथुरापुर निवासी तिवारी जी उर्फ अब्दुल अमन शामिल है। वहीं, पकड़े गए 3 अपराधियों में जुड़ावनपुर के विनोद कुमार सिंह, पटना के सलीमपुर के मुकेश कुमार कुशवाहा व महनार के बच्चु साह है।

जब्त हथियार।

सबसे बड़ा सवाल

लूटा गया 27 किलो सोना कहां गया?

कोटा पुलिस ने इस केस में दो शातिर बदमाशों उत्तरप्रदेश के मउ जिले के सुशील कुमार और यूपी के जौनपुर के गुलाब सिंह को दिल्ली के पालम थाना क्षेत्र से वारदात के एक माह बाद गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस अभी तक सोना बरामद नहीं कर सकी है।

अब मनीष की मौत की खबर के बाद यह सवाल वापस उठ चुका है कि कोटा के लोगों का लूटा गया 27 किलो सोना क्या वापस आएगा या नहीं?

एसपी िढल्लो ने कहा- पूछताछ में होंगे कई अहम खुलासे

गैंग ने देशभर में की थी करोड़ों की लूट

राघोपुर थाना क्षेत्र का निवासी मनीष सिंह सोना लूटने वाली गैंग का लीडर था। वह पिछले 15 सालों से नगर थाना क्षेत्र के हथसार गंज में रहता था। पहले किराए के मकान में रहता था। बाद में उसने एक मकान खरीदा। मनीष के गिरोह ने 2014 से लेकर 2018 तक कई बड़े शहरों में सोना लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। इनमें बेंगलुरु, कोलकाता, मध्य प्रदेश व राजस्थान में जयपुर और कोटा में हुई सोना लूट मुख्य रूप से शामिल है। मारा गया राजकुमार उर्फ अब्दुल इमाम गैंग में दूसरे नंबर पर था। गैंग का प्रत्येक अपराध वह अपनी देख-रेख में ही करवाता था। इमाम ने सुशील सिंह की हत्या में शूटर का काम किया था। मनीष सिंह का बड़ा भाई ही इसको अपराध की दुनिया मे लाया था।

जंगल के बीच बनाई झोपड़ी में था 5 स्टार होटल

मनीष ने पुलिस को चकमा देने के लिए गुप्त अड्डे के रूप में बहलोलपुर के बरुआ गांव को चुना। बरुआ गांव में दूर-दूर तक लोग नहीं होते हैं। जंगल के बीचो बीच झोपड़ी किसी को दिखाई भी नहीं देती थी। झोपड़ी नुमा घर में 5 स्टार होटल जैसी सुविधाएं है। हेलीपेड भी है, बदमाश यहां कई बार हेलीकॉप्टर से भी आ-जा चुके है। नदी के किनारे अपनी नाव और गांव में करीबी के यहां लग्जरी गाड़ी सहित अन्य सुविधाएं भी थीं।

बिहार में वैशाली जिले के एसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि पुलिस के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। पुलिस काफी दिनों से इस गैंग के पीछे लगी थी। पकड़े गए अपराधियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है इस गैंग के देश भर में तार जुड़े हुए है। इसमें और भी गिरफ्तारी व बरामदगी हो सकती है।

गांव के लोगों को भी लूट का सोना देते थे






मारा गया अपराधी।

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